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बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान के बेटे जुनैद खान ने पहली बार उस दबाव पर खुलकर बात की है, जिसके बारे में अक्सर स्टार किड्स चुप रहना पसंद करते हैं. जुनैद ने माना कि वह चाहे जितनी मेहनत कर लें, लोग उन्हें लंबे समय तक सिर्फ ‘आमिर खान का बेटा’ ही कहेंगे. उन्होंने यहां तक कह दिया कि पिता के स्टारडम तक पहुंचने में उन्हें पूरी जिंदगी लग सकती है. लेकिन क्या ये सिर्फ एक बेटे की विनम्रता है या फिर लगातार मिल रही तुलना का दर्द? फिल्मों में धीमी शुरुआत, आलोचनाएं और अपनी अलग पहचान बनाने की जद्दोजहद के बीच जुनैद का ये बयान अब खूब चर्चा बटोर रहा है.

नई दिल्ली. बॉलीवुड के परफेक्शनिस्ट आमिर खान के बेटे जुनैद खान ने इंडस्ट्री में कदम रखने के बाद पहली बार अपने स्टार किड टैग और पहचान को लेकर खुलकर बात की है. साई पल्लवी के साथ फिल्म ‘एक दिन’ की प्रमोशन के दौरान जुनैद ने स्वीकार किया कि वह कभी भी ‘आमिर खान के बेटे’ वाली पहचान से बाहर नहीं निकल पाएंगे. यह बयान फिल्म इंडस्ट्री में चर्चा का विषय बन गया है.

आमिर खान के बेटे के तौर पर पहचान को लेकर जुनैद ने खुलकर बात की है, जिसमें उन्होंने कबूल किया कि उनके पिता का साया इतना बड़ा है कि उससे बाहर निकलने में उन्हें पूरी जिंदगी लग जाएगी.

हाल ही में एक बातचीत में साई पल्लवी ने जुनैद से पूछा कि क्या कभी उन्हें आमिर खान के बेटे होने की वजह से आइडेंटिटी क्राइसिस हुआ है? जवाब में जुनैद ने कहा, ‘आमिर खान के बेटे होने की छाया को आप कभी आउटग्रो नहीं कर पाएंगे. यह न तो पॉजिटिव है और न ही नेगेटिव. उन्होंने 35 साल से स्टारडम हासिल किया है. मैं इतनी जल्दी उनकी बराबरी नहीं कर सकता. मुझे वहां पहुंचने में पूरी जिंदगी लग जाएगी. इसलिए आने वाले समय में, चाहे मैं कितना भी अच्छा काम कर लूं, लोग मुझे हमेशा आमिर खान का बेटा ही कहेंगे.’
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जुनैद खान ने आगे कहा, वह सिर्फ ऐसे फिल्म सेट्स का हिस्सा बनना चाहते हैं, जहां काम करने में खुशी मिले. उन्होंने आगे कहा कि मैं ऐसे प्रोजेक्ट करना चाहता हूं, जो मुझे सच में पसंद हों. उन्होंने बताया कि अब तक उनका अनुभव अच्छा रहा है और खास तौर पर ‘महाराज’ की शूटिंग उनके लिए बेहद शानदार रही.

जुनैद ने साल 2024 में नेटफ्लिक्स फिल्म ‘महाराज’ से डेब्यू किया. यह फिल्म 1862 के महाराज लिबल केस पर आधारित थी. फिल्म में जयदीप अहलावत, शालिनी पांडे और शरवरी भी अहम किरदार में नजर आईं थीं. फिल्म को परफॉर्मेंस के लिए सराहा गया, हालांकि जुनैद को खास कमर्शियल ब्रेक नहीं मिला. इसके बाद उन्होंने 2025 में खुशी कपूर के साथ ‘लव यापा’ से थिएटर में डेब्यू किया, लेकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास नहीं चल पाई.

हाल ही में उनकी तीसरी फिल्म ‘एक दिन’ सिनेमाघरों में है, जिसने 1 मई, 2026 को रिलीज के साथ मिली-जुली प्रतिक्रियाएं प्राप्त की हैं और अब तक लगभग 3 करोड़ रुपये ही कमाए हैं. फिल्म आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी है और सुनील पांडे ने डायरेक्ट किया है. रिलीज के बाद फिल्म को मिक्स्ड टू नेगेटिव रिव्यूज मिले. डोमेस्टिक बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन सिर्फ ₹1.15 करोड़ की कमाई की, जो ‘लवयापा’ के ओपनिंग के बराबर है.

जुनैद अपनी फिल्मों में परफॉर्मेंस सुधारने और बैक-एंड वर्क पर फोकस करने की बात कर रहे हैं. वे कहते हैं कि उन्हें एंजॉयेबल सेट्स पर काम करना पसंद है. बॉलीवुड में स्टार किड्स पर हमेशा अतिरिक्त प्रेशर रहता है. जुनैद खान ईमानदारी से इस सच्चाई को स्वीकार कर रहे हैं और अपनी राह बनाने की कोशिश कर रहे हैं.

वहीं, आमिर खान ने अपने बेटे की मेहनत की तारीफ की है. उन्होंने कहा कि जुनैद कभी उन पर निर्भर नहीं रहा और अपनी राह खुद बनाना चाहता है. जुनैद को ट्रैवलिंग करते हुए ऑटो में भी देखा गया है, जो उनकी ग्राउंडेड पर्सनालिटी को दर्शाता है. हाल ही में ‘एक दिन’ के इवेंट में आमिर भावुक होकर रो पड़े और साई पल्लवी को देश की बेस्ट एक्ट्रेस बताया.

