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शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले फिल्म डॉन 3 को छोड़ने पर रणवीर सिंह विवादों में हैं. फिल्म से अचानक पीछे हटने के कारण फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज ने उन पर बैन लगा दिया है, जिससे पूरी इंडस्ट्री हैरान है. अब इस विवाद में फिल्ममेकर संजय गुप्ता की एंट्री हुई है. उन्होंने रणवीर सिंह का खुलकर समर्थन करते हुए फेडरेशन के इस फैसले को पूरी तरह बेतुका बताया है. संजय गुप्ता ने तीखे सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर इस बैन का क्या मतलब बनता है?

नई दिल्ली. फरहान अख्तर की फिल्म डॉन 3 की शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले बॉलीवुड स्टार रणवीर सिंह विवादों में आ गए हैं. फिल्म से अचानक खुद को अलग करने की वजह से फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज ने उन पर बैन लगा दिया है, जिससे इंडस्ट्री में नई बहस छिड़ गई है.

फेडरेशन के इस बड़े फैसले के बाद अब फिल्ममेकर संजय गुप्ता रणवीर सिंह के सपोर्ट में उतरे हैं और उन्होंने एक्टर पर लगाए गए इस बैन को पूरी तरह गलत बताते हुए इस पर कड़े सवाल उठाए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि किसी बड़े अभिनेता को बैन करने का असर सिर्फ उस एक्टर पर नहीं पड़ता, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े सैकड़ों कामगारों की रोजी-रोटी पर भी पड़ता है.

दरअसल, एफडब्ल्यूआईसीई ने रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी किया है. यह फैसला तब लिया गया, जब फिल्म ‘डॉन 3’ के निर्माताओं फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी ने फेडरेशन से शिकायत की. शिकायत में कहा गया कि रणवीर सिंह के अचानक फिल्म छोड़ने की वजह से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है. बताया गया कि निर्माताओं को लगभग 45 करोड़ रुपए का नुकसान झेलना पड़ा.
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संजय गुप्ता ने इस पूरे मामले पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी राय रखते हुए कहा, ‘जब कोई ए-लिस्ट एक्टर किसी फिल्म की शूटिंग करता है, तो सेट पर लगभग 300 लोग काम करते हैं. इनमें स्पॉट बॉय, लाइटमैन, कैमरा टीम, मेकअप आर्टिस्ट, कॉस्ट्यूम स्टाफ और कई दूसरे कर्मचारी शामिल होते हैं.’

उन्होंने लिखा, ‘अगर किसी एक्टर को बैन कर दिया जाता है, तो सिर्फ एक्टर का काम नहीं रुकता, बल्कि उन सैकड़ों लोगों की रोजी-रोटी भी प्रभावित होती है, जो फिल्म इंडस्ट्री पर निर्भर रहते हैं.’ संजय गुप्ता ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘किसी बड़े एक्टर को रोकने से शायद वह पूरी तरह प्रभावित न हो, लेकिन उसके साथ काम करने वाले कर्मचारी बेरोजगार हो सकते हैं. आखिर ऐसे फैसलों का क्या मतलब है.’

इस पूरे विवाद को लेकर एफडब्ल्यूआईसीई के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया था कि रणवीर सिंह ने शूटिंग शुरू होने से सिर्फ तीन हफ्ते पहले फिल्म छोड़ने का फैसला किया. उस समय तक फिल्म की लगभग सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं. शूटिंग की लोकेशन तय हो चुकी थी, होटल बुक किए जा चुके थे और शूटिंग की परमिशन भी ले ली गई थी.’

अशोक पंडित ने कहा, ‘इतनी बड़ी फिल्म के लिए पहले से काफी पैसा खर्च किया जा चुका था. ऐसे में रणवीर के अचानक पीछे हटने से निर्माताओं कोआर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. इस नुकसान से निर्माताओं के साथ-साथ पूरी टीम प्रभावित होती है. फेडरेशन ने रणवीर सिंह से कई बार बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद यह फैसला लिया गया.’

वर्क फ्रंट की बात करें तो रणवीर सिंह पिछली बार स्पाई थ्रिलर मूवी धुरंधर 2 में नजर आए थे. इसमें उन्होंने भारतीय जासूस का किरदार निभाकर महफिल लूट ली. रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ मूवी दुनियाभर में 1800 करोड़ के कलेक्शन के साथ भारत की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन चुकी है.

