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Bollywood Actor Arrest: हत्या के एक मामले में दोषी ठहराया गया एक दोषी जो 2014 में पैरोल से फरार चल रहा था उसे आखिरकार पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है.ये दोषी बॉलीवुड फिल्मों के कुछ बड़े प्रोडक्शन हाउस की फिल्में में को एक्टर के तौर पर काम कर चुका है. उसे 12 साल बाद अहमदाबाद में गिरफ्तार कर लिया गया.
बॉलीवुड में काम करने वाला एक एक्टर जो पिछले 12 साल से फरार चल रहा था उसे गुजरात पुलिस ने अरेस्ट किया है. (फोटो:AI)
अहमदाबाद में 2005 में हत्या और दंगे के मामले में दोषी ठहराया गया एक शख्स जिसने पैरोल पर बाहर आने के बाद अपनी पहचान बदलकर बॉलीवुड और गुजराती फिल्मों में सहायक अभिनेता के तौर पर काम करना शुरू कर दिया था. उस हत्यारे को 12 साल बाद गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस के मुताबिक यह शख्स हेमंत मोदी (53) है जो अहमदाबाद के नारोडा का रहने वाला है.
क्राइम ब्रांच ने बुधवार को उसे अहमदाबाद के घीकांटा मेट्रो स्टेशन के पास एक घर से पकड़ा. हेमंत मोदी मेहसाणा जिला जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा था और साल 2014 में गुजरात हाईकोर्ट ने उसे 30 दिन की पैरोल दी थी लेकिन वह समय पर वापस जेल नहीं लौटा जिसके बाद हाई कोर्ट ने जुलाई 2014 में उसे पैरोल जंपर घोषित कर दिया.
किन-किन बॉलीवुड फिल्मों में किया काम?
पैरोल से फरार होने के बाद उसने अपना नाम बदल लिया और हिंदी व गुजराती फिल्मों, वेब सीरीज और नाटकों में सहायक भूमिकाएं करने लगा. आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वह करीब 10 साल तक फरार रहते हुए भी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में काफी सक्रिय रहा. वह अमिताभ बच्चन और आमिर खान के साथ फिल्म ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ और रणवीर सिंह के साथ ‘जयेशभाई जोरदार’ में दिखाई दिया. थिएटर में भी उसने ‘युगपुरुष’ और ‘गांधी विरुद्ध गोडसे’ जैसे नाटकों में अभिनय किया.
कैसे बचता रहा हेमंत
फिल्मों, वेब सीरीज और सीरियल्स में लगातार पब्लिक फेसिंग करियर होने के बावजूद वह पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा, जब तक कि क्राइम ब्रांच ने उसे ट्रेस कर गिरफ्तार नहीं कर लिया. क्राइम ब्रांच ने बताया कि उसे मेहसाणा जिला जेल में सौंपा जाएगा, जहां वह अपनी बची हुई सजा पूरी करेगा.
2005 के मामले में हेमंत मोदी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 (हत्या), 324 (खतरनाक हथियार से चोट पहुंचाना), 147 और 148 (दंगा और घातक हथियार से दंगा), 149 (अवैध सभा) और 120(B) (आपराधिक साजिश), के साथ-साथ बॉम्बे पुलिस एक्ट की धारा 135(1) के तहत केस दर्ज किया गया था, जो पुलिस के प्रतिबंधात्मक आदेशों के उल्लंघन से जुड़ा है.

