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साल 1981 को बॉलीवुड में एक सुनहरे दौर के तौर पर याद किया जाता है, जब बॉक्स ऑफिस पर न सिर्फ अभिनेताओं बल्कि अभिनेत्रियों का भी जलवा रहा. इस साल बॉलीवुड की चार दिग्गज अभिनेत्रियों (हेमा मालिनी, परवीन बॉबी, जीनत अमान और रीना रॉय) ने अपनी खूबसूरती, अभिनय और बेमिसाल स्क्रीन प्रेजेंस से सिनेमाघरों में पैसों की बाढ़ ला दी. इन चारों अभिनेत्रियों ने एक ही साल में एक या दो नहीं, बल्कि बैक-टू-बैक ब्लॉकबस्टर और सुपरहिट फिल्में दीं, जिससे पूरा बॉक्स ऑफिस उनके पीछे पड़ गया. ‘क्रांति’ की शान से लेकर ‘नसीब’, ‘लावारिस’ और ‘रॉकी’ के क्रेज तक, 1981 इन अभिनेत्रियों के नाम रहा. आइए जानते हैं इन चार महिला सुपरस्टार की सफलता की पूरी कहानी.

नई दिल्ली. लोग आमतौर पर सोचते हैं कि 80 का दशक सिर्फ ‘एंग्री यंग मैन’ अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र या विनोद खन्ना जैसे एक्शन हीरो के बारे में था, लेकिन असलियत काफी अलग है. 1981 के बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड इस बात का एक बड़ा उदाहरण हैं कि फिल्मों को ब्लॉकबस्टर बनाने में एक्ट्रेस ने कितना अहम रोल निभाया. उस साल रिलीज हुई टॉप 6 फिल्मों की लिस्ट देखने से पता चलता है कि मेकर्स सिर्फ हीरो के नाम पर इन्वेस्ट नहीं कर रहे थे, बल्कि 4 फीमेल सुपरस्टार के नाम डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए मुनाफे की सबसे बड़ी गारंटी बन गए थे. तो आइए, 1981 की इन 4 सबसे सफल एक्ट्रेस के बारे में आपको विस्तार से बताते हैं, जिन्होंने अपने स्टारडम से इतिहास रच दिया था.

1. हेमा मालिनी: अगर 1981 में बॉक्स ऑफिस पर किसी एक एक्ट्रेस का सबसे ज्यादा दबदबा था, तो वो थीं ‘ड्रीम गर्ल’ हेमा मालिनी. इस साल को हेमा मालिनी के करियर का गोल्डन ईयर माना जा सकता है, क्योंकि उन्होंने कुछ ऐसा हासिल किया बॉलीवुड में कुछ ही अभिनेत्रियों ने हासिल किया है. हेमा मालिनी 1981 की टॉप-3 सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से तीनों में मुख्य महिला थीं. मनोज कुमार द्वारा निर्देशित और दिलीप कुमार द्वारा अभिनीत ‘क्रांति’ रिलीज के साथ बॉक्स ऑफिस पर नंबर एक स्थान हासिल किया. इसमें हेमा मालिनी ने एक खूबसूरत और बहादुर राजकुमारी की भूमिका निभाई. मनमोहन देसाई की कल्ट मसाला फिल्म ‘नसीब’ में अमिताभ बच्चन, ऋषि कपूर और शत्रुघ्न सिन्हा सहित स्टार-स्टडेड कलाकार थे, लेकिन हेमा मालिनी (आशा) पूरी कहानी में केंद्रीय व्यक्ति थीं. यह उस साल की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म साबित हुई थी. जीतेंद्र अभिनीत इस हाई-वोल्टेज राजनीतिक और एक्शन ड्रामा ‘मेरी आवाज सुनो’ उस साल की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी थी. एक ही साल में नंबर 1, नंबर 2 और नंबर 3 बॉक्स ऑफिस हिट फिल्मों का हिस्सा बनना उस समय हेमा मालिनी के स्टारडम की ऊंचाई को दिखाता है. उन्होंने न केवल अपने ट्रेडिशनल ड्रेस से पूरे देश को लुभाया, बल्कि मॉडर्न गानों पर अपने डांस मूव्स से भी युवाओं को लुभाया.

2. परवीन बाबी: साल 1981 परवीन बाबी के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ, जिन्होंने 70 और 80 के दशक में पर्दे पर ग्लैमर और मॉडर्निटी को नई पहचान दी. वह न केवल एक स्टाइल आइकन थीं, बल्कि एक जबरदस्त एक्ट्रेस भी थीं, जिन्होंने बड़े बजट की फिल्मों में अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराई. परवीन बाबी ने 1981 की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर ‘क्रांति’ और ‘मेरी आवाज सुनो’ में अहम रोल निभाए. हालांकि इन फिल्मों में फोकस हेमा मालिनी पर था, लेकिन परवीन बाबी के सीन और गानों ने ऐसा असर डाला कि दर्शक उन्हें भूल नहीं पाए. इन मल्टी-स्टारर फिल्मों से हटकर, परवीन बाबी इस साल ‘कालिया’ में अमिताभ बच्चन के साथ लीड एक्ट्रेस के तौर पर नजर आईं. टीनू आनंद के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही. इस फिल्म का गाना ‘जहां तेरी यह नजर है’ आज भी कल्ट हिट है. दर्शकों को अमिताभ और परवीन की केमिस्ट्री इतनी पसंद आई कि यह जोड़ी मेकर्स के लिए सफलता का पक्का नुस्खा बन गई.
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3. जीनत अमान: परवीन बॉबी की तरह, जीनत अमान को मेनस्ट्रीम बॉलीवुड में वेस्टर्न लुक्स और बोल्ड किरदारों को स्थापित करने का क्रेडिट दिया जाता है. 1981 में जीनत अमान ने साबित कर दिया कि वह सिर्फ ग्लैमर जोड़ने के लिए फिल्मों में नहीं आतीं, बल्कि उनकी मौजूदगी से फिल्म की कमर्शियल वैल्यू कई गुना बढ़ जाती है. अमिताभ बच्चन के साथ उनकी केमिस्ट्री हमें ‘लावारिस’ में देखने को मिली थी, जो 1981 की चौथी सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर थी. ‘काहे पैसे पे इतना गुरुर…’ जैसे गानों में जीनत के स्वैग और चुलबुले परफॉर्मेंस ने थिएटर में दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया था.

उसी साल, जीनत अमान बॉलीवुड के ‘ही-मैन’ धर्मेंद्र के साथ एक्शन-थ्रिलर ‘कातिलों के कातिल’ में दिखाई दीं. यह फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर बहुत बड़ी सक्सेस थी. जीनत अमान का अनोखा टैलेंट यह था कि चाहे वह अमिताभ बच्चन के साथ स्क्रीन शेयर करतीं या धर्मेंद्र के साथ, उनकी अनोखी पर्सनैलिटी स्क्रीन पर साफ दिखती थी.

4. रीना रॉय: 1990 के दशक से पहले, रीना रॉय बॉलीवुड की सबसे बिजी और सबसे ज्यादा पैसे पाने वाली एक्ट्रेस में से एक थीं. उनकी सादगी और घरेलू चार्म को दर्शकों ने बहुत पसंद किया. 1981 में रीना रॉय ने बॉक्स ऑफिस पर भी अपनी मजबूत पकड़ दिखाई. साल की दूसरी सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर ‘नसीब’ में उन्होंने एक बहुत ही जरूरी पैरेलल लीड रोल निभाया. शत्रुघ्न सिन्हा के साथ उनकी केमिस्ट्री और ‘चल चल मेरे भाई’ जैसे गानों में उनकी मौजूदगी ने फिल्म के एंटरटेनमेंट को काफी बढ़ा दिया.

1981 की एक और पॉपुलर फिल्म ‘रॉकी’ थी, जिससे सुनील दत्त के बेटे संजय दत्त ने बॉलीवुड में डेब्यू किया. रीना रॉय ने फिल्म में एक मजबूत पैरेलल लीड रोल निभाया. एक न्यूकमर की डेब्यू फिल्म होने के बावजूद, रीना रॉय के स्टारडम और उनके जोशीले परफॉर्मेंस ने फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता दिलाई.

