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70-80-90 के दशक में आने वाली फिल्मों की जानकारी फिल्मी मैगजीन, पत्र-पत्रिकाओं से ही होती थी. 2000 के दशक में इसमें बदलाव आया. फिल्म रिलीज होने से पहले प्रमोशन का ट्रेंड तेजी से बढ़ा. इसका फायदा उन्हीं फिल्मों को हुआ जिनकी कहानी जबर्दस्त थी. पिछले एक दशक में कुछ ऐसी फिल्में भी आईं जिनका प्रमोशन नहीं किया गया. बस फिल्म रिलीज कर दी गई. ऐसे ही हम पांच फिल्मों की चर्चा करने जा रहे हैं. पांचों फिल्में ब्लॉकबस्टर साबित हुई. पांचों ने कमाई के नए रिकॉर्ड बनाए. पांचों फिल्में
47 साल के अंतराल में रिलीज हुईं.

कुछ फिल्में ऐसी होती है जिन्हें प्रमोशन की जरूरत नहीं पड़ी. सिनेमाघरों में ये फिल्में रिलीज हुईं. माउथ पब्लिसिटी का ऐसा असर हुआ कि हर सिनेमाप्रेमी के मन में फिल्म देखने की इच्छा प्रबल होती चली गई. इस तरह की स्ट्रेटजी राज श्री प्रोडक्शन के मालिक ताराचंद बड़जात्या ने अपनी फिल्मों में 70-80 के दशक में खूब आजमाई. पिछले एक दशक में इसी स्ट्रेटजी को कई बड़े फिल्मकारों ने अपनाया. विरोध-हंगामे के बीच चुपचाप अपनी फिल्में रिलीज कीं. पांच फिल्में बिना प्रमोशन के रिलीज हुईं. पांचों ही ब्लॉकबस्टर निकलीं. ये फिल्में थीं : डॉन, खलनायक, जवान, पठान और सैयारा.

सबसे पहले बात करते हैं 12 मई 1978 को रिलीज हुई ‘डॉन’ फिल्म की. जंजीर, दीवार, शोले और कभी-कभी फिल्म के बाद अमिताभ बच्चन की यह फिल्म आई थी. इसी फिल्म ने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री का सही मायने में डॉन बना दिया. अमिताभ बच्चन के स्टारड को इस फिल्म में खूब भुनाया गया था. यह एक एक्शन थ्रिलर फिल्म थी और हिंदी सिनेमा के लिए मील का पत्थर साबित हुई. फिल्म का म्यूजिक कल्याण जी- आनंद जी ने दिया था. गीतकार अनजान और इंदीवर थे. अनजान का कालजयी गाना ‘खइके पान बनारस वाला’ अमिताभ बच्चन को अमिट पहचान दे गया. स्क्रिप्ट सलीम-जावेद ने लिखी थी.

‘डॉन’ फिल्म का म्यूजिक ब्लॉकबस्टर था. फिल्म में कुल 5 गाने थे. ये गाने ‘जिसका मुझे था इंतजार’, ‘अरे दीवानों, मुझे पहचानो’ ”खइके पान बनारस वाला’, ‘ई है बंबई नगरिया तू देख बबुआ’ और ‘ये मेरा दिल प्यार का दीवाना’ थे. हर गाने ने समा बांध दिया था. डॉन के प्रोड्यूसर नरीमन ईरानी वैसे तो सिनेमेटोग्राफर थे. उन्होंने जिंदगी-जिंदगी नाम से 1972 एक फिल्म बनाई थी. फिल्म फ्लॉप रही तो 12 लाख के कर्ज में डूब गए. ‘रोटी कपड़ा और मकान’ में वो काम कर रहे थे. अमिताभ बच्चन-जीनत अमान-प्राण साहब ने फ्री में काम करने का वादा किया तो नरीमन ने सलीम-जावेद से ‘डॉन’ फिल्म की स्क्रिप्ट खरीदी. चंद्रा बारोट के निर्देशन में फिल्म बनाई गई. फिल्म बनने से पहले नरीमन का निधन हो गया. चंद्रा बारोट ने अपनी बहन से 40 हजार का कर्जा लेकर फिल्म पूरी की. फिल्म बिना प्रमोशन के रिलीज की गई. पूरे एक हफ्ते तक रिस्पांस नहीं मिला. फिर फिल्म ने इतिहास ही रच दिया. यह 1978 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी.
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ऐसा ही कुछ 1993 में रिलीज हुई संजय दत्त-माधुरी दीक्षित स्टारर फिल्म ‘खलनायक’ के साथ हुआ. फिल्म का क्लाइमैक्स सीन शूट होने के बाद संजय दत्त को 1993 मुंबई बम बलास्ट केस के सिलसिले में जेल जाना पड़ा. पूरे देश में फिल्म को बैन किए जाने की मांग हुई. कई जगह पर प्रदर्शन हुए. फिल्म का म्यूजिक पहले ही रिलीज हो चुका था. एक सप्ताह में ही फिल्म के 1 करोड़ ऑडियो कैसेट बिक गए थे. ‘चोली के पीछे क्या है’ गाना आइकॉनिक साबित हुई. यह गाना माधुरी दीक्षित पर फिल्माया गया था. म्यूजिक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने दिया था. गीत आनंद बख्शी ने लिखे थे.

बॉलीवुड से जुड़े फिल्मकारों-आलोचकों का मानना था कि यह फिल्म नहीं चलेगी. सुभाष घई ने इसका तोड़ निकाला. उन्होंने फिल्म मे 10 प्रीमियर शो रखे. जब संजय दत्त इन प्रीमियर शो में माधुरी दीक्षित के साथ पहुंचे तो हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी. संजय दत्त की इमेज का फायदा उठाते हुए 6 अगस्त 1993 को फिल्म को रिलीज किया. सुभाष घई का अंदाज सही निकला. यह फिल्म ब्लॉकबस्टर मूवी साबित हुई. खलनायक फिल्म में संजय दत्त का किरदार निगेटिव था. फिल्म ने उस समय 24 करोड़ का बिजनेस किया था. 1993 में बॉक्स ऑफिस पर सबसे ज्यादा कमाई करने वाली यह दूसरी फिल्म थी. इस तरह से सुभाष घई ने बिना प्रमोशन के यह फिल्म रिलीज की. उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि फिल्म की पब्लिसिटी इतनी ज्यादा हो गई थी कि प्रमोशन नहीं करना पड़ा.

बॉलीवुड के दिग्गज फिल्मकार यश चोपड़ा के बेटे ने अपने पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए एक से बढ़कर एक ब्लॉकबस्टर फिल्में बनाई हैं. उन्होंने समय के साथ खुद को बदला. हमेशा युवाओं की नब्ज पकड़ने की कोशिश की. कोरोना काल में बॉलीवुड इंडस्ट्री का बहिष्कार तेजी से हुआ. कुछ अप्रिय घटनाओं के चलते सोशल मीडिया पर बॉलीवुड सुपर स्टार के मीम्स बनाए गए. आमिर खान-शाहरुख खान और सलमान खान के खिलाफ कई संगठनों ने मोर्चा ही खोल दिया. ऐसे संकट के समय में आदित्य चोपड़ा ने 25 जनवरी 2023 में यशराज फिल्म्स के बैनर तले अपनी मूवी ‘पठान’ रिलीज की. इस फिल्म को बिना प्रमोशन के रिलीज किया गया.

शाहरुख खान-दीपिका पादुकोण स्टारर इस फिल्म का जादू दर्शकों पर चला. पठान फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर बायकॉट कैंपेन भी चला. दीपिका पादुकोण की भगवा बिकनी पर विवाद हुआ. जितना ज्यादा विवाद हुआ, उतनी ही फिल्म को सफलता मिली. पठान फिल्म के क्रेज का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दर्शक थिएटर में ही ‘झूमे जो पठान’ गाने पर नाचते-झूमते थे. पठान फिल्म को सिद्धार्थ आनंद ने डायरेक्ट किया था. प्रोड्यूसर आदित्य चोपड़ा थे. मूवी ने वर्ल्डवाइड 1000 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन किया था.

इसी बीच शाहरुख खान की एक और फिल्म 2023 में ‘जवान’ आई. इस फिल्म का एक डायलॉग ‘बेटे से बात करने से पहले, बाप से बात कर’ खूब मशहूर हुआ था. सबको ऐसा लगा जैसे शाहरुख खान की निजी जिंदगी का दर्द डायलॉग में छ्लका है. शाहरुख खान के बेटे को ड्र्ग्स के आरोप में जेल हुई थी. ‘जवान’ फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जलजला ला दिया था. डायरेक्टर एटली कुमार थे.

शाहरुख के करियर का यह पहला मौका था जब वो फिल्म में पुलिस की वर्दी नजर आए थे. इससे पहले वो आर्मी की वर्दी में नजर आ चुके थे. ‘जवान’ फिल्म में शाहरुख खान के अलावा नयनतारा, विजय सेतुपति, दीपिका पादुकोण, प्रियमणि, संजय मल्होत्रा और सुनील ग्रोवर ने अहम भूमिकाएं निभाई थीं. जवान मूवी ने 75 करोड़ से ओपनिंग ली थी. यह किसी भी बॉलीवुड फिल्म का सबसे बड़ा रिकॉर्ड था जिसे आगे चलकर ‘धुरंधर’ ने तोड़ दिया. फिल्म को गौरी खान ने प्रोड्यूस किया था. जवान ने इंडिया में 643 करोड़ जबकि वर्ल्ड वाइड 1146 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था. शाहरुख खान को बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड भी मिला. पूरे 10 साल बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार वापसी की. पठान-जवान से पहले 2015 में उनकी फिल्म ‘दिलवाले’ हिट हुई थी.

इस लिस्ट में आखिरी नाम मोहित सूरी के निर्देशन में बनी ‘सैयारा’ फिल्म का है जिसमें दो नए चेहरों अहान पांडेय और अनीत पड्डा नजर आए थे. ‘सैयारा’ से पहले मोहित सूरी की हिट फिल्म ‘आशिकी 2’ आई थी. मोहित सूरी की करियर की यह पहली ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई. ‘सैयारा’ फिल्म का भी कोई प्रमोशन नहीं किया गया था. जैसे-जैसे फिल्म की पॉप्युलर हुई, सिनेप्रेमी हीरो-हीरोइन का नाम जानने के लिए बेताब हो गए. इस फिल्म को लेकर युवाओं में एक अलग ही तरह का पागलपन थिएटर्स में दिखा.

फिल्म का म्यूजिक खूब पसंद किया गया. फिल्म का सबसे पॉप्युलर गाना ‘सैंया रे तू तो बदला नहीं है, मौसम जरा सा बदला हुआ है’ था. इस गाने को सुनकर नई जनरेशन थिएटर पर रोती नजर आई. प्रोड्यूसर आदित्य चोपड़ा थे. आदित्य चोपड़ा ने ‘पठान’ और ‘सैयारा’ में एक जैसी स्ट्रेटजी अपनाई. 45 करोड़ के बजट में बनी ‘सैयारा’ ने 579 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन करके सबको चौंका दिया. फिल्म सुपर-डुपर हिट साबित हुई.

