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मशहूर एक्ट्रेस का बेटा होने के बावजूद एक्टर का शुरुआती फिल्मी सफर नाकामियों से भरा रहा. लगातार फ्लॉप फिल्मों से हताश होकर वे बॉलीवुड छोड़ने वाले थे. उन्होंने कमर्शियल पायलट बनने की तैयारी शुरू कर दी थी. मुश्किल वक्त में दोस्त सलमान खान काम आए. उनकी सिफारिश पर उन्हें ब्लॉकबस्टर फिल्म में विलेन का रोल मिला. रोल ने उनके डूबते करियर को नई जिंदगी दी. इसके बाद उन्होंने ‘हम आपके हैं कौन’ और ‘हम साथ-साथ हैं’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में यादगार रोल निभाए.

नई दिल्ली: बॉलीवुड में नेपोटिज्म, इनसाइडर और आउटसाइडर की बहस तो सालों से चली आ रही है. बहुत से लोग मानते हैं कि अगर आपका ताल्लुक किसी बड़े फिल्मी परिवार से है, तो आपका स्टार बनना तय है. लेकिन इतिहास गवाह है कि एक बड़ा सरनेम आपके लिए केवल शुरुआती दरवाजे खोल सकता है, सफलता की गारंटी नहीं दे सकता. असली कामयाबी तो सिर्फ मेहनत, टैलेंट और सही वक्त पर लिए गए फैसलों से ही मिलती है. (फोटो साभार: IMDb)

गुजरे जमाने की मशहूर एक्ट्रेस नूतन के बेटे मोहनिश बहल की जिंदगी भी कुछ ऐसी ही थी. मोहनिश का ताल्लुक बॉलीवुड के सबसे बड़े फिल्मी खानदानों में से एक से था. इसके बावजूद, उन्हें इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने के लिए उस दौर में बहुत ज्यादा पापड़ बेलने पड़े थे. उनका शुरुआती सफर किसी भी आउटसाइडर की तरह ही बेहद मुश्किलों और चुनौतियों से भरी हुई थी.(फोटो साभार: IMDb)

मोहनिश बहल ने साल 1983 में संजय दत्त के साथ फिल्म ‘बेकरार’ से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी. मेकर्स को उम्मीद थी कि एक स्टार किड होने के नाते वे पर्दे पर कमाल करेंगे, लेकिन बदकिस्मती से यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गई. दर्शकों ने बतौर लीड हीरो उन्हें नकार दिया. इसके बाद, उन्होंने ‘तेरी बाहों में’ और ‘इतिहास’ जैसी कई फिल्मों में हाथ आजमाया, पर किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया. (फोटो साभार: IMDb)
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लगातार मिल रही असफलताओं और फ्लॉप फिल्मों के कारण मोहनिश का आत्मविश्वास पूरी तरह डगमगा गया था. उस दौर में उन्हें काम मिलना भी लगभग बंद हो गया था. मोहनिश इस कदर हताश हो चुके थे कि उन्होंने एक्टिंग की दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कहने का मन बना लिया था. वे फिल्मों को छोड़कर एविएशन सेक्टर में जाने और एक कमर्शियल पायलट बनने की गंभीर प्लानिंग करने लगे थे. (फोटो साभार: IMDb)

तभी मोहनिश बहल की जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आया, जिसने सब कुछ बदलकर रख दिया. उन दिनों सलमान खान भी इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने के लिए स्ट्रगल कर रहे थे और इसी दौरान दोनों की गहरी दोस्ती हो गई. जब सलमान खान को राजश्री प्रोडक्शंस की फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ में लीड रोल मिला, तो उन्होंने विलेन के किरदार के लिए मेकर्स को अपने दोस्त मोहनिश बहल का नाम सुझाया. (फोटो साभार: IMDb)

उस दौर में किसी भी फ्लॉप हीरो के लिए विलेन का रोल स्वीकार करना बहुत बड़ा जोखिम था. एक्टर्स को डर रहता था कि एक बार नेगेटिव रोल किया, तो जिंदगी भर विलेन का ही ठप्पा लग जाएगा. लेकिन मोहनिश के पास खोने के लिए कुछ नहीं था. उन्होंने खुद माना कि वे तब तक पारंपरिक हीरो बनने की रेस से बाहर हो चुके थे, इसलिए उन्होंने भारी मन से इस रोल के लिए हां कह दिया.
(फोटो साभार: IMDb)

साल 1989 में रिलीज हुई ‘मैंने प्यार किया’ ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई. फिल्म में विलेन ‘जीवन’ के रूप में मोहनिश बहल की एक्टिंग ने थिएटर्स में नफरत और तालियां दोनों बटोरीं. इस एक रोल ने उनके मरे हुए करियर में दोबारा जान फूंक दी. इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और वे बॉलीवुड के सबसे भरोसेमंद और चहेते सपोर्टिंग एक्टर्स की लिस्ट में शामिल हो गए.

मोहनिश ने आगे चलकर ‘हम आपके हैं कौन’, ‘हम साथ-साथ हैं’ और ‘राजा हिंदुस्तानी’ जैसी कल्ट फिल्मों में बेहद संस्कारी और भावुक बड़े भाई के किरदार निभाकर दर्शकों का दिल जीत लिया. उन्होंने फिल्मों के साथ-साथ ‘संजीवनी’ और ‘दिल मिल गए’ जैसे सुपरहिट टीवी सीरियल्स के जरिए छोटे पर्दे पर भी राज किया. मोहनिश बहल की यह कहानी सिखाती है कि उतार-चढ़ाव तो हर करियर में आते हैं, बस सही मौके का इंतजार करना जरूरी है.

