अनुपम खेर ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट शेयर कर अपने पुराने दिनों को याद किया. उन्होंने बताया कि जब वो सिर्फ 37 रुपए लेकर मुंबई आए थे तब हालात आसान नहीं थे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. वहीं उनकी पहली फिल्म सारांश की रिलीज के दिन भी ऐसा वक्त आया जिसने उन्हें चिंता में डाल दिया था. आइए जानते हैं एक्टर ने क्या कहा और उस दिन क्या हुआ था?
दिग्गज एक्टर अनुपम खेर ने मेहनत के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई. आज वो हिंदी सिनेमा के सबसे सम्मानित कलाकारों में गिने जाते हैं, लेकिन उनका शुरुआती सफर आसान नहीं था. सोमवार को उनकी पहली फिल्म ‘सारांश’ को 42 साल पूरे हुए, और इस खास मौके पर एक्टर ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए एक वीडियो पोस्ट किया.
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28 साल की उम्र में निभाया था बुजुर्ग का किरदार
25 मई 1984 को रिलीज हुई फिल्म ‘सारांश’ ने अनुपम खेर को फिल्म इंडस्ट्री में एक नई पहचान दी थी. इस फिल्म में उन्होंने 65 साल के एक बुजुर्ग व्यक्ति का किरदार निभाया था, जबकि उस समय उनकी उम्र सिर्फ 28 साल थी. अब 42 साल पूरे होने पर उन्होंने अपने एक्स टाइमलाइन पर एक वीडियो पोस्ट किया. इस वीडियो में वो अपने जीवन के सफर, संघर्ष और सफलता के बारे में दिल से बात करते नजर आए.
‘42 साल कैसे निकल गए पता ही नहीं चला?’
पोस्ट में अनुपम खेर ने कहा, ‘मुझे समझ नहीं आता कि ये 42 साल इतनी जल्दी कैसे गुजर गए. इन सालों में मुझे फिल्म इंडस्ट्री, दर्शकों, डायरेक्टर्स, प्रोड्यूसर्स, तकनीशियनों और अपने साथी कलाकारों से इतना प्यार मिला, जिसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी.’
छोटे शहरों के युवाओं को क्या दिया खास संदेश?
उन्होंने पोस्ट में खास तौर पर छोटे शहरों से सपने देखने वाले युवाओं को इंस्पायर करने की कोशिश की. अनुपम खेर ने कहा, ‘अगर एक फॉरेस्ट डिपार्टमेंट में काम करने वाले क्लर्क का बेटा सिर्फ 37 रुपए लेकर मुंबई आ सकता है और अपने पहले ही किरदार से लोगों के दिलों में जगह बना सकता है, तो दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है. जब मैंने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था, तब मेरे पास न पैसा था और न ही कोई बड़ा सहारा, लेकिन मेहनत और विश्वास ने मुझे यहां तक पहुंचा दिया.’
551 फिल्मों का सफर किया तय
वीडियो में एक्टर ने कहा, ‘आज 42 साल बाद मैं गर्व से कह सकता हूं कि मैंने 551 फिल्मों में काम किया है. इंसान अगर अपने सपनों पर भरोसा रखे और मेहनत करना न छोड़े, तो वो किसी भी मुकाम तक पहुंच सकता है.’
महेश भट्ट और सूरज बड़जात्या को कहा शुक्रिया
अपने इस खास पोस्ट में महेश भट्ट और सूरज बड़जात्या का जिक्र करते हुए अनुपम खेर ने उन्हें धन्यवाद भी दिया. उन्होंने कहा, ‘इन दोनों फिल्मकारों का मेरे जीवन और करियर में बहुत बड़ा योगदान रहा है. जब ‘सारांश’ रिलीज हुई थी, तब सूरज एक सहायक के रूप में काम कर रहे थे और आज वो मेरे साथ कई फिल्मों में काम कर चुके हैं.’
आखिर क्यों रिलीज वाले दिन हुई थी ये चिंता?
अनुपम खेर ने उस दिन की एक घटना भी शेयर की जब ‘सारांश’ रिलीज हुई थी. उन्होंने बताया, ‘उसी दिन मुंबई में दंगे भड़क गए थे. उस समय मुझे लगा था कि अब मेरा करियर शुरू होने से पहले ही खत्म हो जाएगा, क्योंकि लोग फिल्म देखने सिनेमाघरों तक नहीं पहुंच पाएंगे. लेकिन समय ने कुछ और ही तय कर रखा था. आज भी जब लोग मेरे एक्टिंग की बात करते हैं तो सबसे पहले ‘सारांश’ का नाम जरूर लेते हैं.’
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आज भी लोग याद करते हैं ‘सारांश’
उन्होंने कहा, ‘इतने सालों और इतनी फिल्मों के बाद भी लोग अक्सर कहते हैं- ‘वैसी फिल्म फिर नहीं बनी जैसी ‘सारांश’ थी.’ उस समय मैं बिल्कुल नया था और मैंने उस किरदार को निभाने के लिए अपना सबकुछ लगा दिया था.’

