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शाहरुख खान का सीनियर था ये नामी सिंगर, सुष्मिता सेन-तब्बू संग कर चुका एक्टिंग, MBBS छोड़ चुनी सिंगिंग की राह

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बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान को आज पूरी दुनिया “किंग खान” के नाम से जानती है. लेकिन उनके स्कूल के दिनों का एक ऐसा साथी भी है, जिसने अपनी मेहनत और हुनर के दम पर मनोरंजन की दुनिया में अलग मुकाम हासिल किया. वो पेशे से डॉक्टर हैं, लेकिन एक्टिंग और सिंगिंग में कुछ कर दिखाने के लिए उन्होंने अपना प्रोफेशन बदल लिया.

नई दिल्ली. पलाश सेन आज इंडस्ट्री में किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. उन्होंने अपने बैंड से इंडी गानों को इंडस्ट्री में नया आयाम दिया. पलाश सेन को भारत में इंडीपॉप क्रांति का सबसे बड़ा चेहरा माना जाता है. उन्होंने अपने बैंड यूफोरिया से पहचान हासिल की.

नई दिल्ली. पलाश सेन आज इंडस्ट्री में किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. उन्होंने अपने बैंड से इंडी गानों को इंडस्ट्री में नया आयाम दिया. पलाश सेन को भारत में इंडीपॉप क्रांति का सबसे बड़ा चेहरा माना जाता है. उन्होंने अपने बैंड यूफोरिया से पहचान हासिल की.

पलाश सेन का शाहरुख खान के साथ भी बेहद खास रिश्ता है. वो स्कूल में शाहरुख खान के सीनियर थे. दोनों ने दिल्ली के प्रतिष्ठित सेंट कोलंबा स्कूल में साथ पढ़ाई की थी.पलाश सेन शाहरुख से एक साल सीनियर थे. स्कूल के दिनों को याद करते हुए पलाश कई बार बता चुके हैं कि शाहरुख बचपन से ही बेहद आत्मविश्वासी और अपने सपनों को लेकर पूरी तरह स्पष्ट थे.

पलाश सेन का शाहरुख खान के साथ भी बेहद खास रिश्ता है. वो स्कूल में शाहरुख खान के सीनियर थे. दोनों ने दिल्ली के प्रतिष्ठित सेंट कोलंबा स्कूल में साथ पढ़ाई की थी.पलाश सेन शाहरुख से एक साल सीनियर थे. स्कूल के दिनों को याद करते हुए पलाश कई बार बता चुके हैं कि शाहरुख बचपन से ही बेहद आत्मविश्वासी और अपने सपनों को लेकर पूरी तरह स्पष्ट थे.

सुपरस्टार शाहरुख खान के बारे में बात करते हुए पलाश सेन ने कहा था कि स्कूल के दिनों जहां बाकी बच्चे अपने भविष्य को लेकर असमंजस में रहते थे, वहीं शाहरुख को पता था कि उन्हें अभिनय की दुनिया में जाना है.

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स्कूल के म्यूजिकल्स और स्टेज प्ले में दोनों की जोड़ी अलग अंदाज में नजर आती थी. शाहरुख अभिनय करते थे, लेकिन गाना गाने में उतने सहज नहीं थे. ऐसे में पर्दे के पीछे से पलाश सेन उनके लिए गाया करते थे. पलाश खुद भी स्कूल के दिनों से थिएटर और संगीत में काफी सक्रिय थे. हालांकि, उनके जीवन की प्राथमिकता सिर्फ कला नहीं, बल्कि पढ़ाई भी थी.

पलाश सेन ने एक्टिंग और सिंगिंम में पूरी तरह रच-बसने से पहले अपनी पढ़ाई को प्राथमिकता दी. उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की. सिंगर ने एमबीबीएस पूरा किया और फिर एमडी किया. वो हड्डियों के डॉक्टर हैं. डॉक्टर बनने के बाद पलाश सेन ने पहले अभिनय की दुनिया में कदम रखा.

उन्होंने साल 2002 में फिल्म ‘फिलहाल’ से एक्टिंग डेब्यू किया. पलाश सेन के करियर की शुरुआत बेहद शानदार थी. मेघना गुलजार द्वारा निर्देशित इस फिल्म में उनके साथ तब्बू और सुष्मिता सेन जैसी बड़ी अभिनेत्रियां थीं. फिल्म की कहानी और पलाश की एक्टिंग को सराहा गया था.

इसके बाद पलाश कुछ और फिल्मों में भी नजर आए, जिनमें मुंबई कटिंग का ‘एंड इट रेंड’ सेगमेंट शामिल था. लेकिन धीरे-धीरे उन्हें एहसास हो गया कि अभिनय उनका असली जुनून नहीं है. उन्होंने फिल्मों की दुनिया से दूरी बनाकर पूरी तरह संगीत पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया.

पलाश सेन ने 1988 में ही अपना बैंड यूफोरिया बना लिया था. यह वही दौर था जब भारत में इंडिपेंडेंट म्यूजिक धीरे-धीरे अपनी पहचान बना रहा था. फिर आया साल 1998, जब यूफोरिया का एलबम धूम रिलीज हुआ और पलाश सेन रातों-रात देशभर में लोकप्रिय हो गए. ‘धूम पिचक धूम’ और ‘मायरी’ जैसे गाने युवाओं की आवाज बन गए. भारतीय संगीत में रॉक और देसी धुनों का जो अनोखा मिश्रण पलाश ने पेश किया, उसने इंडीपॉप को नई पहचान दी.

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