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हिंदी सिनेमा में कुछ सेलेब्स ऐसे भी हैं, जिनके रिश्ते ऐसे रहे कि शायद ही लोग कभी भुला पाए. कुछ सेलेब्स के बीच तो ऐसे रिश्ते रहे, जिन्हें लोग कभी भुला ही नहीं पाए.ऐसा ही एक रिश्ता था दिग्गज फिल्ममेकर गुरु दत्त और जानी मानी एक्ट्रेस वहीदा रहमान के बीच. भले ही दोनों ने कभी अपने रिश्ते पर खुलकर बात नहीं की. लेकिन दोनों के खूब चर्चे हुआ करते थे. दोनों ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को कई यादगार फिल्मों में साथ काम किया है.

नई दिल्ली. वहीदा रहमान ने अपने करियर में हर स्टार के साथ काम किया है. लेकिन गुरु दत्त के साथ उनकी जोड़ी को काफी पसंद किया जाता था. दोनों ने साथ में कई हिट फिल्में दी. दोनों के अफेयर के चर्चे भी खूब हुआ करते थे. वहीदा रहमान की सादगी, खूबसूरती और स्क्रीन प्रेजेंस देख तो गुरु दत्त का दिल धड़क उठा था.

साल 1950 के करीब गुरु दत्त और वहीदा रहमान की मुलाकात हुई थी. उस वक्त गुरु दत्त भारतीय सिनेमा के सबसे टैलेंटेड फिल्मकारों में गिने जाने लगे थे. अपनी अलग सोच और इमोशनल कहानी कहने की शैली के लिए मशहूर गुरु दत्त हमेशा नए टैलेंट की तलाश में रहते थे.

कुछ इसी दौरान उनकी नजर वहीदा रहमान पर पड़ी. उनकी सादगी, खूबसूरती और स्क्रीन प्रेजेंस ने गुरु दत्त को ऐसा प्रभावित किया कि उन्होंने एक्ट्रेस को हिंदी सिनेमा में बड़ा मौका दिया. उन्होंने 1956 में रिलीज हुई फिल्म ‘सीआईडी’ में उन्हें देव आनंद के साथ कास्ट कर लिया.
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फिल्म बड़ी हिट साबित हुई. यह फिल्म वहीदा के करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई और उन्हें पूरे देश में पहचान मिली. फिल्म में देवानंद और वहीदा की जोड़ी को भी काफी पसंद किया गया.

इसके बाद गुरु दत्त और वहीदा ने कई फिल्मों में काम किया. दोनों ने साथ मिलकर ‘प्यासा’ (1957), ‘कागज के फूल’ (1959), ‘चौदहवीं का चांद’ (1960) और ‘साहिब बीबी और गुलाम’ (1962) जैसी क्लासिक फिल्मों में काम किया.

दोनों को साथ देखना लोगों के लिए एक बड़ा सरप्राइज होता था. फिल्मों में उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री की तारीफ होती थी, वहीं ऑफ-स्क्रीन रिश्ते को लेकर भी खूब चर्चाएं होने लगीं. उस समय गुरु दत्त की शादी मशहूर गायिका गीता दत्त से हो चुकी थी.

कहा तो ये भी जाता है कि उस दौर में कामकाजी घंटों का असर गुरु दत्त के वैवाहिक जीवन पर भी पड़ने लगा था. गुरु दत्त और वहीदा रहमान ने जैसे-जैसे साथ काम करना शुरू किया, उनके रिश्ते को लेकर अफवाहें भी तेज होने लगीं. दोनों ने कभी इस तरह की अफवाहों पर कोई रिएक्शन नहीं दिया. लेकिन हर फिल्म से पहले और बाद दोनों के खूब चर्चे होने लगे थे. कहा जाता है कि इन अफवाहों का असर गुरु दत्त की शादीशुदा जिंदगी पर भी पड़ा.

इसी बीच गुरु दत्त के करियर में भी मुश्किलें बढ़ने लगीं. आज भले ही ‘कागज के फूल’ को एक क्लासिक फिल्म माना जाता है, लेकिन रिलीज के समय यह बॉक्स ऑफिस पर असफल रही थी. इस नाकामी ने गुरु दत्त को आर्थिक और मानसिक रूप से काफी प्रभावित किया. कई फिल्म इतिहासकार मानते हैं कि यही वह दौर था जब वे चिंता, अवसाद और शराब की लत जैसी समस्याओं से जूझने लगे.

बता दें इस तरह की अफवाहों पर कहा जाता है कि एक बार वहीदा रहमान ने भी चु्प्पी तोड़ी थी, उ्न्होंने कहा था कि, ‘हमारा प्यार परफेक्ट नहीं था, लेकिन वह सच्चा था. यह प्यार सिनेमा के प्रति हमारे जुनून और साथ मिलकर कुछ खूबसूरत रचने की इच्छा से पैदा हुआ था.उनके इस बयान को लोगों ने अपने-अपने तरीके से समझा. किसी ने इसे प्रेम संबंध माना तो किसी ने दो स्टार्स के बीच गहरा जुड़ाव माना. लेकिन इतना जरूर था कि यह बयान दोनों के बीच मौजूद खास रिश्ते की झलक देता था.

