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विद्या बालन का हीरो, कभी 30 रुपये में चलता था पूरा दिन, चॉल में भी रहा आज फिल्मों-ओटीटी पर करता है राज

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This Kashmiri Pandit actor was last seen in the supernatural horror Netflix film, Baramulla.

नई दिल्ली. फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने अभिनेता, थिएटर निर्देशक. जम्मू-कश्मीर का रहने वाला ये एक्टर अब ओटीटी पर भी धाक जमा चुका है. थिएटर से अपने करियर की शुरुआत करने वाले एक्टर ने ‘काई पो चे’, ‘तुम्हारी सुलु’, ‘बदला’, ‘साइना’ और ‘अजीब दास्तान्स’ जैसी फिल्मों में काम किया है.

'I Had To Cut Away My Kashmiriyat': He Left Kashmir, Lived In A Chawl, And Went On To Win Hearts

 विद्या बालन संग फिल्म कर चुके वो एक्टर हैं, मानव कौल, फिल्मों और वेब सीरीज के अलावा वह हिंदी साहित्य में भी एक चर्चित नाम हैं. उनकी किताबें ‘तुम्हारे बारे में’, ‘प्रेम कबूतर’ और ‘अंतिमा’ पाठकों के बीच काफी पॉपुलर हैं.

'I Had To Cut Away My Kashmiriyat': He Left Kashmir, Lived In A Chawl, And Went On To Win Hearts

मावन कौल ने बिना किसी गॉडफादर के अपनी मेहनत के दम पर इंडस्ट्री में अपनी अलग जगह बनाई है.उनकी जिंदगी की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है.अपनी दमदार एक्टिंग के लिए पहचाने जाने वाले मानव ने नाम कमाने के लिए और सफलता के इस शिखर पर आने के लिए बहुत मेहनत की है.

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'I Had To Cut Away My Kashmiriyat': He Left Kashmir, Lived In A Chawl, And Went On To Win Hearts

आज लग्जरी लाइफ जी रहे मानव ने कभी ऐसा वक्त भी देखा था, जब उन्हें अपना घर, अपनी पहचान और अपना कश्मीर तक छोड़ना पड़ा था. उनका बचपन कश्मीर की खूबसूरत वादियों में बीता, लेकिन बाद में उनका परिवार भोपाल आकर बस गया. वह एक बेहतरीन स्वीमर भी थे.(Image: Instagram/@manavkaul)

'I Had To Cut Away My Kashmiriyat': He Left Kashmir, Lived In A Chawl, And Went On To Win Hearts

अपने हालिया इंटरव्यू में मानव ने कश्मीर छोड़ने के दर्द को बयां किया. उन्होंने बताया कि नई जगह पर खुद को ढालना आसान नहीं था.मानव ने कहा, ‘मुझे अपनी कश्मीरियत को काटकर अलग करना पड़ा. नई जगह पर उन्हें वो अपनापन नहीं मिला. (Image: Instagram/@manavkaul)

His association with legendary playwright Satyadev Dubey proved to be a turning point. Theatre became his home, and in 2004, he founded the Aranya theatre group. Over the years, he earned acclaim not just as an actor but also as a writer and director, with plays such as Shakkar Ke Paanch Daane, Peele Scooter Wala Aadmi and Park winning praise. 

मुंबई में तो शुरुआती दिनों में उन्हें काफी कुछ झेलना पड़ा. उस वक्त उन्हें दिन का खर्च सिर्फ 30 रुपये में चलाना पड़ता था. वह एक चॉल में रहते थे और छोटे-मोटे काम करके गुजारा करते थे.इसके बाद जाकर उन्होंने एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा था. (Image: Instagram/@manavkaul)

Kaul made his film debut in Jajantaram Mamantaram (2003), but mainstream recognition came later with films like Kai Po Che!, Wazir and Jai Gangaajal. Audiences took notice of his understated yet powerful performances. 

साल 2004 में उन्होंने अपना थिएटर ग्रुप ‘अरण्य’ शुरू किया. इसके बाद लेखक, निर्देशक और अभिनेता के तौर पर खुद को लगातार साबित करते गए. फिर साल 2003 में उन्होंने ‘जजंतरम ममंतरम’ से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा. लेकिन अभी भी उन्हें असली पहचान नहीं मिली थी. (Image: IMDb)

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