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महज 21 साल की उम्र में बोल्ड सीन ने एक्ट्रेस को रातों-रात पूरे देश का क्रश बना दिया था. शोमैन राज कपूर की खोज मानी जाने वाली इस हसीना की नीली आंखों और मासूमियत का हर कोई दीवाना था. लेकिन 90 के दशक की शुरुआत में अंडरवर्ल्ड डॉन के साथ नाम जुड़ने की एक गलती ने इनके चमकते करियर को पूरी तरह तबाह कर दिया. विवादों और बदनामी से तंग आकर एक्ट्रेस ने ग्लैमर वर्ल्ड से दूरी बना ली और फिर शादी कर फिल्मी दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया.

नई दिल्ली. मंदाकिनी अपने दौर में बॉलीवुड की पॉपुलर हीरोइनों में से एक रही हैं. मेरठ के एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मी इस साधारण सी लड़की की आंखों में बड़े पर्दे पर चमकने के बड़े-बड़े ख्वाब थे. हालांकि, किस्मत ने उनके लिए कुछ ऐसा लिखा था कि उन्हें स्टारडम बेहद जल्दी मिला, जिसकी कल्पना शायद खुद उन्होंने या उनके परिवार ने कभी नहीं की होगी.

महज 21 साल की उम्र में मंदाकिनी को वो शोहरत मिली जिसने उन्हें रातों-रात पूरे देश का क्रश बना दिया. शोमैन राज कपूर के निर्देशन में बनी आखिरी फिल्म राम तेरी गंगा मैली ने उनकी जिंदगी बदल कर रख दी. परदे पर उनकी मासूमियत, नीली आंखें और बेमिसाल खूबसूरती ने दर्शकों को दीवाना बना दिया. इस फिल्म के कुछ सीन्स ने उस दौर में देश भर में एक नई बहस को जन्म दे दिया था.

फिल्म में सफेद साड़ी पहनकर झरने के नीचे नहाने वाले उस आइकॉनिक सीन ने मंदाकिनी को 80 के दशक की सबसे चर्चित एक्ट्रेस बना दिया. जहां कुछ लोगों ने इसे हिंदी सिनेमा में बोल्डनेस का नया दौर माना, तो वहीं कई लोगों ने इस पर खूब आपत्ति जताई. हालांकि, इस विवाद ने फिल्म को ब्लॉकबस्टर बना दिया. यह 1985 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी और मंदाकिनी को बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर नॉमिनेशन भी मिला.
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एक्ट्रेस असली नाम यास्मीम जोसेफ है और उन्हें मंदाकिनी नाम खुद राज कपूर ने दिया था. वह हिमालय से निकलने वाली पवित्र और खूबसूरत मंदाकिनी नदी से बेहद प्रभावित थे, इसलिए उन्होंने यासमीन को यह नया नाम दिया. राज कपूर का दिया यह स्क्रीन नेम देखते ही देखते पूरे देश में ग्लैमर, खूबसूरती और एक अनसुलझे रहस्य की पहचान बन गया, जिसे आज भी लोग भूल नहीं पाए हैं.

इस धमाकेदार डेब्यू के बाद मंदाकिनी के पास फिल्मों की लाइन लग गई. उन्होंने ‘डांस डांस’, ‘प्यार करके देखो’ और ‘कहां है कानून’ जैसी कई बड़ी फिल्मों में काम किया. इन फिल्मों के जरिए वह दर्शकों के बीच लगातार पॉपुलर तो बनी रहीं, लेकिन उनकी पहली ही फिल्म का साया उनके पूरे करियर पर इस कदर हावी रहा कि लोग उनके दूसरे किरदारों को उस नजर से देख ही नहीं पाए.

मंदाकिनी की जिंदगी का सबसे बड़ा यू-टर्न परदे के पीछे आया. 90 के दशक की शुरुआत में वह तब एक बड़े विवाद में फंस गईं, गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के साथ उनकी तस्वीरें सामने आईं. हालांकि, मंदाकिनी ने दाऊद के साथ किसी भी रिश्ते से हमेशा साफ इनकार किया, लेकिन इन अफवाहों ने उनके करियर और इमेज को भारी नुकसान पहुंचाया. उस दौर में अंडरवर्ल्ड के बढ़ते असर के चलते मेकर्स ने उनसे दूरी बना ली. फिल्मों के ऑफर्स कम हो गए, मीडिया का दबाव बढ़ा और धीरे-धीरे मंदाकिनी चकाचौंध की दुनिया से पूरी तरह गायब हो गईं.

इसके बाद मंदाकिनी की जिंदगी में एक ऐसा बदलाव आया, जिसने सबको हैरान कर दिया. बॉलीवुड की इस चकाचौंध और विवादों से दूर उन्होंने एक बेहद शांत और सादगी भरी जिंदगी को चुना. मंदाकिनी ने पूर्व बौद्ध भिक्षु डॉ. काग्युर टी. रिनपोचे ठाकुर से शादी कर ली. शादी के बाद उन्होंने ग्लैमर वर्ल्ड को पूरी तरह अलविदा कह दिया और अपना पूरा ध्यान अध्यात्म, परिवार और वेलनेस की तरफ लगा दिया.

मंदाकिनी कभी अपनी बोल्ड इमेज और विवादों की वजह से फिल्मी मैग्जीन्स के कवर पेज पर छाई रहती थीं, अब वो एक बिल्कुल अलग जिंदगी जी रही हैं. खबरों की मानें तो मंदाकिनी अब अपने पति के साथ मिलकर मुंबई में एक तिब्बती योग और वेलनेस सेंटर चलाती हैं. इसके साथ ही वह लोगों को मेडिटेशन भी सिखाती हैं और पूरी तरह से सुकून भरी जिंदगी बिता रही हैं.

