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बॉलीवुड ने दशकों से टूटे दिलों के दर्द को अपने पर्दे पर दिखाया है. 90 के दशक में रिलीज हुई अजय देवगन की ‘दिलजले’ ने इस कहानी को फिर से परिभाषित किया, जहां प्यार में धोखा एक सीधे-सादे इंसान को बागी बना देता है. दिलचस्प बात यह है कि यह फॉर्मूला सिर्फ एक दौर तक ही सीमित नहीं था. अलग-अलग दौर में, ऐसी कई कहानियां पर्दे पर पेश की गईं, जिन्होंने न सिर्फ दर्शकों की आंखों में आंसू ला दिए, बल्कि बॉक्स ऑफिस पर भी सफलता हासिल की. आज हम आपको ऐसी ही 6 अलग-अलग तरह की और दमदार फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां प्यार के मलबे से बदले की आग निकली, जिसे देखने के लिए सिनेमाघरों में दर्शकों की भीड़ उमड़ पड़ी.

नई दिल्ली. जब सिल्वर स्क्रीन पर कोई मुस्कुराता हुआ हीरो या हीरोइन प्यार में पड़ता है, तो दर्शक तालियां बजाते हैं. लेकिन जब उन्हें उस प्यार के बदले में धोखा और बेइज्जती मिलती है, तो सिनेमा हॉल में सन्नाटा छा जाता है. यह सन्नाटा बाद में थिएटर के बाहर लंबी लाइनों और करोड़ों के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में बदल जाता है. आज हम आपको 6 ऐसी फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो प्यार में धोखा और फिर इंतकाम पर बेस्ड हैं. अजय देवगन की फिल्म फिल्म ‘दिलजले’ जैसी बनीं इन फिल्मों को एक अगर आप एक बार देखने बैठ जाएंगे तो बीच में उठना मुश्किल होगा.

1. धड़कन (2000): डायरेक्टर धर्मेश दर्शन की फिल्म ‘धड़कन’ ने टूटे दिल के बदले को एक बहुत ही एलीट और कॉर्पोरेट स्पिन दिया, जो ‘दिलजले’ के कुछ साल बाद रिलीज हुई थी. फिल्म में देव (सुनील शेट्टी), अंजलि (शिल्पा शेट्टी) से बहुत प्यार करने लगता है, लेकिन अंजलि के पिता उसकी शादी राम (अक्षय कुमार) से कर देते हैं, जो एक अमीर और कल्चर्ड आदमी है. देव के लिए यह उसकी गरीबी और उसके प्यार के साथ सबसे बड़ा धोखा था, लेकिन उसका बदला हथियार उठाना नहीं था. वह तीन साल बाद 500 करोड़ रुपये का एम्पायर बनाकर लौटता है, लेकिन अंजलि को जीतकर उसके परिवार को बर्बाद कर देता है. सुनील शेट्टी के ‘एंटी-हीरो’ अवतार और फिल्म के टाइमलेस म्यूजिक ने इस फिल्म को ब्लॉकबस्टर बना दिया. ‘दूल्हे का सेहरा सुहाना लगता है’ टूटे दिलों के लिए एक एंथम बन गया.

2. तेरे नाम (2003): सतीश कौशिक के डायरेक्शन में बनी ‘तेरे नाम’ एक ऐसी फिल्म है, जो प्यार के ट्रॉमा और उसके बाद के असर को बेरहमी से दिखाती है. राधे मोहन (सलमान खान) एक कॉलेज का बुली है जिसे निर्जरा (भूमिका चावला) से प्यार हो जाता है. यहां धोखा किसी इंसान से नहीं, बल्कि किस्मत और समाज से मिलता है. जब तक निर्जरा को राधे के सच्चे प्यार का एहसास होता है, तब तक राधे अपने दुश्मनों के हमले की वजह से अपना मेंटल बैलेंस खो देता है. पागलखाने की बेड़ियों में जकड़ा राधे ठीक हो जाता है और उसे निर्जरा की मौत के बारे में पता चलता है. यहां, बदला उसकी अपनी जिंदगी से होता है. राधे दुनिया छोड़कर उसी पागलखाने में वापस चला जाता है. इस फिल्म ने न सिर्फ सलमान खान के डूबते करियर को बचाया बल्कि बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड भी तोड़ दिए. राधे का हेयरस्टाइल पूरे देश के युवाओं में हिट हो गया.
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3. अजनबी (2001): अब्बास-मस्तान की डायरेक्ट की हुई यह सस्पेंस-थ्रिलर आज के जमाने में प्यार में सोचे-समझे धोखे की एक डरावनी कहानी है. राज (बॉबी देओल) अपनी पत्नी प्रिया (करीना कपूर) से बहुत प्यार करता है और अपनी नई शादीशुदा जिंदगी शुरू करने के लिए स्विट्जरलैंड जाता है, जहां उसकी मुलाकात विक्रम (अक्षय कुमार) और सोनिया (बिपाशा बसु) से होती है. फिल्म का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट तब आता है जब राज को पता चलता है कि सोनिया, जिसके मर्डर का इल्जाम उस पर है, असल में जिंदा है. सोनिया और विक्रम ने राज को फंसाने की साजिश रची थी. यह राज के लिए एक बहुत बड़ा सदमा था, क्योंकि सोनिया, जिस औरत पर वह भरोसा करता था, उसने सिर्फ पैसे के लिए अपने प्यार और जान को खतरे में डाल दिया था. यहीं से राज का बदला लेने का सफर शुरू होता है, जहां वह कानून से बचता है, अपनी बेगुनाही साबित करता है और चालाक जोड़े को उनके ही खेल में हरा देता है. अक्षय कुमार के नेगेटिव रोल और बिपाशा बसु के बोल्ड, धोखेबाज अंदाज ने दर्शकों को हैरान कर दिया. यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही थी और इसका सस्पेंस आज भी लोगों के दिमाग में ताजा है.

4. कबीर सिंह (2019): संदीप रेड्डी वांगा की ‘कबीर सिंह’ आज के जमाने की सबसे विवादित और उतनी ही सफल फिल्मों में से एक थी. कबीर (शाहिद कपूर) अपनी जूनियर, प्रीति (कियारा आडवाणी) से पागलों की तरह प्यार करता है. परिवार के दबाव में प्रीति किसी और से शादी कर लेती है. कबीर इसे अपने प्यार का अंत और धोखा मानता है. उसका बदला किसी और से नहीं, बल्कि खुद से है. वह ड्रग्स, शराब और एक सर्जन के तौर पर अपनी प्रोफेशनल जिंदगी को खतरे में डालता है. यह समाज के बने-बनाए नियमों के खिलाफ एक बागी प्रेमी की चुपचाप, लेकिन हिंसक बगावत थी. आलोचना के बावजूद, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त हिट रही, जिसने ₹275 करोड़ से ज्यादा की कमाई की. युवाओं ने कबीर के गुस्से और दिल टूटने को पहचाना.

5. शादी में जरूर आना (2017): यह फिल्म छोटे शहर के प्यार और सेल्फ-रिस्पेक्ट की खूबसूरती से बुनी गई कहानी है. सत्येंद्र (राजकुमार राव) और आरती (कृति खरबंदा) की शादी होने वाली होती है. उन्हें प्यार हो जाता है. आरती अपने करियर की चाहत के चलते शादी की रात घर से भाग जाती है. सत्येंद्र और उसके परिवार के लिए यह समाज में सबसे बड़ा धोखा और बेइज्जती थी. सत्येंद्र इस सदमे को ताकत में बदलता है. वह पढ़ाई करता है और IAS ऑफिसर बनता है और आरती, जो PCS ऑफिसर बन चुकी है, के खिलाफ करप्शन केस की इन्वेस्टिगेशन का चार्ज लेता है. पावर की ताकत से लिए गए इस बदले को दर्शकों ने बहुत पसंद किया. इस मिड-बजट फिल्म ने वर्ड-ऑफ-माउथ पब्लिसिटी के दम पर अच्छी कमाई की और इसका गाना ‘ठुकरा के मेरा प्यार मेरा इंतकाम देखेगी’ आज भी हर दिल टूटे आशिक के लिए एक मोटिवेशनल गाना बना हुआ है.

6. जीत (1996): 90 के दशक की यह ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘दिलजले’ के जॉनर और स्पिरिट से पूरी तरह मेल खाती है. फिल्म में करण (सनी देओल) एक बेरहम शूटर और गैंगस्टर है जिसे काजल (करिश्मा कपूर) से प्यार हो जाता है. काजल से प्यार में पड़कर, करण क्राइम की दुनिया छोड़ने का फैसला करता है. कहानी में मोड़ तब आता है जब काजल के पिता उनके रिश्ते का विरोध करते हैं और काजल, करण के बुरे अतीत से डरकर वह अपने पिता की बात मानते हुए एक सीधे-सादे बिजनेसमैन सिड (सलमान खान) से शादी कर लेती है. करण के लिए, यह उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा धोखा था, जिसने उसे सुधरने का मौका दिए बिना वापस अंधेरे में धकेल दिया. उसका बदला गुस्से और तबाही का रूप लेता है. वह सिड और काजल की जिंदगी में एक साये की तरह लौटता है. हालांकि, जब बाद में काजल के पति पर हमला होता है, तो करण का बदला अपनी प्रेमिका को बचाने के एक नए मिशन में बदल जाता है. यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी.

