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जाह्नवी कपूर की ‘पेद्दी’ को लेकर एक विवाद छिड़ा हुआ है. एक्ट्रेक के रोल को लेकर काफी आलोचना हो रही है. फिल्म के डायरेक्टर बुची बाबू सना पर एक्ट्रेस को आब्जेक्टिफाई और सेक्शुअलाइज करने के भी आरोप लग रहे हैं. अब इसी विवाद के बीच जया बच्चन और करीना कपूर ने फिल्मों में महिलाओं को ऑब्जेक्टिफाई किए जाने पर खुलकर अपनी राय जाहिर की है.
जया बच्चन, करीना ने शेयर किया एक्सपीरियंस
नई दिल्ली. फिल्म ‘पेद्दी’में जाह्नवी के रोल को लेकर खूब चर्चा हो रही है. फिल्म में जिस तरह से एक्ट्रेस को दिखाया गया है, लोग उस पर आपत्ति जता रहे हैं. सोशल मीडिया पर कई लोगों का कहना है कि फिल्म में उनके किरदार को जरूरत से ज्यादा ग्लैमरस और ऑब्जेक्टिफाई करके दिखाया गया है. अब इसी मुद्दे पर करीना और जया बच्चन ने भी अपनी बात रखी है.
जया बच्चन और करीना कपूर दोनों का ही मानना है कि पर्दे पर एक्ट्रेस को अट्रेक्टिव दिखाने के मतलब ये नहीं है कि महिलाओं को भड़काऊ अंदाज में दर्शाया जाए. जाह्नवी कपूर के किरदार को लेकर उठे विवाद के बीच उनके बयान ने इस मुद्दे को एक नई दिशा दी है.
जया बच्चन ने शेयर किया अपना अनुभव
‘पेद्दी’में जाह्नवी के रोल को लेकर हो रही चर्चाओं के बीच जया बच्चन का भी एक बयान वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने कहा कि यूं तो किसी ने उनके साथ ऐसा करने की कभी हिम्मत नहीं की. लेकिन एक बार करियर में एक बार उनके साथ ऐसा हुआ था, एक डायरेक्टर ने उन्हें ऑब्जेक्टिफाई करने की कोशिश की थी. लेकिन जया ने कभी दोबारा उनके साथ काम नहीं किया.
करीना ने काजोल-श्रीदेवी का दिया उदाहण
जया बच्चन के अलावा करीना कपूर ने इस विवाद पर अपनी बात रखी है. उन्होंने कहा कि स्क्रीन पर सेंशुअल दिखने का मतलब ये नहीं कि छोटे या रिवीलिंग कपड़े पहनना जरूरी है. तभी ग्लैमर नजर आएगा या ऑडियंस आएगी. करीना ने अपनी बात रखते हुए कहा कि ‘कभी खुशी कभी गम’ के गाने ‘सूरज हुआ मद्धम’ में काजोल ने बिना अपना बदन दिखाए, दर्शकों का दिल जीत लिया था. उन्होंने इसी बीच श्रीदेवी का भी जिक्र किया. कहा ‘चांदनी’ के गाने ‘तेरे मेरे होंठों पे’ श्रीदेवी ने साड़ी में ही दर्शकों का दिल जीत लिया था.
बता दें कि करीना ने अपनी सास शर्मिला टैगोर का भी जिक्र किया, उन्होंने कहा कि ‘आराधना’ के ब्लॉकबस्टर गाने ‘रूप तेरा मस्ताना’ में शर्मिला टैगोर पूरी तरीके से ढकी हुई थी. लेकिनि फिर भी वह इस गाने से छा गई थीं. पर्दे पर सेंशुअलिटी का कपड़ों या महिलाओं को ऑब्जेक्ट की तरह दिखाने से कोई मतलब नहीं है. दरअसल, पेद्दी को लेकर एक विवाद छिड़ गया है कि फिल्म में जाह्नवी कपूर के किरदार को जरूरत से ज्यादा ग्लैमराइज किया गया है. लोग निर्देशक बुच्ची बाबू सना पर सवाल उठा रहे हैं. लेकिन उनका कहना है कि सिनेमा का मकसद लोगों का मनोरंजन करना, उन्हें प्रेरित करना और उनसे जुड़ना है.
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न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…और पढ़ें

