Protool

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर भड़के अशोक पंडित, प्रोटेस्ट की आड़ में कर रहे पॉलिटिक्स

Last Updated:

Ashoke Pandit On Cockroach Janta Party: फिल्म मेकर अशोक पंडित ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के आंदोलन पर तीखे सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं के पेपर लीक जैसे असली मुद्दे की आड़ में विपक्ष और कुछ संदिग्ध चेहरे अपनी खिसकती राजनीतिक जमीन बचाने के लिए गंदी राजनीति कर रहे हैं. अशोक पंडित ने इसे ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ का रीयूनियन बताया है. “

कॉकरोच जनता पार्टी पर भड़के अशोक पंडित, प्रोटेस्ट की आड़ में कर रहे पॉलिटिक्सZoom

CJP पर भड़के अशोक पंडित

नई दिल्ली: मुंबई के जाने-माने फिल्म डायरेक्टर और सोशल वर्कर अशोक पंडित ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के आंदोलन पर बड़े सवाल उठाए हैं. उन्होंने साफ-साफ कहा है कि हमें यह देखने की जरूरत है कि इस आंदोलन के पीछे सचमुच न्याय की लड़ाई है या फिर कोई छिपा हुआ राजनीतिक एजेंडा. अशोक पंडित का मानना है कि जनता के आंदोलनों का सहारा लेकर कुछ लोग अपना सियासी फायदा उठाने में लगे हैं.अशोक पंडित ने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि वह इस पार्टी को जितना देख रहे हैं, उतना ही उनके इरादों पर उनका शक गहराता जा रहा है.

साल 2010 के अन्ना हजारे आंदोलन की याद दिलाते हुए पंडित ने कहा कि आजादी के बाद वह देश का सबसे बड़ा आंदोलन था, जहां पूरा देश एक साथ खड़ा हुआ था. उसी आंदोलन से अरविंद केजरीवाल एक बड़ा चेहरा बनकर निकले, लेकिन बाद में सब कुछ बदल गया.

केजरीवाल पर आरोप

अशोक पंडित का सीधा आरोप है कि अरविंद केजरीवाल ने अन्ना हजारे के उस पवित्र आंदोलन का इस्तेमाल अपनी खुद की राजनीतिक इच्छाओं को पूरा करने के लिए किया. उन्होंने दावा किया कि जिस व्यक्ति को कभी नए भारत का चेहरा बताया जा रहा था, वही बाद में शराब घोटाले के मामले में फंस गया और उन्हें जेल की हवा भी खानी पड़ी.इसके बाद उन्होंने देश में चल रहे पेपर लीक के मुद्दे पर भी खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि पेपर लीक का मामला बेहद शर्मनाक है और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी ही चाहिए. लेकिन इसी के साथ उन्होंने आरोप लगाया कि CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) अपने सियासी फायदे के चक्कर में इस असली मुद्दे को भटका रही है.

संदिग्ध चेहरे

पंडित ने कहा कि इस आंदोलन से जुड़े कई चेहरों का रिकॉर्ड पहले से ही गड़बड़ रहा है. इनमें से किसी ने उमर खालिद की तारीफ की है, तो कोई जांच के घेरे में है. उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि यह आंदोलन अब आम जनता का गुस्सा कम और “टुकड़े-टुकड़े गैंग” की रीयूनियन ज्यादा लग रहा है.अशोक पंडित ने दिल्ली चुनाव में केजरीवाल की हार का जिक्र करते हुए कहा कि केजरीवाल की राजनीतिक जमीन अब खिसक रही है, इसलिए वह अपनी साख बचाने के लिए कोई नया मुद्दा ढूंढ रहे हैं. पंजाब, गुजरात और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में होने वाले आगामी चुनावों को देखते हुए विपक्षी नेता जनता में गुस्सा भड़काकर फायदा उठाना चाहते हैं.अशोक पंडित के मुताबिक, जब अरविंद केजरीवाल, राहुल गांधी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी जैसे नेताओं को जनता का असली सपोर्ट नहीं मिल रहा है, तो वे ऐसे आंदोलनों का सहारा लेकर अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश कर रहे हैं.

View this post on Instagram



Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *