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Kishore Kumar Lata Mangeshkar Blockbuster Songs : स्वर कोकिला लता मंगेशकर और लीजेंड गायक किशोर कुमार की जोड़ी हिंदी सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित प्लेबैक सिंगर जोड़ी मानी जाती है. दोनों ने साथ मिलकर कई अमर प्रेम गीत और रोमांटिक ड्यूएट गाए हैं. 1951 में आई फिल्म ‘आंदोलन’ का गाना ‘ये कौन आया, करके सोलह सिंगार’ इस सिंगर जोड़ी का पहला युगल गीत माना जाता है. लता मंगेशकर ने किशोर कुमार के साथ जितने भी गाने गाए, उनमें एक अलग तरह की मस्ती, चुलबुलापन और मिठास है. दोनों का स्वभाव एकदूसरे के विपरीत था. कई बार तकरार भी हुई. किशोर-लता ने 8 ऐसे कालजयी गाने जिन्हें अपनी सुरीली आवाज से अमर कर दिया. दिलचस्प बात यह है कि सभी फिल्में सुपरहिट रहीं.

बॉलीवुड में जैसे हीरो-हीरोइन की जोड़ी फेमस रहती है, पर्दे के पीछे वैसे ही लीजेंड सिंगर किशोर कुमार – स्वर कोकिला लता मंगेशकर की जोड़ी को लोगों ने खूब सराहा. दोनों की आवाज ने करीब चार दशक तक पूरी दुनिया के लोगों का मनोरंजन किया. कुमार कुमार ने वैसे तो 1948 से प्लेबैक सिंगिंग शुरू की थी लेकिन 1958 की फिल्म ‘चलती का नाम गाड़ी’ के एक गाने ‘एक लड़की भीगी भागी सी’ से उन्हें पहचान मिली. किशोर कुमार-लता मंगेशकर ने 8 ऐसे गाने गाए जो अमर हो गए. ये गाने जिन फिल्मों में थे, वो फिल्में भी सुपरहिट साबित हुईं. ये फिल्में थीं : गाइड, ज्वेल थीफ, आराधना, आन मिलो सजना, आ गले लग जा, कभी-कभी, डॉन, मिस्टर नटवरलाल और सागर.

सबसे पहले बात करते हैं ‘गाइड’ मूवे की है जो कि हिंदी सिनेमा की सार्वकालिक महान फिल्म मानी जाती है. 1961 की फिल्म ‘हम दोनों’ बर्लिन फिल्म फेस्टिवल के लिए चुनी गई थी. बर्लिन में ही देवानंद ने आरके नारायण का उपन्यास ‘गाइड’ पढ़ा और उस पर फिल्म बनाने का फैसला किया. अपने छोटे भाई विजय आनंद उर्फ गोल्डी से फिल्म बनाने का अनुरोध किया. गोल्डी ने मुंबई के खंडाला में 18 दिन में होटल में रुककर गाइड फिल्म की स्क्रिप्ट लिखी. स्टोरी में कई बदलाव किए. इस तरह से भारतीय सिनेमा के इतिहास की महान फिल्म बनकर तैयार हुई. फिल्म का म्यूजिक एसडी बर्मन ने दिया था. इसी फिल्म का एक गाना ‘गाता रहे मेरा दिल’ लता मंगेशकर-किशोर कुमार ने गाया था. 85 लाख के बजट में बनी इस फिल्म ने 1.75 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया था. गाइड 1965 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों की लिस्ट में 5वें नंबर पर थी. फिल्म को 7 फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले थे.

‘गाइड’ फिल्म की अपार सफलता के बाद देवानंद ने अपने छोटे भाई विजय आनंद के साथ मिलकर ‘ज्वेल थीफ’ फिल्म बनाई जो कि 27 अक्टूबर 1967 को रिलीज हुई थी. फिल्म में अशोक कुमार, देवानंद, वैजयंती माला और तनूजा लीड रोल में थे. स्क्रीनप्ले, डायलॉग और डायरेक्शन विजय आनंद का था. म्यूजिक एसडी बर्मन थे. गीतकार शैलेंद्र-मजरूह सुल्तानपुरी थे. इस फिल्म का एक गाना ‘आसमा के नीचे, हम आज अपने पीछे, प्यार का जहां बसा के चले’ किशोर कुमार-लता मंगेशकर ने गाया था. यह गाना आज भी उतना ही रोमांटिक लगता है. ज्वेल थीफ हिंदी सिनेमा की बेस्ट सस्पेंस थ्रिलर फिल्म में शामिल है. फिल्म 1967 की फिल्मों में छठे नंबर पर थी. फिल्म अपने समय से बहुत आगे की थी.
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तीसरे नंबर पर है कि हिंदी सिनेमा की ऐसी फिल्म जिसने किशोर कुमार को रातोंरात सिंगिंग की दुनिया का बादशाह बनाया. राजेश खन्ना को सुपर स्टार बनाया. हम बात कर रहे हैं ‘आराधना’ फिल्म की जिसकी कहानी सचिन भौमिक ने लिखी थी. यह कहानी 1946 में आई अमेरिकन फिल्म टू ईच हिज ओन (To Each His Own) से इंस्पायर्ड थी. शक्ति सामंत डायरेक्टर थे. पहले इस फिल्म का टाइटल ‘सुबह प्यार की’ था जिसे एसडी बर्मन के कहने पर बदला गया. किशोर ‘आराधना’ से पहले सिर्फ देवानंद और अपनी फिल्मों के लिए गाते थे. यह पहला मौका था जब उन्होंने राजेश खन्ना को अपनी आवाज दी थी. आरधना फिल्म का म्यूजिक ब्लॉकबस्टर था. इसी फिल्म में लता मंगेशकर-किशोर कुमार का एक युगल गीत ‘कोरा कागज था ये मन मेरा’ था जो कि कालजयी गाना साबित हुआ. फिल्म सुपरहिट साबित हुई थी.

राजेश खन्ना ‘आराधना’ से रातोंरात सुपर स्टार बने. इसके बाद 1969 से 1971 के बीच उन्होंने 17 से ज्यादा हिट-सुपरहिट फिल्में दीं. ऐसी ही एक फिल्म ‘आन मिलो सजना’ 1970 में रिलीज हुई थी. इसका डायरेक्शन मुकुल दत्त ने किया था. यह एक म्यूजिकल रोमांटिक फिल्म थी. राजेश खन्ना, आशा पारेख, विनोद खन्ना लीड रोल में थे. फिल्म का म्यूजिक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने कंपोज किया था. आनंद बख्शी ने फिल्म के गाने लिखे थे. इस फिल्म के दो गाने किशोर कुमार-लता मंगेशकर ने मिलकर गाए थे. ये गाने थे : ‘अच्छा तो हम चलते हैं’ और टाइटल सॉन्ग ‘आन मिलो सजना’. दोनों ही गाने खूब पॉप्युलर हुए. बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म सुपरहिट साबित हुई थी.

साल 1973 में शशि कपूर-शर्मिला टैगोर और शत्रुघ्न सिन्हा स्टारर ‘आ गले लग जा’ मूवी सिनेमाघरों में आई थी. मनमोहन देसाई फिल्म के डायरेक्टर थे. आरडी बर्मन के म्यूजिक से सजे गाने साहिर लुधियानवी ने लिखे थे. फिल्म का एक गाना ‘वादा करो नहीं छोड़ूगी तुम मेरा साथ’आज भी हिट है.

‘जंजीर’ और ‘दीवार’ के बाद अमिताभ बच्चन सुपर स्टार बन गए. इंडस्ट्री में उनके नाम का सिक्का चलने लगा. यश चोपड़ा ने ही दीवार फिल्म का डायरेक्शन किया था. 1976 में यश चोपड़ा ने अमिताभ बच्चन, राखी गुलजार, ऋषि कपूर, नीतू सिंह के साथ फिल्म ‘कभी-कभी’ बनाई. 27 फरवरी 1976 को रिलीज हुई ‘कभी-कभी’ एक म्यूजिकल रोमांटिक फिल्म थी. साहिर लुधियानवी की शायरी की किताब ‘तल्खियां’ में एक कविता थी ‘कभी-कभी’. इसी कविता पर यश चोपड़ा ने फिल्म बनाई और टाइटल भी यही रखा. संगीतकार खय्याम थे. फिल्म में ‘राखी-शशि कपूर’ की शादी के सीन में अमिताभ बच्चन के माता-पिता भी नजर आए थे. इसी फिल्म का एक गाना ‘तेरे चेहरे से नजर नहीं हटती, नजारे हम क्या देखें’ आज भी प्रेमी दिलों में बसा हुआ है. गाना किशोर कुमार-लता मंगेशकर ने बहुत ही खूबसूरती से गाया.

1978 की फिल्म ‘डॉन’ में किशोर कुमार ने दो यादगार गाने गाए थे. एक गाना ‘खइके पान बनारस वाला’ था जिसके लिए किशोर कुमार को फिल्म फेयर अवॉर्ड भी मिला था. एक गाना किशोर कुमार – लता मंगेशकर ड्यूएट था. यह गाना ‘जिसका मुझे था इंतजार था’ था. गाना आज भी उतना ही सुपरहिट है. डॉन 1978 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी. 1978 में अमिताभ बच्चन की चार फिल्में सुपरहिट साबित हुई थीं.

1978 में आई ‘मुकद्दर का सिकंदर’ फिल्म में रेखा-अमिताभ की जोड़ी, उनकी ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों ने खूब सराहा. 1979 में अमिताभ-रेखा की एक और फिल्म ‘मि. नटवरलाल’ आई. म्यूजिक संगीतकार राजेश रोशन का था. गीतकार आनंद बख्शी थे. इस फिल्म का एक गाना ‘परदेसिया, ये सच है पिया, सब कहते हैं मैंने, तुझको दिल दे दिया, मैं कहती हूँ तूने मेरा दिल ले लिया.’ रेखा-अमिताभ के बीच मस्ती गाने में दिखाई देती है. इस गाने को किशोर कुमार-लता मंगेशकर ने आवाज दी थी. इस फिल्म में अमिताभ बच्चन, रेखा, अजीत, कादर खान, इंद्राणी मुखर्जी और अमजद खान लीड रोल में नजर आए थे. डायलॉग कादर खान ने लिखे थे. प्रोड्यूसर टोनी जुनेजा थे. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही थी.

