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एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनौत ने ‘न्यूज18 इंडिया’ से खास बातचीत में पीएम नरेंद्र मोदी के रिकॉर्ड कार्यकाल की सराहना करते हुए इसका श्रेय जनता को दिया. कंगना रनौत ने याद किया कि 2014 से पहले की फिल्मों और माहौल में सिर्फ भ्रष्टाचार और निराशा दिखती थी, लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी के आने से देश का नजरिया बदला. उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से सिनेमा में भी बदलाव आया है.

नई दिल्ली: एक्ट्रेस कंगना रनौत इन दिनों अपनी अगली फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ को लेकर चर्चा में हैं. हिमाचल प्रदेश की मंडी से सांसद बनने के बाद एक्ट्रेस सधे हुए प्रोजेक्ट कर रही हैं. वे लोगों के प्रति अपने दायित्व को समझती हैं, इसलिए खास मकसद से फिल्में ही कर रही हैं. उन्होंने अपनी अगली फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ में नर्सिंग स्टाफ की अहमियत को बयां किया है. इस बीच, कंगना रनौत ने ‘न्यूज18 इंडिया’ से खास बातचीत में पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यकाल और उनके महा रिकॉर्ड पर अपने जज्बात बयां किए.

पीएम नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. वे सबसे लंबे वक्त तक प्रधानमंत्री के पद पर काबिज रहने वाले पीएम बन गए हैं. वे सामान्य परिवार से ताल्लुक रखते हैं. जब कंगना रनौत से पीएम नरेंद्र मोदी की अचीवमेंट के बारे में पूछा गया, तो वे बोलीं, ‘इसका सारा श्रेय जनता जनार्धन को जाता है. आज पूरे विश्व को देखकर लगता है कि आज स्थिर सरकार होना देश के लिए सौभाग्य की बात है.’

कंगना आगे कहती हैं, ‘नरेंद्र मोदी गुजरात में बहुत लोकप्रिय हैं. वे जब 2014 में आए, तो सबको पता था कि कुछ ऐतिहासिक हुआ है. ऐसा नहीं है, बहुत महान नेता हुए हैं. मगर हर इंसान जानता था कि यह देश का उद्धार करेंगे.’
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कंगना रनौत से फिर पूछा गया कि जब उन्होंने पहली दफा पीएम नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेते देखा था, तो कैसा लगा था? वे बोलीं, ‘हम खुद को नॉन पॉलिटिकल कह सकते थे. उस वक्त फिल्मों में ही डूबे रहते थे. उस दौर की फिल्में देखें. लोग सरकार को गालियां देते हैं. वे इंडिया में क्राइम और करप्शन पर ही फिल्में बनाते थे. एक लड़की का रेप होता है, तो वह पुलिस के पास जाती है, तो वहां भी रेप होता है. उस दौर में एक ही तरह की फिल्में बनती थीं. क्या गुंडा राज है, क्या करप्शन है.’

कंगना रनौत कहती हैं, ‘उस वक्त हमारी सरकारों का नाम भ्रष्टाचार में पहले या दूसरे स्थान पर रहता था. हम लोगों का सरकार से कहीं-न-कहीं मन ऊब चुका था. कोई उम्मीद नहीं थी सरकार से.’

कंगना रनौत आगे कहती हैं, ‘2014 में उनकी जीत पर अलग माहौल था. मेरे घर से खुद माता-पिता का फोन आया. वे किसी नेता के लिए ऐसी बात नहीं करते थे. मेरा छोटा भाई अक्षत कहता था- मोदी जीत गया, मोदी जीत गया. मैंने पूछा कि क्या हो गया, अगर जीत गए. वे कहते- तुमको पता नहीं है वो कौन है. वे ऐतिहासिक पुरुष हैं. वे कहीं हिमालय पर रहे. उन्होंने गुजरात मॉडल ऐसे बनाया.’

कंगना रनौत ने बताया कि लोग पीएम नरेंद्र मोदी पर ऐसे बातें कर रहे थे, मानो किसी लीजेंड पर चर्चा कर रहे हों. हालांकि, पीएम के विरोधी हमेशा उनका अपमान करने की कोशिश करते रहे. वे कभी चाय बेचने की बात पर तंज कसते, तो कभी उन्हें दोबारा चाय बेचने की नसीहत देकर अपमान करते.

कंगना रनौत ने अपनी फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ का जिक्र करते हुए अपनी बात समझाई. वे बोलीं, ‘आप किसी इंसान को छोटी या बड़ी दृष्टि से देख सकते हैं, पर इंसान का काम उसके लिए बोलता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब से आए हैं, तब से हमारा फिल्मी हीरो किस तरह से बदला है. वह टियर 2 या 3 से ताल्लुक रखता है. इससे पहले, सब स्विट्जरलैंड में शूट होता था. देश के देखने का नजरिया बदला है. मुझे भी सफलता 2014 में मिली. भारतीयता को लेकर एक स्वीकार्यता आई है. हमें बदलने की जरूरत नहीं है. हम जो हैं, उस पर काम करने की जरूरत है.’

