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Suman Kalyanpur Death: जानेमाने सिंगर सुमन कल्याण का निधन, 89 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

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Suman Kalyanpur Death: मशहूर पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर का 89 वर्ष की उम्र में रविवार रात मुंबई के लोखंडवाला स्थित घर में निधन हो गया. उनका आज सोमवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा. वह ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे’, ‘ना ना करते प्यार तुम्हीं से’, ‘तुमने पुकारा और हम चले आए’ जैसी गीतों को अपनी आवाज देने के लिए अमर रहेंगी.

जानेमाने सिंगर सुमन कल्याण का निधन, 89 साल की उम्र में ली अंतिम सांसZoom

पार्श्वगायिका सुमन कल्याण का रविवार रात निधन हो गया. वह 89 वर्ष की थीं.

Suman Kalyanpur Death: संगीत जगत की मशहूर पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर का रविवार शाम निधन हो गया. वह 89 वर्ष की थीं. उम्र संबंधी समस्याओं के कारण उन्होंने मुंबई स्थित अपने लोखंडवाला आवास पर अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर से संगीत प्रेमियों और फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है. सुमन कल्याणपुर की करीबी मित्र और उनकी चर्चित मराठी जीवनी सुमन सुगंध की लेखिका मंगला खाडिलकर ने उनके निधन की पुष्टि की. उन्होंने बताया कि सुमन कल्याणपुर ने रविवार रात करीब 8 बजे अपने घर पर शांतिपूर्वक अंतिम सांस ली. बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से वह अपने पुराने गीत सुन रही थीं. उनके परिवार में उनकी बेटी चारु हैं.

सुमन कल्याणपुर भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम दौर की उन चुनिंदा गायिकाओं में शामिल थीं, जिन्होंने 1960 और 1970 के दशक में अपनी मधुर आवाज से लाखों श्रोताओं के दिलों में खास जगह बनाई. उस दौर में जब लता मंगेशकर का संगीत जगत पर दबदबा था, तब भी सुमन कल्याणपुर ने अपनी अलग पहचान स्थापित की और कई यादगार गीतों को अपनी आवाज दी.

उनके गाए गीत आज भी संगीत प्रेमियों की जुबान पर हैं. ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे’, ‘ना ना करते प्यार तुम्हीं से’, ‘तुमने पुकारा और हम चले आए’ जैसे गीतों ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया. उनकी सुरीली आवाज और भावपूर्ण गायकी ने उन्हें हिंदी फिल्म संगीत की सबसे सम्मानित गायिकाओं में शामिल किया.

मराठी, असमिया, कन्नाड़, बंगाली, उड़िया सहित भाषाओं में गीत गाए

सिर्फ हिंदी ही नहीं, सुमन कल्याणपुर ने मराठी, असमिया, कन्नड़, बंगाली, उड़िया समेत कई भारतीय भाषाओं में गीत गाए. फिल्मी गीतों के अलावा उन्होंने भजन, गजल और ठुमरी गायन में भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया. उनकी बहुमुखी गायकी ने उन्हें विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों के श्रोताओं के बीच लोकप्रिय बनाया. अक्सर उनकी आवाज की तुलना स्वर कोकिला लता मंगेशकर से की जाती थी, लेकिन सुमन कल्याणपुर ने हमेशा इस तुलना को विनम्रता से खारिज किया. वर्ष 2022 में दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने लता मंगेशकर को अपनी करीबी मित्र बताया था. उन्होंने कहा था कि लता जी के गीतों को हर कोई पसंद करता था और वह हमेशा अमर रहेंगी. दोनों ने फिल्म ‘चांद’ के लिए एक युगल गीत भी रिकॉर्ड किया था.

सुमन कल्याणपुर के निधन के साथ भारतीय संगीत जगत का एक स्वर्णिम अध्याय समाप्त हो गया है. हालांकि, उनकी आवाज और उनके अमर गीत हमेशा संगीत प्रेमियों के दिलों में जीवित रहेंगे. उनका अंतिम संस्कार सोमवार को मुंबई के पवन हंस श्मशान घाट में किया जाएगा. संगीत की दुनिया में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा.

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संतोष कुमार

न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें

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