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कौन थे संगीत के दुनिया के रामलक्ष्मण? जिनके असली नाम से कम, धुनों से ज्यादा थी पहचान, ‘राजश्री’ के दिल की धड़कन

नई दिल्ली. जब हिंदी सिनेमा में आर.डी. बर्मन, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल और कल्याणजी-आनंदजी जैसे दिग्गजों का दौर था, उसी समय एक ऐसा संगीतकार भी अपनी धुनों से लोगों के दिलों पर राज कर रहा था, जिसने बिना शोर किए अपनी अलग पहचान बना ली. राजश्री प्रोडक्शन की फिल्मों में रिश्तों, प्यार और परिवार की भावनाओं को सुरों में पिरोने वाला यह संगीतकार पर्दे के पीछे रहना पसंद करता था, लेकिन उसके गाने हर घर में गूंजते थे. ‘दिल दीवाना’, ‘दीदी तेरा देवर दीवाना’ और ‘कबूतर जा जा जा’ जैसी धुनों ने उसे 80-90 के दशक की धड़कन बना दिया. मराठी सिनेमा से शुरू हुआ सफर हिंदी फिल्मों तक पहुंचा और उसकी सादगी भरी धुनों ने लाखों लोगों की यादों में हमेशा के लिए जगह बना ली. लोग उनके असली नाम से कम, लेकिन उनकी अमर धुनों से ज्यादा पहचानते हैं.

‘मैंने प्यार किया’, ‘हम आपके हैं कौन’, और ‘हम साथ साथ हैं’ जैसी फिल्मों में अपने काम के लिए पहचाने जाने वाले दिग्गज संगीतकार रामलक्ष्मण का 22 मई 2021 को निधन हुआ था. राम लक्ष्मण का असली नाम विजय काशीनाथ पाटिल था. उन्होंने हिंदी, भोजपुरी और मराठी की करीब 150 से ज्यादा फिल्मों में म्यूजिक दिया. उनको राजश्री प्रोडक्शन की फिल्मों में खास पहचान मिली. दादा कोंडके ने रामलक्ष्मण को मराठी फिल्मों से काम की शुरुआत कराई थी. इसके बाद राम लक्ष्मण ने दादा कोंडके की कई हिंदी फिल्मों में भी संगीत दिया.

कौन थे संगीत के दुनिया के रामलक्ष्मण?

राम लक्ष्मण नाम एक संगीतकार जोड़ी का प्रतीक है, जिसने 80-90 के दशक में रोमांटिक और पारिवारिक फिल्मों में संगीत दिया. राम लक्ष्मण की जोड़ी में मुख्य रूप से लक्ष्मण, यानी विजय पाटिल की मेहनत और प्रतिभा से जानी जाती है. उनकी धुनें आज भी कई लोगों के दिलों में गूंजती हैं. इस जोड़ी के राम, सुरेंद्र थे. विजय पाटिल का जन्म 16 सितंबर 1942 को नागपुर में हुआ था. बचपन से ही संगीत के प्रति गहरा लगाव रखने वाले विजय ने पारंपरिक प्रशिक्षण लिया और विभिन्न वाद्यों जैसे पियानो, अकॉर्डियन और ड्रम्स पर बजाना सीखा.

‘मैंने प्यार किया’ ने रामलक्ष्मण को बनाया रातोंरात स्टार

1977 में हिंदी सिनेमा में एंट्री ‘एजेंट विनोद’ फिल्म से हुई. हालांकि, इस जोड़ी के राम यानी सुरेंद्र की जल्द ही मृत्यु हो गई. विजय पाटिल ने ‘लक्ष्मण’ नाम से आगे बढ़ते हुए राम लक्ष्मण ब्रांड को जीवित रखा. साल 1989 में सूरज बड़जात्या की फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ ने राम लक्ष्मण को रातोंरात स्टार बना दिया. सलमान खान और भाग्यश्री के अभिनय में बनी, इस फिल्म के गाने युवा पीढ़ी के होठों पर चढ़ने लगे. ‘दिल दीवाना’,’कबूतर जा जा जा’,’आजा शाम होने आई’,’मैंने प्यार किया’ और ‘मेरे सवालों का’ जैसे गाने आज भी शादियों और पार्टियों में गूंजते हैं. इस फिल्म के सभी 11 गाने हिट रहे.

गानों से लगाए चार चांद

साल 1994 में ‘हम आपके हैं कौन..!’ फिल्म आई. इस फिल्म के ‘दीदी तेरा देवर दीवाना’,’मई नी मई’, ‘जूते दो पैसा लो’,’हम आपके हैं कौन’ और ‘वाह वाह राम जी’ जैसे गाने पूरे देश में छा गए. इसके बाद वर्ष 1999 में ‘हम साथ-साथ हैं’ फिल्म ने भी उनकी साझेदारी का एक और लोहा मनवाया. रामलक्ष्मण ने लता मंगेशकर, आशा भोसले, किशोर कुमार, उदित नारायण, अलका याग्निक और कुमार सानू जैसे दिग्गज गायकों के साथ काम किया. ‘100 डेज’, ‘पत्थर के फूल’, ‘पुलिस पब्लिक’, ‘मुस्कुराहट’ जैसी फिल्मों में भी उनके संगीत ने चार चांद लगा दिए.

5 साल पहले दुनिया को कहा अलविदा

विजय पाटिल कम चर्चा में रहना पसंद करते थे. वे संगीत को ही अपनी पहचान मानते थे. 22 मई 2021 को 79 साल की आयु में उन्होंने आखिरी सांस ली. उनके निधन की खबर से हर तरफ शोक का माहौल छा गया था.

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