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बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म तुम्बाड-2 को लेकर सुर्खियों में हैं. नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने कई बार अपने संघर्ष के दिनों को याद किया और बताया कि कैसे वे अपने शुरुआती दिनों में बिना ब्रेक लिए एक ही दिन में तीन-तीन प्ले की रिहर्सल किया करते थे.

नई दिल्ली. बॉलीवुड के जाने माने एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अपने करियर की शुरुआत छोटे-छोटे रोल निभाकर की थी. उन्होंने अपने बेहतरीन अभिनय से दर्शकों के दिलों में अलग छाप छोड़ी है.

नवाजुद्दीन सिद्दीकी हमेशा अभिनय में इस कदर डूब जाते हैं कि वे रियल लगने लगते हैं. उनकी इस पोस्ट से पता चलता है कि वे अपने काम को कितनी गहराई से समझते हैं. वह अपने हर किरदार में जान फूंक देते हैं.

बॉलीवुड में अपनी दमदार एक्टिंग और अलग अंदाज के लिए पहचान बनाने वाले नवाजुद्दीन सिद्दीकी आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. छोटे से गांव से निकलकर मायानगरी मुंबई तक का उनका सफर आसान नहीं रहा. आज नवाजुद्दीन सिद्दीकी अपना जन्मदिन मना रहे हैं और इस खास मौके पर उनके संघर्ष से सफलता तक के सफर को जानना दिलचस्प है.
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हाल ही में एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अपने संघर्ष के दिनों को याद किया और बताया कि कैसे वे अपने शुरुआती दिनों में बिना ब्रेक लिए एक ही दिन में तीन-तीन प्ले की रिहर्सल किया करते थे. एक वक्त ऐसा था जब वह पाई पाई को मोहताज थे. लेकिन आज करोड़ों के मालिक हैं. एक बार तो उन्होंने मुंबई में अपने आलीशान बंगले की तस्वीर शेयर की थी. रिपोर्ट्स की मानें उनके आलीशान बंगले की कीमत ही 12 करोड़ से ज्यादा की है.

19 मई 1974 को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के बुढाना में हुआ था. वह एक किसान परिवार से आते हैं. परिवार बड़ा था और आर्थिक स्थिति भी बहुत मजबूत नहीं थी. शुरुआती पढ़ाई गांव में करने के बाद उन्होंने हरिद्वार के गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया.

एक्टिंग का सपना पूरा करने के लिए वह मुंबई आए थे. मुंबई आने के बाद उनका असली संघर्ष शुरू हुआ. कई दिनों तक उनके पास रहने और खाने तक के पैसे नहीं होते थे. हालात ऐसे थे कि दोस्तों के साथ कमरा शेयर करना पड़ता था और खर्च चलाने के लिए छोटी-मोटी नौकरियां भी करनी पड़ीं.

उन्होंने ऐसा भी वक्त देखा है जब, दिल्ली में चौकीदार की नौकरी करनी पड़ी थी. थिएटर सीखने और एक्टिंग के सपने को जिंदा रखने के लिए उन्होंने काफी मुश्किलें झेलीं. बाद में वह नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से जुड़े, जहां उनकी एक्टिंग को निखरने का मौका मिला.

उनकी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट बना गैंग्स ऑफ वासेपुर. इस फिल्म में फैजल खान के किरदार ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. द लंचबॉक्स, बदलापुर,बजंरगी भाईजान, मांझी, मंटो और सेक्रेड गेम्स जैसी फिल्मों और वेब सीरीज में उनकी एक्टिंग को खूब सराहा गया.

