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आमिर खान के बेटे जुनैद खान हाल ही में साई पल्लवी के साथ एक दिन में दिखे हैं. आमिर खान के प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले बनी फिल्म से साई पल्लवी ने बॉलीवुड डेब्यू किया है. इस फिल्म के प्रीमियर के दौरान आमिर खान और उनके परिवार के बीच एक बहुत की खास पल देखने को मिला था. आमिर खान बेटे जुनैद की फिल्म के प्रीमियर में गर्लफ्रेंड गौरी का हाथ थामे पहुंचे थे.

नई दिल्ली. प्रीमियर के दौरान आमिर खान की गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट को उनके बच्चों ने गले लगाया. जुनैद, इरा और दामाद नुपूर शिखरे ने आमिर और उनकी गर्लफ्रेंड गौरी को गले लगाकर उन्हें प्यार जताया. ये खास पल पैपराजी ने अपने कैमरे में कैद किया जो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा था.

हाल ही में आमिर के लाडले जुनैद खान ने पिता की गर्लफ्रेंड औऱ उनकी एक्स वाइफ किरण राव संग अपने रिश्ते के बारे में बात की. जुनैद खान, आमिर की पहली पत्नी रीना दत्ता के बेटे हैं. रीना के साथ आमिर खान के दो बच्चे हैं- जुनैद और इरा.

वहीं किरण राव के साथ आमिर खान का एक बेटा है जिसका नाम आजाद है. जुनैद ने विक्की लालवानी के साथ बात करते हुए पिता की एक्स पत्नी और गर्लफ्रेंड के साथ अपनी बॉन्डिंग पर खुलकर चर्चा की. वो कहते हैं कि दोनों के साथ उनके रिश्ते में इज्जत है.
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किरण राव के साथ अपनी बॉन्डिंग के बारे में जुनैद खान कहते हैं कि उनका रिश्ता बहुत आसान था. एक दिन एक्टर के मुताबिक फिल्ममेकर किरण राव बहुत ही अच्छी इंसान हैं. वो कहते हैं कि उनके पेरेंट्स (रीना दत्ता और आमिर खान) का तलाक उनके बचपन में ही हो गया था. इस इक्वेशन में शामिल हर किसी ने बहुत ही समझदारी के साथ अपने रिश्ते को हैंडल किया था. जुनैद के मुताबिक इसलिए हर किसी के लिए चीजें आसान थीं.

आमिर खान की गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट के साथ अपनी बॉन्डिंग पर वो कहते हैं कि उन्हें नहीं पता कि मीडिया के सामने अपने रिश्ते को जग-जाहिर करने से पहले दोनों कितने समय से डेट कर रहे थे. उनके मुताबिक ये एक पर्सनल मैटर है जिसे पूरी तरह से पर्सनल ही रहना चाहिए.

एक्टर ने खुलासा किया कि वो गौरी और किरण को नाम से ही बुलाते हैं. उनके मुताबिक वो बचपन में किरण को लंबे समय तक किरण आंटी कहते थे. लेकिन जब वो 14-15 साल के हुए तो किरण ने उन्हें आंटी कहने मना कर दिया जिसके बाद से वो उन्हें नाम से बुलाते है. इसी तरह वो गौरी को भी नाम से बुलाते हैं.

जुनैद कहते हैं कि वो 7-8 साल के थे जब उनके पेरेंट्स ने तलाक लेने का फैसला किया था. लेकिन उन्हें लंबे समय तक पता ही नहीं था कि उनके माता-पिता एक दूसरे की बात से सहमत नहीं थे. वो कहते हैं कि उनके माता-पिता उन दोनों की हर चीज पर आपसी सहमति से ही फैसला करते थे.

अपने पेरेंट्स के तलाक पर जुनैद कहते हैं कि जरूरी नहीं है कि दो अच्छे लोग हमेशा एक-दूसरे के साथ खुश रहें. उनके पेरेंट्स साथ नहीं थे, लेकिन उन्हें एक खुशहाल परिवार मिला. दो अच्छे पेरेंट्स मिले जो अलग-अलग खुश थे.

