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मशहूर गायिका सोना मोहपात्रा ने भेदभाव और नस्लवाद पर गहरी चिंता जताई है. उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि विदेशों में भारतीयों के साथ होने वाले नस्लवाद पर गुस्सा करने से पहले हमें अपने अंदर झांकना चाहिए. भारत में ही उत्तर-पूर्व, बिहार, उत्तर प्रदेश और ओडिशा के लोगों को दकियानूसी, नस्लभेदी बयानों और मानसिक तकलीफों का सामना करना पड़ता है. सोना मोहपात्रा की मानें, तो भेदभाव के लिए सिर्फ देश नहीं, बल्कि सरनेम, चेहरा और लहजा ही काफी होता है. अगर विदेशों में हमारे साथ भेदभाव गलत है, तो देश के भीतर अपनों के साथ ऐसा व्यवहार भी पूरी तरह गलत है.

नई दिल्ली: मशहूर सिंगर सोना मोहपात्रा एक बार फिर सामाजिक मुद्दे पर खुलकर सामने आई हैं. उन्होंने देश के अलग-अलग हिस्सों के लोगों के साथ होने वाले भेदभाव और नस्लवाद पर अपनी राय रखी. उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में इस गंभीर मुद्दे पर लोगों से सोच बदलने की अपील की. (फोटो साभार: Instagram@sonamohapatra)

सोना मोहपात्रा ने कहा कि इन दिनों उनके इंस्टाग्राम पर अमेरिका में रहने वाले भारतीयों के कई वीडियो सामने आ रहे हैं. इन वीडियो में कुछ लोग भारतीयों से ‘अपने देश वापस जाओ’ जैसी बातें कहते दिखाई दे रहे हैं. उनके बोलने के तरीके का मजाक उड़ाया जा रहा है और नस्लभेदी कमेंट किए जा रहे हैं. (फोटो साभार: Instagram@sonamohapatra)

सोना मोहपात्रा ने साफ कहा कि इस तरह का व्यवहार बेहद गलत और शर्मनाक है. किसी भी इंसान के साथ उसकी पहचान, भाषा या देश के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए. ऐसे मामलों के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है और समाज को इसके प्रति जागरूक होना चाहिए. (फोटो साभार: Instagram@sonamohapatra)
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सोना ने लोगों से यह भी कहा कि विदेशों में हो रही ऐसी घटनाओं पर गुस्सा जाहिर करने से पहले हमें अपने देश के हालात पर भी नजर डालनी चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हम भारतीय वास्तव में एक-दूसरे के साथ बराबरी और सम्मान का बर्ताव करते हैं. (फोटो साभार: Instagram@sonamohapatra)

सोना मोहपात्रा ने कहा कि हमारे देश में भी कई लोग नॉर्थ-ईस्ट के नागरिकों के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हैं. वहीं बिहार, उत्तर प्रदेश और ओडिशा से दूसरे राज्यों में काम करने जाने वाले लोगों को भी अक्सर तानों और गलत धारणाओं का सामना करना पड़ता है. (फोटो साभार: Instagram@sonamohapatra)

सोना मोहपात्रा ने बताया कि नॉर्थ-ईस्ट की कई युवतियों ने उनसे अपने अनुभव साझा किए हैं. इन लड़कियों का कहना है कि उन्हें अपने ही देश में कई बार असुरक्षित महसूस होता है. ओडिशा में भी कुछ युवतियों ने उनके साथ हुए भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न की कहानियां सुनाई थीं. (फोटो साभार: Instagram@sonamohapatra)

सोना मोहपात्रा का मानना है कि भारत को दुनिया में मेहमाननवाज देश माना जाता है, लेकिन कई बार यहां उत्तर-दक्षिण, भाषा और राज्यों के नाम पर लोगों के बीच दूरी और विवाद देखने को मिलते हैं. यह स्थिति समाज के लिए अच्छी नहीं है. (फोटो साभार: Instagram@sonamohapatra)

गायिका ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि भेदभाव करने के लिए हमेशा किसी दूसरे देश का होना जरूरी नहीं होता. कई बार किसी का सरनेम, चेहरा या बोलने का तरीका ही उसे दूसरों का निशाना बना देता है. उन्होंने कहा कि अगर विदेशों में भारतीयों के साथ होने वाला भेदभाव गलत है, तो अपने ही देश के लोगों के साथ ऐसा व्यवहार भी उतना ही गलत है. हमें यह सोचने की जरूरत है कि आखिर हम एक-दूसरे को कितना अपनाते हैं. (फोटो साभार: Instagram@sonamohapatra)

