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विनोद खन्ना ने अपने करियर में हर तरह के रोल निभाए हैं. करियर की शुरुआत से ही वह इंडस्ट्री में अपने टैलेंट से तहलका मचाए हुए थे. लेकिन साल 1977 में उन्होंने अपनी दरियादिली का ऐसा सबूत दिया कि कोई यकीन ही नहीं कर पाया. उन्होंने दोस्ती की ऐसी मिसाल कायम की जो लोग आज तक नहीं भूल पाए हैं.

नई दिल्ली. विनोद खन्ना जब इंडस्ट्री में छाए हुए थे, उस वक्त कोई नहीं था, जो उन्हें टक्कर दे पाता. मेकर्स उन्हें फिल्मों में कास्ट करने के लिए तरसा करते थे. लेकिन एक वक्त ऐसा भी था जब दोस्ती की खातिर वह साइड एक्टर बन गए थे.

विनोद खन्ना ने जब इंडस्ट्री में धाक जमा रखी थी, उस वक्त कोई नहीं था, जो उन्हें टक्कर दे पाता. लेकिन अमिताभ बच्चन और उनकी लोग खूब तुलना करते थे. दोनों ने साथ में कई फिल्मों में काम भी किया है. लेकिन एक फिल्म में उन्हें लीड रोल अमिताभ को देकर साइड रोल निभाना पड़ा था.

बात है साल 1977 में आई सुपरहिट फिल्म ‘खून पसीना’ की. फिल्म के लिए विनोद खन्ना को बतौर लीड हीरो कास्ट कास्ट किया गया था. फिल्म को डायरेक्टर राकेश कुमार लेकर आ रहे थे. दोनों की बहुत पक्की दोस्ती थी. विनोद खन्ना जब भी किसी प्रोड्यूसर से मिलते, तो राकेश को काम देने के बात करते थे.
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ये वो वक्त था, जब राकेश कुमार प्रकाश मेहरा के असिस्टेंट के तौर पर काम करते थे. इसी बीच एक्टर ओम प्रकाश के साले एक फिल्म प्रोड्यूस करना चाहते थे और उन्होंने राकेश को बतौर डायरेक्टर फाइनल कर लिया.लेकिन जैसे ही प्रकाश मेहरा को पता चला कि उनके असिस्टेंट एक बेहतरीन फिल्म बनाने जा रहा है, तो उन्होंने तुरन्त उन्हें कॉल किया.

उन्होंने राकेश को बुलाकर कहा कि मैं इस फिल्म को प्रोड्यूस करूंगा और फिल्म में हीरो अमिताभ बच्चन को कास्ट करेंगे. विनोद खन्ना को तुम सपोर्टिंग रोल में कास्ट कर लेना. ये सुनते ही राकेश के पैरों तले जमीन खिसक गईं कि मैं विनोद खन्ना से कैसे कहूंगा ये बात.

राकेश ने जब ये बात विनोद खन्ना को बताई तो पहले वह थोड़ा सोच में पड़ गए. लेकिन बाद में अपने दोस्त के लिए साइड रोल निभाने को भी तैयार हो गए. लेकिन प्रकाश मेहार ने स्क्रिप्ट में बदलाव किया और विनोद खन्ना का ये रोल ग्रे बाल यानी थोड़ी बड़ी उम्र का कर दिया.

ये सुनते ही विनोद खन्ना ने काम करने से मना कर दिया. लेकिन राकेश कुमार गिड़गिड़ाने लगे कि मेरा करियर बर्बाद हो जाएगा. विनोद खन्ना उस दौर में सुपरस्टार थे, वह अमिताभ बच्चन के अपोजिट साइड रोल नहीं निभा सकते थे.

लेकिन प्रकाश मेहरा ने भी विनोद खन्ना के स्टारडम की कद्र करते हुए उन्हें कहा कि उन्हें अमिताभ बच्चन के बराबर ही फीस मिलेगी. आपको रोल भी दमदार होगा, ये सुनकर विनोद खन्ना मान गए और फिल्म बनी और सुपरहिट साबित हुई. फिल्म की कहानी लोगों ने काफी पसंद की थी. लोगों ने फिल्म में विनोद खन्ना का रोल भी काफी पसंद किया था.

