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रणबीर कपूर के लिए ‘रामायण’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि जिंदगी बदल देने वाला अनुभव बन गई है. भगवान राम के किरदार को निभाते-निभाते रणबीर खुद भी भीतर से बदलने लगे. हाल ही में उन्होंने खुलासा किया कि इस सफर ने उन्हें रिश्तों, त्याग और धैर्य का असली मतलब समझाया. उन्होंने अपनी बेटी राहा कपूर का जिक्र करते हुए कहा कि पिता बनने के बाद वह पहले से ज्यादा जिम्मेदार और संवेदनशील हुए हैं. रणबीर के इस इमोशनल बयान ने फैंस की एक्साइटमेंट और बढ़ा दी है, जो अब फिल्म में उनके ‘राम’ अवतार को देखने का इंतजार कर रहे हैं.

नई दिल्ली. कॉलेज रोमांस, दोस्ती, दिल टूटने का डर और प्यार से भागने की कोशिश… बॉलीवुड ने कई फिल्मों में इन एहसासों को दिखाया है. लेकिन एक फिल्म ऐसी भी आई, जिसने पुराने सुपरहिट रोमांटिक गानों की यादों को नए दौर की चमक के साथ पेश किया. उसके एक गाने में दर्शकों को कभी शाहरुख-काजोल वाला प्यार दिखा, तो कभी ऋतिक-करीना और सलमान-भाग्यश्री की फिल्मों जैसी मासूमियत महसूस हुई. यही वजह रही कि यह गाना सिर्फ म्यूजिक चार्ट्स तक सीमित नहीं रहा, बल्कि युवाओं की प्लेलिस्ट और प्रेम कहानियों का हिस्सा बन गया.

रणबीर कपूर और निर्देशक नितेश तिवारी अपनी अपकमिंग फिल्म ‘रामायण’ को लेकर बेहद भावुक नजर आ रहे हैं. दोनों ने टॉप फिल्म मैगजीन को दिए इंटरव्यू में फिल्म के पीछे की भावनात्मक और क्रिएटिव जर्नी को साझा किया. रणबीर ने खुलकर कहा कि यह फिल्म उनके लिए सिर्फ करियर की बड़ी फिल्म नहीं, बल्कि लाइफ डिफाइनिंग अनुभव साबित हुई है.

रणबीर कपूर ने बताया कि भगवान राम की भूमिका निभाने का ऑफर मिलने पर शुरू में उन्हें डर लगा. उन्होंने बताया कि वो सोचते थे ‘क्या मैं इस किरदार का न्याय कर पाऊंगा? क्या मैं इसके लायक हूं?’ ये सवाल उन्हें परेशान करते थे. लेकिन जैसे-जैसे वे राम के चरित्र में डूबे, उनकी सोच और जीवन के प्रति नजरिया पूरी तरह बदल गया.
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रणबीर ने आगे कहा, ‘यह मेरे जीवन को परिभाषित करने वाली फिल्म है. इससे मेरी वैल्यू सिस्टम बदल गई है. अब मैं जीवन, त्याग, दया, क्षमा और धर्म को पहले से कहीं अलग नजरिए से देखता हूं.’ बातचीत में उन्होंने अपनी बेटी राहा से इस अनुभव को जोड़ते हुए एक बेहद इमोशनल बात कही.

‘रामायण’ एक्टर ने आगे कहा कि ये मेरी जिंदगी का बहुत मधुर संयोग है कि राहा ने मुझे बेहतर इंसान बनाया और रामायण ने मुझे राहा के लिए और बेहतर बनने को प्रेरित किया. रणबीर ने भगवान राम को ‘मानवीय इंसान’ बताया. उन्होंने कहा कि राम की सबसे बड़ी खूबी उनकी ताकत नहीं, बल्कि संयम, करुणा और विनम्रता है.

रणबीर ने समझाया, ‘राम अहंकार से नहीं, करुणा से जवाब देते हैं.आज की दुनिया में, जहां हम हमेशा किनारे पर रहते हैं और तुरंत प्रतिक्रिया देना चाहते हैं, राम का विनम्रता, क्षमा और संयम के साथ जवाब देना मानवीयता से परे लगता है.’

निर्देशक नितेश तिवारी ने जोर देकर कहा कि भले ही फिल्म में बड़े पैमाने पर विजुअल इफेक्ट्स (VFX) और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, लेकिन भावनाएं इस कहानी के मूल में हैंज की दुनिया में लोग तुरंत प्रतिक्रिया देने लगते हैं, लेकिन राम हमेशा विनम्रता, क्षमा और धैर्य के साथ जवाब देते हैं. यही बात उन्हें असाधारण बनाती है.’ एक्टर का मानना है . उन्होंने कहा, ‘रामायण जैसे महाकाव्य में इमोशंस सबसे महत्वपूर्ण हैं. VFX सिर्फ एक कहानी कहने का उपकरण है, जो हमें इस कहानी को एक नए सिनेमाई ढंग से पेश करने में मदद करता है.’

नितेश ने खुलासा किया कि टीम ने इस महाकाव्य को स्क्रीन पर उतारने के लिए करीब 5 साल लगाए. फिल्म में क्रिएटर्स, कॉस्ट्यूम्स, प्रोडक्शन डिजाइन और एक्शन सीन्स को परफेक्ट बनाने में सालों की मेहनत लगी है.

