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सादगी की मूरत कहलाने वाली नूतन इंडस्ट्री की पहली एक्ट्रेस थीं, जिन्होंने मिस इंडिया का खिताब जीता था. अपनी लुक को लेकर कभी एक्ट्रेस ने खूब ताने सुने थे. लेकिन फिर भी इडंस्ट्री में राज कपूर, अमिताभ और सुनील दत्त जैसे स्टार संग काम किया. एक फिल्म में तो उन्होंने ऐसा काम किया कि उनके नाम की गूंज ऑस्कर तक गूंजी थी. 4 जून 1936 को जन्मीं नूतन आज अगर इस दुनिया में होती तो ये उनका 90वां जन्मदिन होता.

नई दिल्ली. हिंदी सिनेमा की जानी मानी एक्ट्रेस नूतन ने अपने करियर की शुरुआत में रंग-रूप को लेकर खूब ताने सुनने पड़े थे. ये सब झेलकर उनका कॉन्फिडेंस भी डगमगाने लगा था. इसी के चलते उन्होंने मुगल-ए-आजम’ जैसी फिल्म को भी रिजेक्ट कर दिया था. लेकिन बाद में एक ऐसी फिल्म में काम किया, जिसकी गूंज ऑस्कर तक पहुंची थी.

बॉलीवुड की उस एवरग्रीन एक्ट्रेस नूतन ने अपनी शानदार एक्टिंग, सादगी और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस से उन्होंने इडंस्ट्री में अपनी धाक जमा रखी थी. आज भी उनके निभाए किरदार लोगों के जहन में बसे हैं. लेकिन एक किरदार में तो उन्होंने इतिहास ही रच दिया था.

4 जून 1936 को जन्मीं नूतन ने बाली उम्र में ही एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी. उनकी मां शोभना समर्थ भी जानी मानी एक्ट्रेस थीं. उनके पिता जाने माने निर्देशक-कवि कुमार सेन समर्थ थे. फिल्मी दुनिया के करीब वह बचपन से ही थी. इसी के चलते फिल्मों में उनका रुझान भी रहा.
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साल 1950 में अपनी मां की बनाई हमारी बेटी से नूतन ने अपने करियर की शुरुआत की थी. उस वक्त वह महज 14 साल की थी. इसी के बाद 16 साल की उम्र में उन्होंने मिस इंडिया का खिताब जीतकर अपनी अलग पहचान बनाई.

साल 1955 में आई फिल्म ‘सीमा’ ने उनके करियर को नई दिशा दी. इस फिल्म में उनके अभिनय को खूब सराहा गया और उन्हें पहला फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड भी मिला.इसके बाद तो नूतन के लिए आगे के रास्ते खुल गए थे. साल 1959 में रिलीज हुई फिल्म ‘सुजाता’ से भी उन्हें फेम मिला. ‘सुजाता’ को उनकी क्लासिक फिल्मों में गिना जाता है.फिल्म में उन्होंने सुनील दत्त के साथ काम किया था.

नूतन ने अपने करियर में हर स्टार के साथ काम किया और कई हिट फिल्में दीं. इनमें देवानंद के साथ उन्होंने फिल्म पेइंग गेस्ट में और राज कपूर के साथ फिल्म अनाड़ी और छलिया जैसी कई हिट फिल्मों में काम किया. फिल्म सोने की चीड़िया और तेरे घर के सामने जैसी फिल्मों में उन्होंने अपनी एक्टिंग से लोगों को मुरीद बना दिया था.

साल 1959 में नूतन ने इंडियन नेवी के कमांडर रजनीश बहल संग शादी रचाई. शादी के बाद भी उन्होंने एक्टिंग नहीं छोड़ी और मिलन, मैं तुलसी तेरे आंगन की जैसी फिल्में की इस फिल्म के लिए तो उन्हें फिर फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड मिला. इसके अलावा मेरी जंग, कर्मा जैसी उन्होंने 70 से ज्यादा फिल्मों में काम किया.उनके काम को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया. फिर 21 फरवरी 1991 को नूतन ने हमेशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह दिया.

बता दें कि साल 1973 में तो नूतन ने फिल्म ‘सौदागर’ में काम किया था. इस फिल्म में उन्होंने अपनी रोल से इतिहास रच दिया था. उनकी ये फिल्म 46वें ऑस्कर अवॉर्ड के लिए सेलेक्ट हुई थी, लेकिन इसे ऑस्कर के लिए नॉमिनेशन नहीं मिला था. नूतन के अलावा इस फिल्म में अमिताभ बच्चन और पदमा खन्ना भी नजर आए थे.

