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एक्ट्रेस कियारा आडवाणी इन दिनों अपनी मच अवेटेड फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ को लेकर चर्चा में हैं. फिल्म की रिलीज भले ही टल गई हो, लेकिन इससे जुड़े दिलचस्प किस्से सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं. हाल ही में कियारा ने फिल्म में काम करने का अपना अनुभव साझा किया है और बताया कि कैसे फिल्म के सेट पर मेकर्स ने उन्हें चेतावनी दे डाली थी.

नई दिल्ली. कियारा आडवाणी की फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ में उनके लुक को काफी पसंद किया जा रहा है. एक्ट्रेस के लुक रिवील के बाद से फैंस के बीच उनकी फिल्म को लेकर जबरदस्त उत्साह बना हुआ है. हालिया इंटरव्यू में कियारा आडवाणी ने फिल्म में अपने रोल के बारे में बात की. (फोटो साभार इंस्टाग्राम kiaraaliaadvani)

बॉम्बे टाइम्स के साथ बातचीत में कियारा आडवाणी ने कहा कि टॉक्सिक के सेट पर मेकर्स ने उन्हें सख्त निर्देश दिए थे. उन्हें किसी से भी बात करने की इजाजत नहीं थी. डायरेक्टर गीतू मोहनदास ने एक्ट्रेस से साफ कहा था कि वो सेट पर किसी से भी हाय-हैलो न करें. (फोटो साभार इंस्टाग्राम kiaraaliaadvani)

कियारा आडवाणी कहती हैं कि वो आमतौर पर फिल्म सेट पर मौजूद सभी लोगों को ग्रीट करती हैं. उनकी आदत है कि वो सुबह-सुबह सेट पर जाकर लोगों को ग्रीट करती थीं, लेकिन ‘टॉक्सिक’ के सेट पर मेकर्स ने उन्हें लोगों से बातचीत करने के लिए मना किया था.(फोटो साभार इंस्टाग्राम kiaraaliaadvani)
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एक्ट्रेस बताती हैं कि गीतू मोहनदास ने उन्हें कहा कि शूटिंग वाले दिन वह किसी से किसी तरह की बात न करें. वो कहती हैं कि डायरेक्टर ने उन्हें किसी से हाय हैलो करने के लिए भी मना किया था. कियारा के मुताबिक, यह तरीका उनके लिए नया था, लेकिन इससे उन्हें किरदार को और गहराई से समझने में मदद मिली. (फोटो साभार इंस्टाग्राम kiaraaliaadvani)

कियारा ने यह भी स्वीकार किया कि यह फिल्म उनके करियर के सबसे चैलेंजिंग प्रोजेक्ट्स में से एक थी. इसकी सबसे बड़ी वजह भाषा थी. अभिनेत्री ने पहली बार कन्नड़ भाषा में भी काम किया है. उन्होंने कन्नड़ भाषा में फिल्म के डायलॉग्स बोले थे. (फोटो साभार इंस्टाग्राम kiaraaliaadvani)

उन्होंने बताया कि फिल्म के कई सीन्स को कन्नड़ और इंग्लिश में शूट किया गया था. पहले किसी सीन का इंग्लिश वर्जन फिल्माया जाता था और उसके बाद उसी दृश्य को कन्नड़ में दोबारा शूट किया जाता था. वो कहती हैं कि उन्हें कन्नड़ नहीं आती थी जिसकी वजह से उन्हें पहली रात को कन्नड़ में डायलॉग्स याद करने पड़ते थे. (फोटो साभार इंस्टाग्राम kiaraaliaadvani)

भाषा की चुनौती के बावजूद कियारा का कहना है कि कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री में काम करने का अनुभव बेहद सकारात्मक रहा. उन्होंने बताया कि काम करने का माहौल हिंदी और तेलुगू फिल्म इंडस्ट्री से काफी मिलता-जुलता है. उनके मुताबिक, भारतीय सिनेमा की विभिन्न भाषाओं में कुछ सांस्कृतिक अंतर जरूर दिखाई देते हैं, लेकिन कलाकारों और तकनीकी टीमों के बीच सहयोग और अपनापन हर जगह एक जैसा महसूस होता है. (फोटो साभार इंस्टाग्राम kiaraaliaadvani)

‘टॉक्सिक अ फेरीटेल फॉर ग्रोनअप्स’ को कन्नड़ और इंग्लिश में शूट किया गया था. इस फिल्म को कई हिंदी भाषाओं में रिलीज किया जाएगा. यश स्टारर फिल्म एक ग्रैंड पैन इंडिया फिल्म है जो इंग्लिश, हिंदी के साथ कई भाषाओं में रिलीज होगी. (फोटो साभार इंस्टाग्राम kiaraaliaadvani)

