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बशीर बद्र का वो मशहूर शेर, जिसने दिलीप कुमार को भी बनाया दीवाना, शायरी से बिखेरा मोहब्बत का जादू

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‘मुसाफिर हैं हम भी मुसाफिर हो तुम भी, किसी मोड़ पर फिर मुलाकात होगी’ आसान भाषा में गहरी बात कहने के हुनर से बशीर बद्र सबके दिलों में घर कर गए. आज भी जब कोई अपनी बात कहना चाहता है, तो बशीर बद्र का कोई-न-कोई शेर उसकी जुबां पर जरूर आ जाता है. फिर वह आम इंसान हो या कोई नेता-अभिनेता, वह खुद को बशीर बद्र की शायरी के करीब पाता. बशीर बद्र की गजलों को दिग्गजों ने गाया ही, दिलीप कुमार भी उनके चाहनेवालों में से एक थे. उन्होंने एक बार ऑटोग्राफ देते समय बशीर साहब का मशहूर शेर लिख दिया था.

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बशीर बद्र का वो मशहूर शेर, जिसने दिलीप कुमार को भी बनाया दीवानाZoom

दिलीप कुमार ने ऑटोग्राफ के बजाय शेर लिख दिया था.

नई दिल्ली: उर्दू शायरी का चमकता सितारा बशीर बद्र भले आज हमारे बीच नहीं हैं, मगर उनकी शायरी सदियों तक इंसानी रूह को गरमाहट देती रहेगी. उनका सिनेमा से सीधा कोई ताल्लुक नहीं था. मगर उन्होंने अपनी शायरी से जाने-अनजाने फिल्मी हस्तियों और संगीत जगत को गहराई से छुआ था. वे मुशायरों की जान हुआ करते थे. उन्होंने बॉलीवुड के दिग्गजों के दिलों पर भी राज किया था.

बशीर बद्र के फैंस की लिस्ट में दिलीप कुमार भी थे, जिनसे जुड़ा एक यादगार किस्सा आज भी बड़ा पॉपुलर है. दरअसल, बशीर साहब के बेटे नुसरत बद्र जब दिलीप साहब का ऑटोग्राफ लेने पहुंचे, तो उन्होंने सिर्फ अपना नाम नहीं लिखा, बल्कि बशीर साहब का वो मशहूर शेर लिख दिया, जिसका जमाना भी कायल है. वह शेर है-

‘उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो,
ना जाने किस गली में जिंदगी की शाम हो जाए!’

अयोध्या की मिट्टी में जन्मे डॉ. बशीर बद्र ने भारी-भरकम शब्दों के बजाय आम आदमी की सीधी-सादी जुबान में जज्बातों को पिरोया. उनके लिखे शेर न केवल मुशायरों की जान बने, बल्कि युवाओं के दिलों में भी घर कर गए. अपनी इसी जादुई लेखनी के लिए उन्हें पद्मश्री और साहित्य अकादमी जैसे सम्मानों से नवाजा गया. बशीर साहब की सबसे बड़ी खूबी यह रही कि उन्होंने शायरी को किताबी दुनिया से निकालकर गलियों, चौराहों और लोगों की रोजमर्रा की बातचीत का हिस्सा बना दिया.

जगजीत सिंह ने गायी यादगार गजल
बॉलीवुड से बशीर बद्र का रिश्ता गहरा और संगीतमय रहा है. दिग्गज गजल गायक जगजीत सिंह की रेशमी आवाज में ढली उनकी गजलें- जैसे ‘रात आंखों में ढली’ आज भी लोगों के सुकून का जरिया है. वहीं, मशहूर फिल्मकार विशाल भारद्वाज तो उनके इतने बड़े मुरीद हैं कि उन्होंने बशीर साहब की शायरी पर खास लिरिकल वीडियो तक बनाए. फिल्मी दुनिया के मशहूर गीतकार और गायक, चाहे वो तलत अजीज हों या नई पीढ़ी के फनकार, सभी ने उनकी सादगी भरी शायरी को संगीत के जरिए आम जनता तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई है.

बशीर बद्र के शेरों का मिलेनियल्स पर असर
सिनेमा के पर्दे पर बशीर बद्र का जादू तब और निखर कर आया, जब 2015 की फिल्म ‘मसान’ रिलीज हुई. फिल्म के लेखक वरुण ग्रोवर ने युवाओं के बीच शायरी के बढ़ते क्रेज को दिखाने के लिए जानबूझकर बशीर बद्र के शेरों का इस्तेमाल किया, जिसने मिलेनियल्स को उनकी रचनाओं का दीवाना बना दिया. भले ही वे मंच के शायर रहे, लेकिन उनके संग्रह ‘उजाले अपनी यादों के’ ने नए गीतकारों को एक नई राह दिखाई.

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Abhishek NagarSenior Sub Editor

अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें



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