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सलमान खान का पिता बन खूब लूटी लाइमलाइट, टीवी पर भी जमाई धाक, फिर अचानक छोड़ दी इंडस्ट्री, बरसों बाद खोले राज

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इंडस्ट्री में अक्सर कलाकारों की शिकायत रहती है कि उन्हें एक ही तरह का काम मिलता. किसी रोल में अगर वो फिट हो जाते हैं, तो फिर सारी जिंदगी उन्हें उसी रोल के ऑफर मिलते रहते हैं. सलमान खान के ऑनस्क्रीन पिता का रोल अदा करने वाले राजीव वर्मा ने हाल ही में इंडस्ट्री छोड़ने के पीछे की वजह का खुलासा किया है.

नई दिल्ली. राजीव वर्मा ने ‘मैंने प्यार किया’ में सलमान खान के पिता का रोल अदा किया था. इस किरदार में उन्हें काफी पसंद किया गया था. फिल्म की कहानी के लिए उनका किरदार काफी अहम था. ‘मैंने प्यार किया’ के बाद एक्टर को ‘हम दिल दे चुके सनम’, ‘कोई मिल गया’ जैसी फिल्मों में भी पिता का रोल निभाया था.

बैक-टू-बैक फिल्मों में पिता का किरदार अदा करने के बाद राजीव वर्मा ने आखिरकार इंडस्ट्री से दूरी बना ली और उन्होंने फिल्मों को अलविदा कह दिया. हालिया इंटरव्यू में एक्टर ने पर्दे से दूर होने के पीछे की वजह का खुलासा किया है.

राजीव वर्मा ने डियर जेनरेशन के साथ बात करते हुए कहा कि बार बार फिल्मों में एक ही तरह का रोल अदा करके वो परेशान हो गए थे. एक समय ऐसा आया कि उन्हें काम में मजा आना ही बंद हो गया. वो बस पैसों के लिए काम किए जा रहे थे. मानों ऐसा लग रहा था कि जैसे वो किसी ऑफिस में काम कर रहे हों.

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वो कहते हैं कि धीरे-धीरे उनकी एक्टिंग के प्रति रुचि खत्म होती चली गई. वो थिएटर के आदमी थे, जो हर दिन कुछ नया करना चाहता था. लेकिन फिल्मों में उन्हें सिर्फ पिता का किरदार ऑफर हो रहा था. वो कहते हैं, धीरे धीरे मजा आना बंद हो गया.

एक्टर ने आगे बताया कि एक समय ऐसा आया कि उन्हें बस काम की तरह काम करना था. उन्हें मुंबई में गुजारा करने के लिए काम करना था, लेकिन उन्हें मजा नहीं आ रहा था. वो कहते हैं कि इंडस्ट्री छोड़ने से पहले ही उनकी रुचि खत्म होने लगी थी. कई साल उन्होंने बिना मन के काम किया ताकि उनकी दाल रोटी चलती रहे.

एक्टिंग से दूर होने के बारे में राजीव आगे कहते हैं, ‘एक समय आया जब मुझे लगा कि यार अब मैं चलता हूं. बस अब मेरा हो गया. मन नहीं लग रहा था. मजा नहीं आ रहा था. वैसे भी कोई जरूरत नहीं थी. मेरा छोटा सा होटल था और उससे मेरी दाल-रोटी चल रही थी’.

वो कहते हैं कि कई दशकों के काम के बाद वो परिवार के साथ ज्यादा वक्त बिताना चाहते थे. वो अपने रिश्तेदारों से मिलना चाहते थे. दोस्तों के साथ बैठना चाहते थे और लोगों के लिए मौजूद रहना चाहते थे. वो कहते हैं कि काम करते-करते सबकुछ पीछे छूट गया था.

वो कहते हैं कि बॉलीवुड ने उन्हें एक कैटेगरी में फिक्स कर दिया था कि वो बस पिता के रोल ही करेंगे. वो आगे कहते हैं कि जब भी कोई फिल्म ऑफर होती थी और वो पूछते थे कि क्या काम है तो उन्हें बताया जाता था कि पिछली फिल्म वाला ही है. आखिरकार तंग आकर एक्टर ने फिल्मों की दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया था.

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