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साल 2000 बॉलीवुड के लिए एक बड़ा मोड़ लेकर आया था. जब खान तिकड़ी (शाहरुख, सलमान और आमिर) अपने दबदबे के पीक पर थी, तब एक यंग एक्टर ने ‘कहो ना प्यार है’ से बॉलीवुड का पूरा इक्वेशन बदल दिया था. ऋतिक रोशन को एक साइलेंट सुपरस्टार कहा जा सकता है, क्योंकि उन्होंने नंबर वन की रेस में कभी कोई कमाल नहीं किया, फिर भी उनके स्टैट्स ने हमेशा खान्स की गद्दी को चैलेंज किया है. पिछले ढाई दशकों में जब भी बॉलीवुड को एक नए विजन और ग्लोबल स्टैंडर्ड की जरूरत पड़ी, ऋतिक ने ‘कृष’, ‘धूम 2’ और ‘वॉर’ जैसी फिल्मों से अपनी काबिलियत साबित की.

नई दिल्ली. अगर बॉलीवुड में किसी एक एक्टर के आने से सबसे ज्यादा दिक्कत हुई, तो वो बेशक ऋतिक रोशन थे. जब 14 जनवरी 2000 को ‘कहो ना प्यार है’ रिलीज हुई, तो इसने न सिर्फ एक ब्लॉकबस्टर फिल्म दी, बल्कि ‘ऋतिक मेनिया’ भी शुरू कर दिया. उस समय शाहरुख खान ‘बादशाह’ थे, सलमान खान ‘प्रेम’ के नाम से घर-घर में मशहूर थे और आमिर खान अपनी सीरियस फिल्मों के लिए जाने जाते थे. इन तीन पावरहाउस के बीच किसी चौथे एक्टर का जगह बनाना लगभग नामुमकिन माना जाता था, लेकिन ऋतिक ने न सिर्फ अपने लिए एक जगह बनाई, बल्कि एक अनोखा जॉनर भी बनाया. ऋतिक रोशन की पहली फिल्म ने 92 बॉक्स ऑफिस अवॉर्ड्स के साथ गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया. यह बॉलीवुड के इतिहास में किसी भी डेब्यू स्टार के लिए सबसे बड़ी सफलता थी. खान्स के फैन्स भी नए एक्टर के डांस और एक्शन के दीवाने हो गए. हालांकि अपनी शुरुआती सफलता के बाद उन्हें कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन 2003 में ‘कोई… मिल गया’ से उनकी वापसी ने साबित कर दिया कि ऋतिक रोशन सिर्फ ‘वन फिल्म वंडर’ नहीं थे.

ऋतिक रोशन को ‘साइलेंट सुपरस्टार’ इसलिए कहा जाना चाहिए, क्योंकि वे साल में तीन या चार फिल्में करने के चक्कर में कभी नहीं पड़े. जहां शाहरुख खान ने रोमांस के किंग के तौर पर अपनी जगह पक्की की और सलमान खान ने बड़े पैमाने पर एक्शन को अपनाया, वहीं ऋतिक ने हर फिल्म के साथ खुद को नए तरीके से पेश किया. जहां आमिर खान ने एक्सपेरिमेंट किए, वहीं ऋतिक ने भारत को उसका पहला सफल सुपरहीरो ‘कृष’ दिया. ‘कोई मिल गया’ से ‘कृष 3’ तक का सफर बॉक्स ऑफिस पर सुनामी जैसा था. इन फिल्मों ने साबित कर दिया कि ऋतिक का विजन खान्स की पारंपरिक कहानियों से कहीं आगे था.

2006 में ‘धूम 2’ के बनाए बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड्स ने सलमान खान के एक्शन जॉनर के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी. ऋतिक के ‘आर्यन’ के किरदार ने विलेन को हीरो से ज्यादा पॉपुलर बना दिया. जहां शाहरुख खान को ‘अशोका’ जैसी हिस्टोरिकल फिल्मों के साथ स्ट्रगल करना पड़ा, वहीं ऋतिक ने ‘जोधा अकबर’ के साथ बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की.
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अगर हम ऋतिक रोशन की फिल्मों के ओपनिंग डे रिकॉर्ड्स देखें, तो उन्होंने कई बार आमिर और सलमान खान को पीछे छोड़ा है. 2014 में ‘बैंग बैंग’ ने खान्स की फिल्मों में अपनी जगह बनाई और 2019 में ‘वॉर’ ने बॉलीवुड हिस्ट्री में सबसे बड़ी ओपनिंग (₹53.35 करोड़) का रिकॉर्ड बनाया. दिलचस्प बात यह है कि ‘वॉर’ ने उसी साल रिलीज हुई सलमान खान की ‘भारत’ को भी पीछे छोड़ दिया. यह ऋतिक की साइलेंट पावर है, जो बिना कोई शोर मचाए बॉक्स ऑफिस को हिला सकती है.

ऋतिक की सफलता का एक बड़ा कारण ‘सुपर 30’ जैसी फिल्में हैं. जहां वह ‘वॉर’ में दुनिया के सबसे हैंडसम और मस्कुलर आदमी के रूप में दिखाई देते हैं. वहीं ‘सुपर 30’ में वह एक गरीब बिहारी मैथमैटिशियन के रोल में बदल जाते हैं. यह वर्सेटिलिटी उन्हें खान तिकड़ी से अलग बनाती है. सलमान खान अक्सर एक सेट पैटर्न को फॉलो करते हैं, लेकिन ऋतिक हर बार अपना लुक बदल लेते हैं, जिससे दर्शकों को फ्रेशनेस का एहसास होता है.

आज, 2026 में जब बॉलीवुड एक बड़े बदलाव से गुजर रहा है, ऋतिक रोशन अभी भी अपनी रेप्युटेशन बनाए हुए हैं. उनकी फिल्मों का न केवल भारत में बल्कि ग्लोबली इंतजार किया जाता है. खान्स की उम्र और उनके करियर के उतार-चढ़ाव के बावजूद, ऋतिक की फिटनेस और फिल्मों की पसंद ने यह पक्का किया है कि उनका ‘साइलेंट सुपरस्टार’ टैग आने वाले कई सालों तक बना रहेगा.

ऋतिक रोशन का बॉक्स ऑफिस सफर यह साबित करता है कि सुपरस्टार बनने के लिए हमेशा बहुत शोर-शराबे की जरूरत नहीं होती. अपनी कड़ी मेहनत, बेमिसाल डांसिंग स्किल्स और बेहतरीन फिल्मों की पसंद से, उन्होंने खान तिकड़ी के साथ-साथ एक अलग पहचान बनाई है.

