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सिर से उठा पिता का साया, घर चलाने के लिए बने बस कंडक्टर, ‘ऑनस्क्रीन मां’ से कर ली शादी, बेटे संग रहा अनूठा रिश्ता

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दिग्गज अभिनेता की जिंदगी फिल्मी किस्से जैसी लगती है.उन्होंने देश के विभाजन का दर्द झेला. बस कंडक्टर जैसी छोटी-मोटी नौकरियां करने के बाद एक्टर ने फिल्मों से स्टारडम हासिल किया. फिर, बॉलीवुडी की लेडी सुपरस्टार से शादी कर ली. एक्टर का बेटे के साथ खास रिश्ता रहा है, जो फिल्म की शूटिंग के दौरान देखने को मिला. एक्टर सेट पर मजाकिया अंदाज में डायरेक्टर से कहते थे कि वे बेटे को न डांटें क्योंकि वे घर पर उसे पहले ही काफी डांट देते हैं.

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सिर से उठा पिता का साया, घर चलाने के लिए बने बस कंडक्टर, एक्टर की अनूठी जिंदगीZoom

एक्टर की जिंदगी फिल्मी स्टोरी से कम नहीं है.

नई दिल्ली: एक्टर का जन्म 6 जून 1929 को पंजाब के झेलम जिले (अब पाकिस्तान में) के खुर्द गांव में हुआ था. बचपन में ही पिता का साया सिर से उठ जाने के कारण उनका शुरुआती जीवन कठिनाइयों से भरा रहा. 1947 के विभाजन का दर्दनाक सफर झेलने के बाद उन्होंने अपना घर चलाने के लिए बस कंडक्टर जैसी छोटी-मोटी नौकरियां भी कीं, लेकिन पढ़ाई और मेहनत कभी नहीं छोड़ी. रेडियो से अपने करियर की शुरुआत करने वाले सुनील दत्त ने साल 1955 में फिल्म ‘रेलवे प्लेटफॉर्म’ से बॉलीवुड में कदम रखा था.

साल 1957 में आई आइकॉनिक फिल्म ‘मदर इंडिया’ ने सुनील दत्त के करियर की दिशा ही बदल दी. वे रातों-रात बड़े स्टार बन गए. इस फिल्म में निभाया गया उनके गुस्सैल बेटे ‘बिरजू’ का किरदार आज भी मील का पत्थर माना जाता है. फिल्म के सेट पर उन्हें अपनी जीवनसंगिनी और मशहूर अभिनेत्री नरगिस मिलीं, जिनसे शादी के बाद उनके तीन बच्चे- संजय, प्रिया और नम्रता हुए. करियर में कई बड़ी सुपरहिट फिल्में देने वाले सुनील दत्त ने अपनी जिंदगी में भारी उतार-चढ़ाव भी देखे. जब उनकी फिल्म ‘रेशमा और शेरा’ बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हुई, तो वे कर्ज के भारी बोझ तले दब गए थे. लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपनी कड़ी मेहनत के दम पर एक बार फिर शानदार वापसी करके सबको हैरान कर दिया.

सनील दत्त की आलीशान जिंदगी.

बाप-बेटे की जोड़ी हुई सुपरहिट
जब ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ में बाप-बेटे की यह जोड़ी पहली बार एक-साथ बड़े पर्दे पर आई, तो दर्शकों के लिए यह एक बेहद भावुक और यादगार पल बन गया. शूटिंग के दौरान सुनील दत्त अक्सर जानबूझकर संजय के डायलॉग्स बदल दिया करते थे ताकि उनका बेटा हर सीन में कुछ नया सीखे और अपनी एक्टिंग को निखारे. इस पर संजय दत्त अक्सर सेट पर मजाक में कहा करते थे कि पापा के साथ शूटिंग करने का मतलब है हर टेक में एक नया एग्जाम देना. फिल्म ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ के दौरान दोनों के बीच के मस्ती भरे पल आज भी याद किए जाते हैं. फिल्म के सेट से जुड़ा एक बड़ा ही मजेदार किस्सा है कि जब किसी सीन को लेकर डायरेक्टर संजय दत्त को समझाते या डांट देते थे, तो सुनील दत्त तुरंत बीच में आकर मजाक में कहते थे, ‘घर पर मैं इसे पहले ही बहुत डांट देता हूं, अब आप लोग इसे सेट पर मत डांटिए.’

राजनीति में भी रहे सफल
फिल्मों के साथ-साथ सुनील दत्त राजनीति में भी काफी सक्रिय रहे और कई बार सांसद चुने गए. साल 2005 में भले ही वे इस दुनिया को अलविदा कह गए, लेकिन अपनी बेहतरीन अदाकारी, जिंदादिली और अपने इस अनोखे अंदाज के जरिए वे आज भी करोड़ों फैंस और सिनेमा प्रेमियों के दिलों में जिंदा हैं.

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Abhishek NagarSenior Sub Editor

अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें



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