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पिछले साल जून में संजय कपूर के निधन के बाद से उनकी 30,000 करोड़ की वसीहत को लेकर घमासान मचा हुआ है. दिवंगत बिजनेसमैन की पत्नी प्रिया सचदेव, एक्स वाइफ करिश्मा कपूर, मां रानी कपूर कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं. इस प्रॉपर्टी विवाद की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को सेटलमेंट की सलाह दी है. कोर्ट का कहना है कि केस की सुनवाई में कई साल निकल जाएंगे और रानी कपूर की उम्र को देखते हुए सेटलमेंट ही सही रहेगा.

संजय कपूर की वसीहत का मामला सुप्रीम कोर्ट में है. (AI enhanced photo)
नई दिल्ली. करिश्मा कपूर के एक्स हस्बैंड और बिजनेसमैन संजय कपूर का पिछले साल जून में निधन हो गया था. उनकी मौत को करीबन एक साल हो चुका है लेकिन कपूर परिवार का संपत्ति विवाद अब भी कोर्ट में है. दिवंगत बिजनेसमैन की 30,000 करोड़ की अपार संपत्ति पर पिछले एक साल से घमासान मचा हुआ है. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने संजय कपूर की मां रानी कपूर को बहू प्रिया सचदेव के साथ सेटलमेंट करने का आदेश दिया था. इस सिलसिले में अब कोर्ट ने मामला सुलझाने के लिए पूर्व सीजेआई डी. वाई. चंद्रचूड़ को मध्यस्थ नियुक्त किया है.
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को सुलझाने के लिए ‘मध्यस्थता प्रक्रिया’ (मीडिएशन) का रास्ता साफ कर दिया है, जिस पर परिवार के सभी सदस्यों ने अपनी रजामंदी दे दी है. करिश्मा कपूर के बच्चे भी इसके लिए राजी हैं. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि यह कानूनी लड़ाई इसी तरह अदालतों में खिंचती रही, तो इसके अंतिम फैसले में कई दशक लग सकते हैं. न्याय के हित में कोर्ट की मंशा है कि परिवार के लोग आपस में बैठकर बातचीत करें और सौहार्दपूर्ण तरीके से इस विवाद का अंत करें.
सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को दी हिदायत
अदालत ने सुनवाई के दौरान सभी पक्षों को कड़े अनुशासन में रहने की हिदायत दी है. कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया है कि मामला संवेदनशील होने के कारण अब कोई भी पक्ष सार्वजनिक रूप से मीडिया में बयानबाजी नहीं करेगा. इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर भी इस विवाद से जुड़ी किसी भी तरह की पोस्ट डालने पर पाबंदी लगा दी गई है. मामले की अगली सुनवाई अब अगस्त महीने में की जाएगी.
प्रिया कपूर ने सास के खिलाफ की थी अपील
दिवंगत संजय कपूर की पत्नी प्रिया सचदेव ने कोर्ट से अपील की थी कि उनकी सास रानी कपूर मीडिया के सामने पारिवारिक विवाद को न उछालें. उन्होंने अपनी सास के पब्लिक कमेंट को रोकने की अपील की थी जिसके बाद कोर्ट ने दोनों पक्षों की किसी भी तरह की बयान बाजी पर रोक लगा दी है.
दरअसल, यह पूरा मामला संजय कपूर की मौत के बाद उनकी संपत्ति, फैमिली ट्रस्ट और विरासत को लेकर शुरू हुआ था. संजय कपूर की मां रानी कपूर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर फैमिली ट्रस्ट को रद्द करने की मांग की. उनका आरोप है कि यह ट्रस्ट उनकी जानकारी और अनुमति के बिना बनाया गया था. रानी कपूर का कहना है कि इस ट्रस्ट के जरिए परिवार की संपत्तियों और विरासत पर कब्जा करने की कोशिश की गई. उन्होंने अदालत से मांग की कि जब तक मामले का अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक संपत्तियों के ट्रांसफर और किसी भी तरह की बिक्री पर यथास्थिति बनाए रखी जाए. (आईएएनएस इनपुट के साथ)
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