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मनोरंजन जगत से इस वक्त एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है. फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज यानी FWICE ने बॉलीवुड सुपरस्टार रणवीर सिंह के खिलाफ घोषित किए गए अपने असहयोग आंदोलन को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है. फेडरेशन के इस फैसले के बाद फिल्म गलियारों में पिछले कुछ समय से चल रहा तनाव अब थमता हुआ नजर आ रहा है.
रणवीर सिंह को राहत मिली है.
नई दिल्ली. बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह को लेकर फिल्म इंडस्ट्री में चल रहा विवाद अब सुलझता नजर आ रहा है. फिल्म कर्मचारियों और तकनीशियनों के सबसे बड़े संगठन फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने अभिनेता के खिलाफ शुरू किए गए असहयोग आंदोलन को वापस लेने का फैसला किया है. इस फैसले के बाद इंडस्ट्री में चल रही चर्चाओं को नया मोड़ मिल गया है.
FWICE की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि रणवीर सिंह के खिलाफ शुरू किया गया असहयोग आंदोलन फिलहाल वापस लिया जा रहा है. संगठन ने स्पष्ट किया कि इस मामले पर अन्य निर्माता संगठनों और संबंधित पक्षों के साथ बातचीत जारी है.
कैसे शुरू हुआ था ये मामला
दरअसल, ये पूरी कहानी 25 मई 2026 से शुरू होती है, जब फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयीज ने रणवीर सिंह के खिलाफ गैर-सहयोग का निर्देश जारी कर दिया. कारण था ‘डॉन 3’ से उनका आखिरी वक्त में बाहर होना. निर्माता फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी ने FWICE से शिकायत की कि रणवीर के अचानक प्रोजेक्ट छोड़ने से उन्हें 45 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है, जो प्री-प्रोडक्शन में खर्च हो चुके थे. FWICE ने यह भी दावा किया कि उन्होंने रणवीर को तीन नोटिस भेजे, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया. इसी के चलते FWICE ने ऐलान किया कि उनके चार लाख से अधिक सदस्य यानी स्पॉट बॉय, लाइटमैन, कैमरामैन समेत 38 क्राफ्ट किसी भी ऐसे प्रोजेक्ट पर काम नहीं करेंगे, जिसमें रणवीर सिंह शामिल होंगे.
कानूनी नोटिस तोड़, FWICE ने पलटी बात
रणवीर सिंह ने भी चुप नहीं बैठे. उनकी टीम की ओर से 2 जून 2026 को FWICE को कानूनी नोटिस भेजा गया. रणवीर का कहना था कि FWICE को इस मामले में दखल देने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि यह उनके और निर्माताओं के बीच का ‘संविदात्मक विवाद’ है. यह कदम फिल्म इंडस्ट्री में एक बड़ा भूचाल लेकर आया. आज FWICE ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और सबको चौंकाते हुए गैर-सहयोग निर्देश वापस लेने की घोषणा कर दी. अब उनके लाखों सदस्य रणवीर सिंह के साथ काम कर सकते हैं. FWICE के अध्यक्ष बी. एन. तिवारी ने कहा, ‘हम अपना नॉन-कोऑपरेटिव डायरेक्टिव तत्काल प्रभाव से वापस ले रहे हैं.’
बड़े संगठनों का हस्तक्षेप
यह फैसला अकेले FWICE का नहीं था. इस बार मामले में इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPAA), प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया और सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) ने सक्रिय भूमिका निभाई. इन तीनों संगठनों ने FWICE से अपील की कि वह अपना रुख नरम करें.
‘डॉन 3’ विवाद पर अब निर्माता संगठन में होगी चर्चा?
सबसे अहम बात: FWICE के मुताबिक, यह मामला अब खत्म नहीं हुआ है, बल्कि इसे ‘अन्य निर्माता संगठनों के साथ चर्चा’ के लिए भेजा जा रहा है. यानी अब यह सिर्फ FWICE और रणवीर के बीच का विवाद नहीं है, बल्कि इसे इंडस्ट्री के वरिष्ठ निर्माताओं और बड़ी संस्थाओं के समक्ष रखा जाएगा. इस चर्चा का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि आगे चलकर किसी भी स्टार के अचानक प्रोजेक्ट छोड़ने पर होने वाले नुकसान को रोकने के लिए एक स्थायी नीति बनाई जाए.
आपको बता दें कि निर्माता टीपी. अग्रवाल ने मुंबई सिविल कोर्ट में यह कहते हुए याचिका दायर कर दी है कि किसी भी एसोसिएशन को किसी कलाकार पर बैन लगाने का कानूनी अधिकार नहीं है.
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शिखा पाण्डेय पिछले 15 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में एक्टिव हैं. शिखा दिसंबर 2019 से न्यूज 18 हिंदी के साथ हैं और बतौर चीफ सब एडिटर के पद काम कर रही हैं. पिछले 6 सालों से वह एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रही …और पढ़ें

