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Prateik Smita Patil Raj Babbar Feud: स्मिता पाटिल के बेटे प्रतीक ने शादी के बाद अपने पिता राज बब्बर और उनके परिवार से दूरी बना ली थी. फिर कुछ समय बाद अपने नाम से पिता का सरनेम हटाकार मां का नाम जोड़ लिया. इस बीच, प्रतीक स्मिता पाटिल अपने पिता राज बब्बर के खिलाफ कुछ-न-कुछ कहते रहे, जिससे उनके सौतेले भाई आर्य बब्बर काफी नाराज हो गए. उन्होंने प्रतीक पर अपने पिता का अपमान करने का आरोप मढ़ते हुए हमला किया है. आर्य कहते हैं कि प्रतीक को करियर और फाइनेंशियल सपोर्ट के लिए पिता चाहिए, लेकिन सोशल लेवल पर वह उन्हें सम्मान नहीं देते. प्रतीक ने शादी में अपने पिता को नहीं बुलाया था. आर्य ने इसे विडंबना बताया कि जिस स्मिता पाटिल के लिए राज बब्बर ने अपना परिवार छोड़ा था, आज उन्हीं का बेटा उन्हें अपनाने से कतरा रहा है.

नई दिल्ली: बब्बर परिवार में आपसी कलह खुलकर पब्लिक के सामने आ गया है. प्रतीक ने पहले ही अपना सरनेम बदलकर और शादी में पिता को न बुलाकर इसके साफ संकेत दे दिए थे. अब राज बब्बर के बड़े बेटे आर्य बब्बर ने अपने छोटे भाई प्रतीक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. आर्य ने प्रतीक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह अपने पिता का अपमान कर रहे हैं और सिर्फ अपनी सहूलियत के हिसाब से उनके करीब आते हैं. यह कड़वाहट तब और बढ़ गई, जब प्रतीक ने न सिर्फ अपना सरनेम बदला, बल्कि अपनी शादी में भी पिता और उनके परिवार को शामिल नहीं किया. (फोटो साभार: Instagram@rajbabbarmp)

आर्य बब्बर ने विक्की लालवानी को दिए इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने हमेशा इस रिश्ते को बहुत ही नाजुक मानकर सहेजने की कोशिश की थी. उन्होंने बताया कि प्रतीक के प्रति उनके मन में हमेशा बड़े भाई वाला प्यार रहा, लेकिन प्रतीक ने अचानक ही परिवार से नाता तोड़ लिया. आर्य की मानें, तो प्रतीक की अपनी पत्नी से तलाक का प्रोसेस पूरा होते ही परिवार से बात करना बंद कर दिया, जबकि आर्य ने कई बार कॉल और मैसेज करके संपर्क करने की कोशिश की थी. (फोटो साभार: Instagram@aaryababbar222)

आर्य का सबसे तीखा हमला प्रतीक के ‘सुविधावादी’ रवैये पर था. उन्होंने कहा कि जब करियर में मुश्किलें आती हैं या जेब खाली होती है, तब राज बब्बर पिता बन जाते हैं. लेकिन जब दुनिया के सामने पिता को सम्मान देने की बारी आती है, तो प्रतीक पीछे हट जाते हैं. आर्य ने इसे सरासर गलत ठहराते हुए कहा कि बड़े भाई होने के नाते वह अब इस मुद्दे पर चुप नहीं रह सकते. (फोटो साभार: Instagram@_prat)
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आर्य ने यह भी सवाल उठाया कि प्रतीक आज भी उसी आलीशान घर में रह रहे हैं जो राज बब्बर ने स्मिता पाटिल के लिए खरीदा था. वह पिता द्वारा दी गई सुख-सुविधाओं का पूरा आनंद ले रहे हैं, लेकिन पब्लिक मंचों पर वह पिता का नाम तक साथ जोड़ना पसंद नहीं करते. आर्य बब्बर ने तंज कसते हुए कहा कि पॉकेट मनी और घर चाहिए तो डैडी याद आते हैं, वरना नहीं.(फोटो साभार: Instagram@rajbabbarmp)

आर्य ने पुरानी यादें ताजा करते हुए इसे एक बड़ी ‘ट्रेजडी’ करार दिया. उन्होंने कहा कि उनके पिता राज बब्बर ने स्मिता मां के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया था, अपनी पहली फैमिली तक छोड़ दी थी. आज उसी स्मिता मां का बेटा अपने पिता को अपनाने से इनकार कर रहा है. यह राज बब्बर के लिए किसी इमोशनल शॉक से कम नहीं है. (फोटो साभार: Instagram@_prat)

राज बब्बर की जिंदगी हमेशा से काफी चर्चा में रही है. 1975 में नादिरा बब्बर से शादी के बाद उनके दो बच्चे आर्य और जूही हुए. लेकिन फिर उनकी जिंदगी में स्मिता पाटिल आईं. खबरों के मुताबिक, राज ने नादिरा सेअलग होने के बाद स्मिता से शादी की थी. हालांकि, 1986 में प्रतीक के जन्म के समय स्मिता का निधन हो गया और राज वापस नादिरा के पास लौट आए, जिन्होंने प्रतीक को भी संभाला. (फोटो साभार: Instagram@rajbabbarmp)

आर्य बब्बर का मानना है कि नादिरा बब्बर और उनके परिवार को हमेशा विलेन की तरह पेश किया जाता है, जबकि उन्होंने प्रतीक को हमेशा प्यार दिया. आर्य ने कहा कि प्रतीक अपनी हर कहानी में खुद को पीड़ित दिखाते हैं, लेकिन हकीकत में वह एक सीनियर एक्टर का बेटा होने का हर मुमकिन फायदा उठाते रहते हैं.

आर्य बब्बर ने अंत में इमोशनल होते हुए कहा कि एक बड़े भाई के तौर पर वह प्रतीक के लिए हमेशा मौजूद रहेंगे, लेकिन अब उनके मन में पहले जैसा प्यार और सम्मान नहीं बचा है. उन्होंने साफ कर दिया कि अगर आज उनसे पूछा जाए कि क्या वह प्रतीक को गले लगा सकते हैं, तो उनका जवाब ‘ना’ होगा. रिश्तों की यह दरार अब काफी गहरी होती नजर आ रही है.(फोटो साभार: Instagram@rajbabbarmp)

