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बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस नूतन ने चार दशक तक इंडस्ट्री में राज किया. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1950 में की थी. नूतन ने ‘सुजाता’, ‘बंदिनी’, ‘मैं तुलसी तेरे आंगन की’ जैसी फिल्मों में अपनी बेहतरीन एक्टिंग की छाप छोड़ी. वो महिला केंद्रित फिल्में ज्यादा करती थीं. नूतन को बचपन में सांवले रंग-रूप और कद-काठी के लिए काफी ताने सुनने पड़ते थे. ‘मिस इंडिया’ में हिस्सा लेने वाली वाली पहली एक्ट्रेस थीं. वो फिल्मों में स्विमसूट पहनने वाली पहली एक्ट्रेस थीं. उनके पिता कुमार सेन समर्थ फिल्म डायरेक्टर थे. मां शोभना समर्थ भी एक्ट्रेस थीं. नूतन के बेटे मोहनीश बहल ने फिल्मों में विलेन के रोल किए और खूब नाम कमाया. दिलचस्प बात यह है कि उनके दामाद बॉलीवुड के सुपर स्टार हैं. तीनों खान्स को 90 के दशक से टक्कर दे रहे हैं.

‘मैं तुलसी तेरे आंगन की’ का नाम लेते ही दिग्गज एक्ट्रेस नूतन का चेहरा आंखों के सामने घूमने लगता है. 1950 से अपने करियर की शुरुआत करने वाली एक्ट्रेस नूतन ने ‘बंदिनी’ ‘सुजाता’, सौदागर और ‘मैं तुलसी तेरे आंगन की’ जैसी कई फिल्मों में अपनी बेहतरीन एक्टिंग से दर्शकों के दिल में अमिट छाप छोड़ी. वो मिस इंडिया’ में हिस्सा लेने वाली पहली एक्ट्रेस थीं. उनके दामाद बॉलीवुड के सुपर स्टार हैं और 90 के दशक से बॉलीवुड में एक्टिव हैं. उन्होंने तीनों खान्स को रुपहले पर्दे पर जबर्दस्त टक्कर दी है. हम बॉलीवुड में सिंघम के नाम से मशहूर अजय देवगन की बात कर रहे हैं. अजय देवगन दिग्गज एक्ट्रेस नूतन के रिश्ते में दामाद लगते हैं. नूतन और काजोल की मां तनुजा की सगी बहन हैं. इस रिश्ते से अजय देवगन नूतन के दामाद हैं.

अजय देवगन ने 1999 में काजोल से शादी रचाई थी. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1991 की फिल्म ‘फूल और कांटे’ से की थी. इस फिल्म का डायरेक्शन कुकू कोहली ने किया था. फिल्म में नदीम-श्रवण का म्यूजिक ब्लॉकबस्टर रहा था. इस फिल्म की सफलता से अजय देवगन रातोंरात स्टार बन गए. उन्हें बेस्ट मेल डेब्यू का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला. अजय देवगन की बॉलीवुड इंडस्ट्री में एक्शन हीरो के तौर पर पहचान बन गई.

अजय देवगन की पहली ही फिल्म सुपरहिट रही. इसके बाद 1992 में उन्होंने ‘जिगर’, 1993 में ‘संग्राम’, दिल है बेताब जैसी फिल्मों से अपने करियर को आगे बढ़ाया. ये फिल्में उतनी नहीं चलीं लेकिन गाने बहुत पॉप्युलर हुए. फिर आया साल 1994 जो अजय देवगन के करियर के लिए टर्निंग प्वॉइंट साबित हुआ. इसी साल ‘दिलवाले’ फिल्म रिलीज हुई. इस फिल्म में भी नदीम-श्रवण का ब्लॉकबस्टर म्यूजिक था. फिल्म को सुपरहिट बनाने में इसके गानों का बहुत बड़ा हाथ रहा. ‘जीता था जिसके लिए’ गाना तो यूथ एंथम बन गया. 4 फरवरी 1994 को रिलीज हुई दिलवाले 2.1 करोड़ के बजट में बनकर तैयार हुई थी. फिल्म ने 12 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. दिलवाले फिल्म ने अजय देवगन को सुपर स्टार बना दिया.
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1994 में अजय देवगन की दो और फिल्मों ‘विजयपथ’ और ‘सुहाग’ ने जलवा बिखेरा. ‘विजयपथ’ फिल्म में पहली बार अजय देवगन की जोड़ी तब्बू के साथ बनी थी. इसी दौरान एक और फिल्म ‘नाजायज’ आई जिसका एक गाना ‘अभी जिंदा हूं तो पी लेने दो’ खूब पॉप्युलर हुआ था. फिर आया साल 1995. इस साल अजय देवगन की पहली बार जोड़ी काजोल के साथ बनी. दोनों ने ‘हलचल’ और ‘गुंडाराज’ फिल्म में काम किया.

इन दोनों फिल्मों में काम करने के बाद काजोल अपना दिल अजय देवगन को दे बैठी थीं. सबसे दिलचस्प बात यह है कि पहली मुलाकात में अजय देवगन काजोल को पसंद नहीं आए थे. फिर दोनों की दोस्ती हुई. एक सीन के दौरान काजोल अजय को थप्पड़ मारने का प्रयास करती हैं. अजय हाथ को पकड़ लेते हैं. सीन तो फिल्मी था लेकिन काजोल को अजय के हाथ पकड़ने का अंदाज पसंद आया. उन्हें अंदर से फीलिंग आई कि ‘ये इंसान आपकी जिंदगी में जरूरी है.’ दोनों ने एकदूसरे को डेट करना शुरू कर दिया. करीब चार साल तक डेट करने के बाद 1998 में दोनों ने शादी कर ली.

अजय देवगन को 1998 में रिलीज हुई फिल्म ‘जख्म’ के लिए नेशनल अवॉर्ड भी मिला. इस फिल्म का निर्देशन महेश भट्ट के निर्देशन ने किया था. पूजा भट्ट-कुणाल खेमू भी फिल्म में थे. जख्म के बाद उन्हें ‘द लीजेंड ऑफ भगत सिंह’ और ‘तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर’ के लिए भी नेशनल अवॉर्ड मिला.

अजय देवगन ने पूरे 90 के दशक में तीनों खान ‘शाहरुख-सलमान-आमिर खान’ को अपनी दमदार एक्टिंग से टक्कर दी. शाहरुख खान से उनकी दोस्ती 1994 में ही ‘करण-अर्जुन’ के दौरान टूट गई. दोनों सुपर स्टार ने साथ में कभी भी काम नहीं किया. यह भी दिलचस्प है कि अजय देवगन की पत्नी काजोल की जोड़ी शाहरुख खान के साथ फेमस हुई. काजोल ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि मेरे पति ने मुझे कभी भी शाहरुख खान के साथ काम करने से नहीं रोका. इतना ही नहीं अजय देवगन की काजोल-शाहरुख खान के अजीज दोस्त करण जौहर से भी कभी दोस्ती नहीं रही.

अजय देवगन आंखों से एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं. ‘कच्चे धागे’, हम दिल दे चुके सनम, ‘कंपनी’, ‘गंगाजल’, ‘अपहरण’ में उन्होंने अपने करियर की सर्वेश्रेष्ठ एक्टिंग की. फिर उन्होंने कॉमेडी फिल्मों में भी हाथ आजमाया और रोहित शेट्टी के साथ मिलकर ‘गोलमाल’ सीरीज में काम किया. साल 2009 में उनकी ‘राजनीति’ फिल्म सुपरहिट रही. 2010 में गोलमाल 3 ब्लॉकबस्टर साबित हुई. इसके बाद अजय देवगन ने एक बार फिर से अपना जॉनर बदला. उन्होंने एक्शन फिल्में फिर से शुरू कीं.

अजय देवगन ने अपने करियर में 10 से ज्यादा 100 करोड़ी फिल्में दीं. इनमें सिंघम अगेन, तान्हाजी : द वॉरियर, दृश्यम 2, रेड 2, गोलमाल अगेन, टोटल धमाल, शैतान, सिंघम रिटर्न, गोलमाल 3, सन ऑफ सरदार, दे दे प्यार दे, बोल बचन, रेड, सिंघम और शिवाय जैसी फिल्में शामिल हैं. अजय देवगन की तीन फिल्में ‘तान्हा जी : द अनसंग वॉरियर, गोलमाल अगेन और गोलमाल 3 ब्लॉकबस्टर रही हैं. उनकी 7 फिल्में सुपरहिट साबित हुई हैं.

