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जब माधुरी दीक्षित को देखते ही डायरेक्टर ने कर लिया था तय-‘यही मेरी हीरोइन होगी’, ब्लॉकबस्टर निकली 1988 की ये फिल्म

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फिल्म ‘तेजाब’ की ‘मोहिनी’ आज भी माधुरी दीक्षित के सबसे यादगार किरदारों में गिनी जाती है. लेकिन कम लोग जानते हैं कि निर्देशक एन. चंद्रा ने इस भूमिका के लिए कभी किसी दूसरी अभिनेत्री के बारे में सोचा ही नहीं था. ‘इंडियाज बेस्ट डांसर 5’ में उन्होंने खुलासा किया कि पहली मुलाकात में ही उन्हें एहसास हो गया था कि माधुरी में कुछ खास है. यही वजह थी कि ‘मोहिनी’ के किरदार के लिए उनकी पहली और आखिरी पसंद सिर्फ माधुरी दीक्षित थीं. 1988 में रिलीज हुई ‘तेजाब’ ने उन्हें रातोंरात सुपरस्टार बना दिया.

जब माधुरी दीक्षित को देखते ही डायरेक्टर ने कर लिया था तय-'ये मेरी हीरोइन होगी'Zoom

माधुरी दीक्षित ने कई हिट फिल्में दी हैं.

नई दिल्ली. बॉलीवुड में कई किरदार ऐसे होते हैं, जो सिर्फ फिल्मों का हिस्सा नहीं रहते, बल्कि कलाकार की पहचान बन जाते हैं. माधुरी दीक्षित के लिए ‘तेजाब’ की ‘मोहिनी’ ऐसा ही एक किरदार साबित हुआ. साल 1988 में रिलीज हुई इस फिल्म ने न सिर्फ उन्हें स्टारडम की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, बल्कि हिंदी सिनेमा को उसके सबसे यादगार किरदारों में से एक भी दिया. दिलचस्प बात यह है कि निर्देशक एन. चंद्रा के लिए इस भूमिका के लिए कभी कोई दूसरा नाम था ही नहीं.

हाल ही में डांस रियलिटी शो ‘इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन 5’ में पहुंचे एन. चंद्रा ने उन दिनों की यादें साझा कीं और बताया कि माधुरी को लेकर उनका भरोसा पहली मुलाकात में ही बन गया था. उन्होंने बताया कि उस समय वह ‘बजरंगी’ नाम की एक फिल्म की एडिटिंग कर रहे थे. इसी दौरान एक दिन सेट पर उनकी मुलाकात युवा अभिनेत्री माधुरी दीक्षित से हुई. पहली ही मुलाकात में उन्हें महसूस हो गया था कि इस लड़की में कुछ खास है और एक दिन वह जरूर बड़ी स्टार बनेगी.

डायरेक्टर ने किया खुलासा

समय बीता और जब एन. चंद्रा ने ‘तेजाब’ की कहानी पर काम शुरू किया, तो ‘मोहिनी’ के किरदार को लेकर उनके मन में कोई दुविधा नहीं थी. उनके मुताबिक, इस भूमिका के लिए उनकी पहली पसंद भी माधुरी थीं और आखिरी पसंद भी. उन्होंने किसी दूसरी अभिनेत्री के बारे में कभी विचार तक नहीं किया, क्योंकि उन्हें पूरा यकीन था कि इस किरदार के साथ न्याय सिर्फ माधुरी ही कर सकती हैं.

‘तेजाब’ की ‘मोहिनी’

दिलचस्प बात यह भी रही कि उस समय फिल्म के हीरो अनिल कपूर थे और उनके सेक्रेटरी राकेश नाथ ही माधुरी के कामकाज को भी संभालते थे. ऐसे में दोनों कलाकारों की तारीखों और शूटिंग से जुड़ी व्यवस्थाओं को तय करना आसान हो गया. एन. चंद्रा का मानना है कि मेहनत के साथ किस्मत का साथ भी कई बार बड़े फैसलों को आसान बना देता है.

ब्लॉकबस्टर निकली फिल्म

11 नवंबर 1988 को सिनेमाघरों में पहुंची ‘तेजाब’ ने बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार सफलता हासिल की. फिल्म में अनिल कपूर और माधुरी दीक्षित की जोड़ी को दर्शकों ने हाथोंहाथ लिया, जबकि अनुपम खेर, चंकी पांडे, किरण कुमार और सुरेश ओबेरॉय जैसे कलाकारों ने भी अपनी भूमिकाओं से फिल्म को मजबूती दी.

‘तेजाब’ की सफलता के कई कारण रहे, लेकिन ‘एक दो तीन’ पर थिरकती ‘मोहिनी’ ने माधुरी दीक्षित को उस मुकाम तक पहुंचा दिया, जहां से उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. आज भी ‘मोहिनी’ का जिक्र होते ही सबसे पहले माधुरी दीक्षित का चेहरा ही आंखों के सामने उभर आता है.

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Pranjul SinghSub-Editor

From the precision of chemistry labs to the vibrant chaos of a newsroom, my journey has been about finding the perfect formula for a great story. A graduate in Chemistry Honours from the historic Scottish Churc…और पढ़ें

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