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बॉलीवुड में कई स्टार किड्स ने अपने माता-पिता की विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन एक अभिनेता को अपने ही पिता के अंदाज की झलक दिखाना भारी पड़ गया था. पर्दे पर उनकी स्टाइल, आवाज और डायलॉग डिलीवरी देखकर दर्शक तो खुश हो गए, मगर दिग्गज पिता का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. मामला इतना बढ़ा कि बेटे को साफ चेतावनी तक दे दी गई. दिलचस्प बात ये है कि जिस किरदार और फिल्म को उस वक्त हल्के में लिया गया, वही आगे चलकर हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी कल्ट कॉमेडी फिल्मों में शामिल हो गई. आज भी उस किरदार के डायलॉग्स और अंदाज पर फैंस खूब प्यार लुटाते हैं.

नई दिल्ली. ‘मोना डार्लिंग…’ और ‘सारा शहर मुझे लायन के नाम से जानता है’ जैसे दमदार डायलॉग्स से हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाने वाले अजीत सिंह का स्टाइल कभी लोगों के सिर चढ़कर बोलता था. उनकी आवाज, डायलॉग डिलीवरी और स्क्रीन पर मौजूदगी इतनी असरदार थी कि बड़े-बड़े सितारे भी उनसे प्रभावित रहते थे. लेकिन एक वक्त ऐसा भी आया, जब उनके ही बेटे शहजाद खान ने पर्दे पर पिता के उसी अंदाज की झलक दिखा दी. दर्शकों ने उनके इस रोल को हाथोंहाथ लिया लेकिन अजीत खान को बेटे का उनकी नकल करना बिल्कुल पसंद नहीं आया. इसके बाद तो बाप ने अपने बेटे को तुरंत चेतावनी दे डाली थी. क्या है ये किस्सा चलिए बताते हैं…

बॉलीवुड के इतिहास में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं, जो समय के साथ अपनी एक अलग पहचान बना लेती हैं. ऐसी ही एक फिल्म 1994 में आई, जिसका नाम है ‘अंदाज अपना अपना’. राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी इस कॉमेडी फिल्म ने सालों बाद कल्ट क्लासिक का दर्जा हासिल कर लिया. 2.9 करोड़ के बजट में बनी फिल्म में शहजाद खान भी नजर आए थे. इस फिल्म में बेटे का किरदार देख अजीत खान काफी नाराज हो गए थे.

फिल्म के ‘आंखें निकालकर गोटियां खेलता हूं’जैसे डायलॉग आज भी सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं. लेकिन कम लोग जानते हैं कि इस किरदार में शहजाद खान ने अपने पिता और दिग्गज अभिनेता अजीत खान की स्टाइल की मिमिक्री की थी, जिसे देखकर अजीत खान काफी नाराज हो गए थे. रेडियो नशा से बात करते हुए खुद इस किस्से का जिक्र किया था.
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शहजाद खान ने बातचीत में बताया था कि फिल्म की पूरी कास्टिंग राजकुमार संतोषी ने की थी, लेकिन इस किरदार के लिए निर्माता विनय कुमार ने कहा था कि ये रोल शहजाद ही करेगा. जब मैं वहां पहुंचा तो राजकुमार संतोषी ने मुझे किरदार के बारे में बताया और कहा कि तुम्हें इसमें अपने पिता वाले अंदाज में करना होगा और आवाज भी उन्हीं की तरह. वहीं से इस सफर की शुरुआत हुई.’

फिल्म तैयार हुई तो बेटे की फिल्म के अजीत खान ने देखी. लेकिन दिग्गज एक्टर को बेटे की ये मिमिक्री बिल्कुल पसंद नहीं आई. शहजाद ने बताया, ‘मैंने पापा को फिल्म के बारे में कुछ नहीं बताया था. फिर कुछ लोगों ने उनसे कहा कि आपके बेटे की नई फिल्म आई है और उसने आपकी आवाज इस्तेमाल की है. इसके बाद उन्होंने फिल्म देखी और मुझसे कहा-‘खबरदार आगे से ऐसी हिमाकत मत करना’.

फिल्म में शहजाद खान ने जानबूझकर पिता अजीत खान की आवाज, चाल-ढाल और डायलॉग स्टाइल को अपनाया. खासकर ‘तेरा क्या होगा रे…’ वाला सीक्वेंस और अन्य डायलॉग्स में उनकी नकल इतनी परफेक्ट थी कि दर्शक अभी भी तालियां बजाते हैं. लेकिन घर पर यह फैसला विवादास्पद साबित हुआ.

अजीत खान बॉलीवुड के सबसे यादगार विलेनों में शुमार थे. फिल्म मुगल-ए-आजम, नया दौर, धरम वीर जैसी फिल्मों में उनकी खूंखार और स्टाइलिश विलेन छवि ने उन्हें लीजेंड बना दिया. उनकी मखमली आवाज में बोले गए डायलॉग्स ‘राजू, इंसान की किस्मत खुद लिखनी पड़ती है…’ जैसे आज भी क्लासिक माने जाते हैं.

‘अंदाज अपना-अपना’ रिलीज के समय बॉक्स ऑफिस पर औसत रही थी, लेकिन समय के साथ यह कल्ट क्लासिक बन गई. आमिर खान, सलमान खान, रवीना टंडन और करिश्मा कपूर के साथ शहजाद खान और राजपाल यादव की कॉमेडी आज भी नई पीढ़ी को हंसाती है. 2025 में फिल्म की री-रिलीज हुई, जिसने पुरानी यादें ताजा कर दी थी.

