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12 मई से 23 मई तक आयोजित होने वाला सिनेमा की दुनिया का सबसे बड़ा फिल्म फेस्टिवल फ्रांस के फ्रेंच रिवेरा में चल रहा है. फिल्म फेस्टिवल में किसी भी फिल्म को स्टैंडिंग ओवेशन मिलना आम बात नहीं है. ये सिर्फ तालियों की गूंज नहीं होता, बल्कि यह इस बात का संकेत होता है कि उस कहानी ने दुनिया भर के दर्शकों के दिलों को छू लिया है. ग्रैंड थिएटर लुमिएर में जब दर्शक खड़े होकर कई मिनट तक तालियां बजाते हैं, तो वह फिल्म की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जाता है.

नई दिल्ली. कान्स फिल्म फेस्टिवल में क्रिटिक्स और गेस्ट का स्टैंडिंग ओवेशन मिलना किसी भी फिल्म के लिए उपलब्धि से कम नहीं है. बीते कुछ सालों में कई भारतीय फिल्मों का दबदबा रहा है. आज उन भारतीय फिल्मों के बारे में जानते हैं जिनका कान्स फिल्म फेस्टिवल में जलवा था. इन फिल्मों ने इंटरनेशनल ऑडियंस को अपना मुरीद बना लिया है.

इस लिस्ट में सबसे पहला नाम नीरज घयवान की होमबाउंड है. ‘होमबाउंड’ इस साल ऑस्कर के लिए भारत की तरफ से ऑफिशियल एंट्री भी थी. नीरज घयवान द्वारा निर्देशित होमबाउंड को कान्स 2025 में नौ (9 मिनट)मिनट का स्टैंडिंग ओवेशन मिला था. इस खास पल के साक्षी रहे मेकर्स और कलाकारों की आंखें नम हो उठी थीं.

फिल्म में ईशान खट्टर, विशाल जेठवा और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं. कहानी एक छोटे उत्तर भारतीय गांव के दो बचपन के दोस्तों की है, जिनके सपने और रिश्ते महत्वाकांक्षा और बदलती परिस्थितियों के कारण परीक्षा में पड़ जाते हैं. विशाल जेठवा और ईशान खट्टर की इस फिल्म ने खूब वाहवाही बटोरी लेकिन फिल्म कमाई के मामले में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाई थी.
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अब बात करते हैं पायल कपाड़िया की ‘ऑल वी इमैजिन ऐज़ लाइट’ की. इस फिल्म को कान्स में 8 मिनट का स्टैंडिंग ओवेशन मिला था. फिल्म को साल 2024 में कान्स ग्रैंड प्रिक्स 2024 अवॉर्ड भी मिला था. पायल कपाड़िया की फिल्म में कानी कुश्रुति, दिव्या प्रभा और छाया कदम ने अहम किरदार अदा किया था.

आठ मिनट का स्टैंडिंग ओवेशन हासिल करने वाली फिल्म तीन दशकों में पहली भारतीय फिल्म बनी जो पाल्म डी’ओर में नॉमिनेट हुई थी. कान्स के अलावा भी इस फिल्म ने कई बड़ी जीत दर्ज की थी. फिल्म ने नेशनल सोसाइटी ऑफ फिल्म क्रिटिक्स अवॉर्ड भी जीता था.

अनुराग कश्यप की ‘केनेडी’ को साल 2023 में स्टैंडिंग ओवेशन मिला था. सनी लियोनी और राहुल भट्ट स्टारर फिल्म ने इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर गहरी छाप छोड़ी थी. अनुराग कश्यप द्वारा निर्देशित इस नियो-नोयर थ्रिलर का प्रीमियर कान्स फिल्म फेस्टिवल 2023 के प्रतिष्ठित मिडनाइट स्क्रीनिंग सेक्शन में हुआ था. फिल्म के प्रदर्शन के बाद ग्रैंड थिएटर लुमिएर में दर्शकों ने पूरे सात मिनट तक खड़े होकर तालियां बजाईं.

फिल्म की कहानी एक ऐसे व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूमती है जिसे दुनिया मृत मान चुकी है, लेकिन वह अब भी जिंदा है और अपने अतीत के बोझ के साथ एक अंधेरी दुनिया में भटक रहा है. यह किरदार रहस्यमयी भी है और भावनात्मक रूप से टूट चुका भी. उसकी जिंदगी अपराध, भ्रष्टाचार और अकेलेपन से भरी है, जहां हर मोड़ पर उसे अपने अस्तित्व और इंसानियत से जुड़े कठिन सवालों का सामना करना पड़ता है. केनेडी कान्स में स्टैंडिंग ओवेशन मिलने के बावजूद फिल्म 3 साल तक भारत में रिलीज नहीं हो पाई था. इस साल फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म जी 5 पर रिलीज हुई है.

नीरज घयवान की पहली फीचर फिल्म ‘मसान’ ने भारत में इंडिपेंडेंट फिल्मों की राह बदल दी. इसमें ऋचा चड्ढा, विक्की कौशल, संजय मिश्रा और श्वेता त्रिपाठी ने मुख्य भूमिका अदा की थी. ‘मसान’ वाराणसी की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म है जिसमें दो कहानियां अंत में जाकर मिलती हैं.

