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एक्टर का फिल्मी दुनिया से कोई ताल्लुक नहीं था. वे डॉक्टरों के परिवार से ताल्लुक रखते हैं, फिर भी उन्होंने अपने दम पर पहचान बनाई. वे इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान चुपचाप ऑडिशन देते थे और शुरुआती दिनों में 12 लोगों के साथ छोटे फ्लैट में रहते थे. वे लोकल ट्रेन से सफर करते और रेलवे स्टेशन पर कपड़े बदलकर ऑडिशन देते थे. एक्टर की किस्मत ‘प्यार का पंचनामा’ से बदली. बाद में, ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ और ‘भूल भुलैया 2’ जैसी फिल्मों ने उन्हें बड़ा स्टार बना दिया.

नई दिल्ली: एक्टर आज बॉलीवुड के बड़े सितारों में गिने जाते हैं, लेकिन यहां तक पहुंचने का उनका सफर बिल्कुल आसान नहीं था. फिल्मों में आने से पहले उन्होंने मुंबई में काफी स्ट्रगल किया. डॉक्टरों के परिवार से ताल्लुक रखने वाले एक्टर का फिल्म इंडस्ट्री से कोई कनेक्शन नहीं था, फिर भी उन्होंने अपने दम पर पहचान बनाई.

इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान ही कार्तिक ने एक्टिंग में करियर बनाने का सपना देख लिया था. वे कॉलेज के साथ-साथ चुपचाप ऑडिशन देने जाते थे. खास बात यह थी कि उन्होंने उस समय अपने माता-पिता को भी नहीं बताया था कि वे फिल्मों में किस्मत आजमा रहे हैं. घरवालों को इसकी जानकारी तब मिली, जब उन्हें पहली फिल्म मिल गई.

मुंबई में शुरुआती दिनों में कार्तिक की जिंदगी काफी मुश्किलों भरी थी. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि वे 12 लड़कों के साथ एक फ्लैट में रहते थे. एक छोटे से कमरे में चार लोग साथ रहते थे. वहां हर कोई अपने सपनों को पूरा करने के लिए स्ट्रगल कर रहा था. कोई डायरेक्टर बनना चाहता था तो कोई एक्टर.
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कार्तिक आर्यन उन दिनों अपना खाना खुद बनाते थे और घर के बाकी काम भी मिल-बांटकर करते थे. पैसों की कमी थी, लेकिन सपनों में कोई कमी नहीं थी. वे रोज नए ऑडिशन के लिए निकलते और घंटों लाइन में खड़े रहते थे. कई बार उन्हें रिजेक्शन भी झेलना पड़ता था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी.

कार्तिक ने अपने स्ट्रगल के दिनों को याद करते हुए बताया था कि वे लोकल ट्रेन से सफर करते थे और रेलवे स्टेशन के वॉशरूम में कपड़े बदलते थे. उन्हें ऑडिशन के लिए अलग-अलग लुक में जाना पड़ता था, इसलिए वे स्टेशन पर ही तैयार हो जाते थे. उस दौर में जिंदगी काफी चुनौती भरी थी.

कार्तिक आर्यन की किस्मत तब बदली, जब उन्हें डायरेक्टर लव रंजन की फिल्म ‘प्यार का पंचनामा’ मिली. शुरुआत में फिल्म ने धीमी कमाई की, लेकिन बाद में युवाओं के बीच जबरदस्त हिट साबित हुई. फिल्म में कार्तिक का लंबा मोनोलॉग इतना मशहूर हुआ कि लोग उन्हें पहचानने लगे.

कार्तिक ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’, ‘लुका छुपी’ और ‘पति पत्नी और वो’ जैसी फिल्मों ने उन्हें बॉलीवुड का भरोसेमंद स्टार बना दिया. फिर ‘भूल भुलैया 2’ ने उनके करियर को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया. इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई की.

कार्तिक की सफलता की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने अपने स्ट्रगल के दिनों को कभी नहीं भुलाया. उन्होंने कामयाब होने के बाद वही अपार्टमेंट खरीद लिया, जहां कभी वे बाकी स्ट्रगलर्स के साथ किराए पर रहते थे. उनका सफर आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है.

