साल 1961 में आई हम दोनों का गाना ‘अभी ना जाओ छोड़कर’ सिर्फ एक रोमांटिक गीत नहीं, बल्कि हिंदी सिनेमा की सबसे खूबसूरत प्रेम धुनों में गिना जाता है. मोहम्मद रफ़ी और आशा भोसले की जादुई आवाजों ने इस गीत को ऐसा एहसास दिया, जो दशकों बाद भी ताजा लगता है. वहीं पर्दे पर देव आनंद और साधना की मासूम केमिस्ट्री ने इसे अमर बना दिया. इस गीत की सबसे बड़ी खूबी इसकी सादगी है, जहां प्यार में बिछड़ने की छोटी-सी घड़ी को बेहद नर्म एहसासों के साथ दिखाया गया. धीमी धुन, दिल छू लेने वाले बोल और भावनाओं से भरी गायकी आज भी इस गीत को हर पीढ़ी के दिल के करीब बनाए हुए है.
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