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24 साल पुरानी फिल्म का सीन, प्यार में दीवानी हुई दौड़ती रही परमसुंदरी, सिंदूर की सीमाओं को लांगने में हुई नाकाम

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शाहरुख खान, ऐश्वर्या राय और माधुरी दीक्षित स्टारर फिल्म ‘देवदास’ साल 2002 में रिलीज हुई थी. फिल्म को संजय लीला भंसाली ने डायरेक्ट किया था. फिल्म के सारे गाने हिट थे. लेकिन फिल्म का क्लाइमैक्स सीन देख लोगों के रोंगटे खड़े हो गए थे.

नई दिल्ली.साल 2002 में संजय लीला भंसाली फिल्म ‘देवदास’ लेकर आए थे. फिल्म में पारो के किरदार में ऐश्वर्या राय ने तो इतिहास ही रच दिया. ये फिल्म आज भी बॉलीवुड की बेहतरीन फिल्मों में गिनी जाती है. शाहरुख खान, माधुरी दीक्षित और ऐश्वर्या राय स्टारर इस फिल्म का क्लाइमैक्स ने तो लोगों को नजरें न झुकाने पर मजबूर कर दिया था.

संजय लीला भंसाली ने इस फिल्म पर पैसे पानी की तरह बहाए थे. फिल्म देवदास का एक-एक दृश्य को असाधारण बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी. इससे पहले भंसाली ने 1999 की अपनी फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ में भी ऐसा ही किया था.

देवदास का हर सीन लोगों के दिलों में बसा हुआ है. लेकिन अगर इस फिल्म के सबसे इमोशनल और यादगार सीन की बात करें, तो वो क्लाइमैक्स है, जब पारो बनीं ऐश्वर्या राय अपने देवदास से मिलने के लिए दौड़ती चली जाती हैं.

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थिएटर में जब लोगों ने ये क्लाइमैक्स देखा कि आंखों में आंसू, मांग में सिंदूर और पैरों में बंधी सामाजिक मर्यादाएं लिए पारो दौड़ रही है, तो हर किसी के मन में यही था कि किसी तरह वह देवदास से मिल जाए. इस सीन ने लोगों को अंदर तक हिला देता है.

फिल्म में जैसे ही ऐश का बेटा उन्हें बताता है कि बाहर कोई देवदास नाम का आदमी अपनी आखिरी सांसे गिन रहा है, ये सुनते ही ऐश्वर्या शादी की सारी सीमाएं तोड़कर दौड़ने लगती हैं, लेकिन आदर्श पत्नी की जंजीरे उसे रोक लेती हैं.

यूं तो बॉलीवुड में कई प्रेम कहानियां आईं और चली गईं, लेकिन ‘देवदास’ जैसी मोहब्बत शायद ही किसी फिल्म में दिखाई गई हो. शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के मशहूर उपन्यास पर बनी इस फिल्म के हर सीन ने लोगों के दिलों पर एक अमिट छाप छोड़ी है.

फिल्म का क्लाइमैक्स हिंदी सिनेमा के सबसे आइकॉनिक सीन्स में गिना जाता है. इस सीन में देवदास यानी शाहरुख खान अपनी आखिरी सांसें लेने से पहले पारो के घर पहुंचते हैं. वह टूट चुके होते हैं, बिखर चुके होते हैं और सिर्फ एक आखिरी बार पारो को देखना चाहते हैं.

बता दें कि ऐश्वर्या राय के करियर के लिए ये फिल्म मील का पत्थर साबित हुई थी. फिल्म ने ऐश्वर्या के करियर को नई उड़ान दी थी. इस फिल्म के लिए ऐश्वर्या को अवॉर्ड भी मिला था.वहीं शाहरुख खान ने देवदास के दर्द को इतनी गहराई से निभाया कि दर्शक उनके किरदार के साथ रो पड़े थे.

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