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मधुबाला हिंदी सिनेमा की पाकिजा एक्ट्रेसेस में से एक हैं. उनकी फिल्में लोग अपने पूर परिवार के साथ बैठकर देखा करते थे. लेकिन उन्होंने एक ऐसी फिल्म में भी काम किया था, जिसके टाइटल को लेकर खूब हंगामा हुआ था. फिल्म को भारत की पहली एडल्ट फिल्म का टैग दे दिया गया था.

नई दिल्ली. मधुबाला की खूबसूरती के आज भी चर्चे होते हैं. फिल्मों में उनकी एंट्री होते ही थिएटर में तालियां बजने लगती थीं. लोग उनकी फिल्मों और उनके किरदारों को आज भी नहीं भूल पाए हैं.लेकिन उन्होंने एक ऐसी फिल्म की थी, जिसे वह खुद भी नहीं देख पाई थीं.

मधुबाला ने अपने छोटे से करियर में वो काम किया था, जो अमर हो गया. उनके किरदारों के लोग मुरीद हो जाते थे. वह लोगों के जहन में बस जाया करती थीं. लेकिन उनकी एक फिल्म को लेकर लोगों ने खूब सवाल उठाए थे.

वो भी है, 76 साल पहले आई फिल्म ‘हंसते आंसू’. इस फिल्म को भारती की पहली एडल्ट फिल्म माना जाता है. फिल्म को सेंसर बोर्ड ने ए सर्टिफिकेट दिया था. इसके बाद ही ए सर्टिफिकेट की शुरुआत हुई थी.
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जिस वक्त मधुबाला ने इस फिल्म में काम किया था, उस वक्त उनकी उम्र महज 16 साल थी. इसी वजह से ए सर्टिफिकेट मिलने के बाद खुद मधुबाला अपनी ही फिल्म को देख नहीं पाई थीं. साल 1950 में रिलीज हुई इस फिल्म के टाइटल को लेकर तो खूब हंगामा मचा था.

साल 1950 में आई इस फिल्म को केबी लाल ने डायरेक्ट किया था. ये भारत की पहली ‘ए’ रेटेड फिल्म बनी थी. यूं तो फिल्म देखने में एक फैमिली कॉमेडी ड्रामा थी. लेकिन उस दौर में सेंसर बोर्ड यानी सीबीएफसी ने इसे एडल्ट करार दिया था.

मधुबाला के अलावा फिल्म में मोतीलाल, गोप और मनोरमा समेत कई कलाकार नजर आए थे. फिल्म के नाम को लेकर तो खूब बवाल कटा था. क्योंकि फिल्म का नाम डबल मीनिंग था और फिल्म में घरेलू हिंसा भी दिखाई गई थी.

