कभी महफिलों की जान रहे मशहूर गीतकार शकील बदायूंनी को अपने ही सुपरहिट गाने की वजह से लोगों के सामने शर्मिंदा होना पड़ा था. आखिर ऐसा क्या हुआ था कि हर किसी के दिल में बसने वाले इस गीतकार को भरी महफिल में बेइज्जती झेलनी पड़ी? हम जिस गाने की बात कर रहे हैं, वो है ‘चौदहवीं का चांद हो…’.दरअसल, एक मुशायरे के दौरान शकील बदायूंनी यही गाना सुना रहे थे. गाते-गाते वह एक शब्द भूल गए. वहां मौजूद मशहूर शायर जोश मलीहाबादी ने तुरंत उन्हें टोक दिया और कहा कि इतने बड़े शायर होकर अपने ही लिखे शब्द कैसे भूल सकते हो. बस फिर क्या था, भरी महफिल में शकील बदायूंनी को शर्मिंदा होना पड़ा. हालांकि बाद में उन्होंने अपनी गलती सुधारी और लोगों ने तालियों से उनका हौसला बढ़ाया. यही किस्सा आज भी खूब याद किया जाता है. इस गाने को मोहम्मद रफी ने गाया था, जिसे आज भी काफी ज्यादा पसंद किया जाता है.

