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सुनील दत्त ने चैट शो ‘जीना इसी का नाम है’ में संजय दत्त के बचपन का एक इमोशनल किस्सा साझा किया था. उन्होंने दिल्ली की कड़ाके की ठंड में एक शादी का किस्सा बयां किया. उन्होंने बताया कि कैसे नन्हे संजय ने बाहर एक गरीब बच्चे को ठिठुरते देख अपनी नई जैकेट उसे दान कर दी थी. यह सब देखकर उनके माता-पिता का दिल भर आया. इसी शो में संजय ने अपनी पहली फिल्म ‘रॉकी’ का अनुभव बताते हुए कहा कि सेट पर उनके पिता बेहद सख्त थे. एक बार लंच ब्रेक की गलतफहमी के कारण सुनील दत्त ने पूरी यूनिट के सामने संजय को कड़ी डांट लगाई थी.

नई दिल्ली: बॉलीवुड के संजू बाबा यानी संजय दत्त हमेशा अपनी दरियादिली और बिंदास अंदाज के लिए जाने जाते हैं. उनकी जिंदगी में भले ही कई उतार-चढ़ाव आए हों, लेकिन उनका दिल हमेशा साफ रहा है. इस बात का एक बेहद खूबसूरत और भावुक किस्सा खुद उनके पिता और दिवंगत अभिनेता सुनील दत्त ने एक टीवी शो के दौरान सुनाया था.

यह किस्सा तब का है, जब सुनील दत्त मशहूर होस्ट फारूक शेख के लोकप्रिय चैट शो ‘जीना इसी का नाम है’ में मेहमान बनकर पहुंचे थे. शो के पुराने वीडियो में सुनील दत्त अपने बेटे संजय दत्त की संवेदनशीलता और उनके बचपन की एक ऐसी कहानी शेयर करते हैं, जिसे सुनकर हर किसी की आंखें नम हो जाएं. (फोटो साभार: Instagram@bollyreell)

सुनील दत्त ने बताया था, ‘एक बार की बात है, हम सब दिल्ली में एक शादी में शामिल होने गए थे. कड़ाके की ठंड का मौसम था. संजय की मां नरगिस ने उनके लिए एक बहुत ही सुंदर और नई जैकेट खरीदी थी, जिसे पहनकर संजय शादी में गए थे.’ (फोटो साभार: IMDb)
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शादी के माहौल में जहां हर कोई जश्न में डूबा था, वहीं छोटे से संजय का ध्यान बाहर खड़े एक गरीब बच्चे पर गया. वह बच्चा ठंड से बुरी तरह कांप रहा था. उसे देखकर संजय का मन इतना उदास हो गया कि अंदर आकर उनका कुछ भी खाने का मन नहीं कर रहा था. (फोटो साभार: IMDb)

जब मां नरगिस ने संजय की इस उदासी का कारण पूछा, तो मासूम संजय ने कहा, ‘मम्मी, बाहर एक लड़का खड़ा है और उसे बहुत ठंड लग रही है. मेरे पास तो कपड़े हैं, लेकिन उसके पास नहीं. मैं अपनी यह नई जैकेट उसे देना चाहता हूं.’ (फोटो साभार: IMDb)

बेटे की बात सुनकर माता-पिता का दिल भर आया. इसके बाद, खुद सुनील दत्त संजय को अपने साथ लेकर बाहर गए और उन्होंने वह नई जैकेट उस गरीब और जरूरतमंद बच्चे को पहना दी. इस घटना ने सुनील दत्त को अपने बेटे पर गर्व करने का एक बड़ा मौका दिया. (फोटो साभार: IMDb)

इसी शो में संजय दत्त ने भी अपने पिता सुनील दत्त के साथ काम करने का एक मजेदार और थोड़ा डरावना अनुभव साझा किया. उन्होंने बताया कि जब वे अपनी पहली फिल्म ‘रॉकी’ की शूटिंग कर रहे थे, तो निर्देशक के रूप में उनके पिता सेट पर बेहद सख्त रहते थे.

कश्मीर में शूटिंग के दौरान एक असिस्टेंट ने संजय को लंच करने भेज दिया, जबकि ब्रेक नहीं हुआ था. संजय अभी खाना खा ही रहे थे कि लोग दौड़ते हुए आए और बोले, ‘जल्दी चलो, दत्त साहब सेट पर बहुत गुस्से में चिल्ला रहे हैं!’

जब संजय भागते हुए सेट पर पहुंचे, तो सुनील दत्त ने पूरी यूनिट के सामने उन्हें जोरदार डांट लगाते हुए कहा, ‘पूरी यूनिट यहां ठंड में काम कर रही है और तुम खाना खाने चले गए? अभी पहली फिल्म है और अभी से खुद को स्टार समझने लगे हो क्या?’

जब सुनील दत्त ने उस असिस्टेंट से सच्चाई जाननी चाही, तो उसने डर के मारे सारा दोष संजय पर ही मढ़ दिया. संजय दत्त ने मुस्कुराते हुए बताया कि उनके पिता ने कभी भी सेट पर उनके साथ बेटे जैसा बर्ताव नहीं किया, बल्कि हमेशा एक कड़े अनुशासन में रहना सिखाया.

