Last Updated:
Bollywood Actress: वो दौर हिंदी सिनेमा की सबसे चमकदार अभिनेत्रियों में से एक का था. पर्दे पर उनकी मुस्कान करोड़ों दिलों की धड़कन बन चुकी थी, लेकिन असल जिंदगी में एक विवाद ने सबकुछ बदल दिया. घर पर पड़े इनकम टैक्स छापे में भारी रकम मिलने की खबर सामने आई तो फिल्म इंडस्ट्री में खलबली मच गई. मामला कोर्ट तक पहुंचा और फिर एक ऐसा बयान सामने आया, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया. कहा गया कि ये पैसे ‘वेश्यावृत्ति’ से कमाए गए हैं. इस एक लाइन ने उनकी पूरी छवि बदल दी. कभी सुपरस्टार कहलाने वाली अभिनेत्री अचानक विवादों और आलोचनाओं के घेरे में आ गई थीं. कौन है ये एक्ट्रेस चलिए बताते हैं…

नई दिल्ली.कभी अपनी खूबसूरती और दमदार अभिनय से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली उस अभिनेत्री की जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आया, जिसने पूरे बॉलीवुड को हिला दिया था. बड़े-बड़े सुपरस्टार्स के साथ हिट फिल्में देने वाली इस हसीना पर अचानक तब विवादों का पहाड़ टूट पड़ा, जब उनके घर इनकम टै्स विभाग का छापा पड़ा. घर से भारी मात्रा में नकदी मिलने की खबर ने सनसनी मचा दी. लेकिन असली बवाल तब हुआ, जब कोर्ट में एक ऐसा बयान सामने आया जिसने सबको हैरान कर दिया. 3 दशक तक वह हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस की लिस्ट में शुमार रहीं, लेकिन फिर एक गलती ने सबकुछ बर्बाद कर लिया और अर्श पर पहुंचा करियर एक झटके में फर्श पर आ गिरा.

1950-60 के दशक की धाकड़ अभिनेत्री माला सिन्हा , जो 11 नवंबर 1936 को जन्मीं माला सिन्हा ने 1952 में फिल्म ‘बचपन के दिन’ से डेब्यू किया, लेकिन असली पहचान मिली फिल्मों धूल का फूल (1959), हाफ टिकट (1962), गुमराह (1963) और जहां आरा (1964) से. उनकी हसरत भरी आंखें और दिल घायल कर देने वाली मुस्कान भरे किरदारों में उतरने की कला ने उन्हें सुपरस्टार बना दिया.

माला के पास पैसों की भी कोई कमी नहीं थी, लेकिन कहते हैं उनके पास जितना पैसा था वो उतनी ही ज्यादा कंजूस भी थीं. माला सिन्हा के बारे में ये मशहूर था कि उनसे पैसे निकलवाना बड़ा ही टेढ़ा काम था. बताते तो यहां तक हैं कि माला सिन्हा अपने घर का काम भी खुद ही कर लिया करतीं थीं ताकि नौकर चाकर पर पैसा खर्चा ना करना पड़े.
Add News18 as
Preferred Source on Google

माला सिन्हा ने लगभग हर बड़े स्टार के साथ काम किया है. ‘बादशाह’, ‘हेलमेट’, ‘प्यासा’, ‘नया जमाना’, ‘एक गांव की कहानी’, ‘चंदन’, ‘फिर सुबह होगी’, ‘परवरिश’, ‘उजाला’ से लेकर ‘मैं नशा में हूं’ जैसी ढेरों फिल्मों से वह लोगों के साथ मेकर्स की भी फेवरेट हो गईं. लेकिन, 1978 में घर में पड़ी आईटी की एक रेड के बाद उन्होंने ऐसा बयान दे दिया, जिसके बाद उनका करियर बर्बाद हो गया था.

साल 1978 का है. जब माला सिन्हा कामयाबी के चरम पर थीं. इसी दौरान उनकी लाइफ में एक ऐसा वक्त आया था, जिसने उनका सुख-चैन सब हिलाकर रख दिया था. मामला इनकम टैक्स से जुड़ा था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 1978 में माला सिन्हा के मुबंई स्थित घर पर इनकम टैक्स का छापा पड़ा. छापेमारी में उनके बाथरूम से 12 लाख की गड्डियां बरामद हुई थी. उन दिनों 12 लाख रुपये बहुत बड़ी रकम थी.

मामला बड़ा था तो ये केस कोर्ट तक पहुंचा. माला सिन्हा ये सोच कर इतना परेशान हो उठी उनकी कमाई कहीं जब्त ना हो जाए. पैसों को कैसे बचाया जाए कोर्ट में सवाल होगा तो क्या जवाब देना होगा. इसके लिए उन्हें उनके वकील और अपने पापा अल्बर्ट सिन्हा ने सलाह दी और उन्होंने कोर्ट में पूछे जाने पर कह दिया- ‘ये पैसे मैंने वेश्यावृत्ति से कमाए हैं’. बस इस एक बयान ने पूरे देश में बवाल मचा दिया.

माला के इस बयान से हर कोई शॉक्ड हो गया. कल तक जो लोगों के लिए स्टार थी अचानक से वो विलेन बन गई. लोग उन्हें काफी बुरा भला कहने लगे थे. इस वजह से उनकी इमेज भी काफी खराब हो गई. माला के वेश्यावृत्ति की खबरें उड़ीं तो खुद माला भी काफी टूट गई थीं. वहीं, निर्माताओं ने उनसे किनारा कर लिया और उन्हें काम मिलना बंद होने लगा था.

माला सिन्हा की पर्सनल लाइफ की बात करें तो माला सिन्हा ने नेपाली अभिनेता चिदंबर प्रसाद लोहानी से शादी की और वो भी एक नहीं तीन-तीन बार. दोनों ने पहले कोर्ट मैरिज की, फिर ईसाई रीति-रिवाज से और फिर पारंपरिक हिंदू रीति रिवाज से एक दूसरे का हाथ थामा था.

