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बॉलीवुड में अब तक ऐसी कई फिल्में बनी हैं, जिन्हें हीरो के पिता ने डायरेक्ट या फिर प्रोड्यूस किया है. कई फिल्मों में दोनों साथ भी स्क्रीन करते हुए दिखे हैं. लेकिन हैरानी की बात यह है कि भारी-भरकम बजट, पिताओं के अनुभव और जबरदस्त स्टार पावर के बावजूद ये फिल्में दर्शकों के दिलों को छूने में पूरी तरह नाकाम रहीं. बॉक्स ऑफिस पर बाप-बेटों की यह जुगलबंदी औंधे मुंह गिरी और ये सभी फिल्में इतिहास की बड़ी फ्लॉप हुईं.

नई दिल्ली. बॉलीवुड के कई डायरेक्टर्स-एक्टर्स ने अपने बेटों के करियर को चमकाने या उन्हें बड़े पर्दे पर स्थापित करने के लिए फिल्में बनाई हैं. कुछ फिल्मों में पिता-बेटों की जोड़ी भी नजर आई. आज हम आपको ऐसी बाप-बेटों की 7 फिल्मों के बारे में बताएंगे, जिन्हें भारी-भरकम बजट और स्टार पावर के बावजूद दर्शकों ने सिरे से नकार दिया और सबकी सब बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप साबित हुईं.

जानी दुश्मन: निर्देशक राजकुमार कोहली ने अपने बेटे अरमान कोहली को बॉलीवुड में दोबारा स्थापित करने के लिए साल 2002 में इस मल्टीस्टारर फिल्म को बनाया था. अक्षय कुमार, सनी देओल और सुनील शेट्टी जैसे बड़े सितारों से सजी इस फिल्म का बजट करीब 18 करोड़ रुपये था. खराब स्पेशल इफेक्ट्स, कमजोर कहानी और अरमान कोहली के इच्छाधारी नाग वाले किरदार के चलते दर्शकों ने इस फिल्म का जमकर मजाक उड़ाया, जिसके कारण यह बॉक्स ऑफिस पर महाफ्लॉप साबित हुई.

लव स्टोरी 2050: साल 2008 में आई इस साइंस-फिक्शन फिल्म के जरिए हैरी बावेजा ने अपने बेटे हरमन बावेजा को बतौर लीड एक्टर लॉन्च किया था. प्रियंका चोपड़ा जैसी बड़ी स्टार होने और हॉलीवुड स्तर के स्पेशल इफेक्ट्स का दावा करने वाली इस फिल्म पर पानी की तरह पैसा बहाया गया था. करीब 40 करोड़ के भारी बजट में बनी यह फ्यूचरिस्टिक फिल्म दर्शकों के सिर के ऊपर से निकल गई. फिल्म की कमजोर स्क्रिप्ट ने हरमन के डेब्यू को पूरी तरह फ्लॉप बना दिया.
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काइट्स: फिल्ममेकर राकेश रोशन ने बेटे ऋतिक रोशन के साथ मिलकर साल 2010 में ‘काइट्स’ फिल्म बनाई. अनुराग बसु के निर्देशन में बनी महंगी फिल्मों में से एक थी, जिसका भारी-भरकम बजट 80 करोड़ रुपये था. मैक्सिकन एक्ट्रेस बारबरा मोरी के साथ ऋतिक की केमिस्ट्री और बेहतरीन विजुअल्स के बावजूद फिल्म की आधी से ज्यादा अंग्रेजी और स्पैनिश भाषा भारतीय दर्शकों को कनेक्ट नहीं कर पाई, जिससे यह बड़ी फ्लॉप रही.

बेशरम: अभिनव कश्यप के निर्देशन में साल 2013 में आई ‘बेशरम’ फिल्म में पहली बार रणबीर कपूर अपने पैरेंट्स ऋषि कपूर और नीतू कपूर के साथ स्क्रीन शेयर करते नजर आए थे. करीब 85 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म से बाप-बेटे की जोड़ी का जादू चलने की पूरी उम्मीद थी. मगर रणबीर का मवाली किरदार और फिल्म के लाउड ह्यूमर को दर्शकों ने बिल्कुल पसंद नहीं किया. शुरुआती अच्छी ओपनिंग के बाद खराब माउथ पब्लिसिटी के कारण यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिर गई थी.

मौसम: पंकज कपूर के निर्देशन में बनी साल 2011 की यह एक रोमांटिक-ड्रामा फिल्म थी, जिसमें उन्होंने अपने बेटे शाहिद कपूर को बतौर लीड एक्टर कास्ट किया था. फिल्म में शाहिद के अपोजिट सोनम कपूर नजर आई थीं. करीब 40 करोड़ रुपये के बड़े बजट में बनी इस फिल्म की कहानी कश्मीर के दंगों से लेकर कारगिल युद्ध जैसे वास्तविक घटनाक्रमों के बीच पनपती एक अधूरी प्रेम कहानी को दिखाती है. बेहतरीन संगीत और शाहिद के एयरफोर्स पायलट वाले लुक की तारीफ तो हुई, लेकिन फिल्म की बेहद धीमी रफ्तार और खिंची हुई पटकथा के कारण दर्शकों ने इसे नकार दिया और यह बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई.

जीनियस: ‘गदर’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म बनाने वाले डायरेक्टर अनिल शर्मा ने साल 2018 में अपने बेटे उत्कर्ष शर्मा को लीड हीरो के तौर पर लॉन्च करने के लिए ‘जीनियस’ फिल्म बनाई थी. उत्कर्ष बचपन में ‘गदर’ में सनी देओल के बेटे बने थे. ‘जीनियस’ में रॉ एजेंट की कहानी, सस्पेंस-एक्शन और रोमांस का तड़का लगाया गया था, लेकिन बेहद कमजोर कहानी के कारण यह फिल्म दर्शकों को थिएटर्स तक खींचने में पूरी तरह नाकाम रही.

पल पल दिल के पास: साल 2019 में आई इस रोमांटिक ड्रामा फिल्म के जरिए सनी देओल ने अपने बेटे करण देओल को बॉलीवुड में लॉन्च किया था. खुद सनी देओल ने इसका निर्देशन किया था और अपने बेटे की ग्रैंड लॉन्चिंग के लिए पानी की तरह पैसा बहाया था. खूबसूरत लोकेशंस और अच्छे गानों के बावजूद करण देओल की कमजोर एक्टिंग और फीकी लव स्टोरी के चलते फिल्म सिनेमाघरों में कोई जादू नहीं चला पाई और बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही.

