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भारतीय सिनेमा में कुछ फिल्मों को थिएटर्स तक पहुंचने में वक्त लग जाता है. एक ऐसी ही सुपरहिट फिल्म को पर्दे पर आने में पूरे 7 साल का लंबा समय लगा था. मामूली बजट में बनी इस एक्शन-थ्रिलर फिल्म ने न सिर्फ अपनी लागत से तीन गुना ज्यादा कमाई की, बल्कि इसे आज भी देशभक्ति और पुलिस इन्वेस्टिगेशन की सबसे बेहतरीन कल्ट फिल्म माना जाता है. लीक से हटकर बनी इस लाजवाब फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था.

नई दिल्ली. भारतीय सिनेमा में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जो सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर कमाई नहीं करतीं, बल्कि दर्शकों के दिलों में हमेशा के लिए खास जगह बना कर लेती हैं. एक ऐसी ही सुपरहिट फिल्म को बनने में पूरे 7 साल का लंबा वक्त लगा था. महज 8 करोड़ रुपये के मामूली बजट में बनी इस एक्शन-थ्रिलर फिल्म ने न सिर्फ अपनी लागत से 3 गुना ज्यादा कमाई की.

हम जिस फिल्म की बात कर रहे हैं उसका नाम है ‘सरफरोश’. इसे आज भी देशभक्ति और पुलिस इन्वेस्टिगेशन की सबसे बेहतरीन फिल्म माना जाता है. आज आपको इसफ फिल्म के बनने की दिलचस्प कहानी बताते हैं. बॉलीवुड में जब भी देशभक्ति, आतंकवाद और पुलिस महकमे के काम करने के तरीके पर बनी बेहतरीन फिल्मों का जिक्र होगा, तो साल 1999 में आई फिल्म ‘सरफरोश’ का नाम सबसे ऊपर आएगा.

डायरेक्टर जॉन मैथ्यू मैथन के निर्देशन में बनी यह फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक मील का पत्थर मानी जाती है. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस मास्टरपीस को पर्दे पर उतारने के लिए मेकर्स को कितनी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी. आईएमडीबी के मुताबिक, डायरेक्टर जॉन मैथ्यू इस फिल्म की स्क्रिप्टिंग और रिसर्च को लेकर इतने गंभीर थे कि उन्होंने फिल्म की कहानी लिखने और जमीनी हकीकत जानने में ही कई साल लगा दिए.
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उन्होंने खुद कई पुलिस अधिकारियों के साथ वक्त बिताया ताकि फिल्म में पुलिस की कार्यप्रणाली को बिल्कुल रियलिस्टिक दिखाया जा सके, न कि आम बॉलीवुड फिल्मों की तरह बढ़ा-चढ़ाकर. यही वजह है कि फिल्म को पूरी तरह बनने और रिलीज होने में 7 साल का लंबा वक्त लग गया.

फिल्म ‘सरफरोश’ की सबसे बड़ी यूएसपी इसकी स्टारकास्ट और उनकी शानदार एक्टिंग थी. फिल्म में आमिर खान ने एसीपी अजय सिंह राठौड़ का लीड किरदार निभाया था, जो उनके करियर के सबसे बेहतरीन किरदारों में से एक है. एक कड़क और समझदार पुलिस अफसर के रूप में आमिर ने जान फूंक दी थी.

विलेन के किरदार में पाकिस्तानी गजल गायक गुलफाम हसन का किरदार निभाने वाले नसीरुद्दीन शाह ने अपनी अदाकारी से हर किसी को हैरान कर दिया था. इसके अलावा सोनाली बेंद्रे ने आमिर की लव इंटरेस्ट का रोल निभाया, जबकि मुकेश ऋषि ने इंस्पेक्टर सलीम के किरदार में अपनी अमिट छाप छोड़ी.

फिल्म की कहानी अजय सिंह राठौड़ (आमिर खान) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका हंसता-खेलता परिवार आतंकवाद की वजह से तबाह हो जाता है. उसका भाई मारा जाता है और पिता अपाहिज हो जाते हैं. इसके बाद अजय मेडिकल की पढ़ाई छोड़कर आईपीएस ऑफिसर बनने का फैसला करता है.

वह मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच का हिस्सा बनकर भारत में सीमा पार से हो रही हथियारों की तस्करी और आतंकवाद के नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के मिशन पर निकलता है. फिल्म का यह प्लॉट देशभक्ति के जज्बे और सस्पेंस से भरपूर था. साल 1999 में जब यह फिल्म रिलीज हुई, तो उस समय इसका बजट महज 8 करोड़ रुपये के आसपास था.

फिल्म बिना किसी भारी-भरकम तामझाम के बेहद संजीदगी से बनाई गई थी. रिलीज के बाद फिल्म को क्रिटिक्स और दर्शकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला. ‘सरफरोश’ ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाते हुए लगभग 33 करोड़ रुपये का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. फिल्म सरफरोश इसके गाने जैसे ‘होशवालों को खबर क्या’ और ‘जो हाल दिल का’ आज भी लोगों की जुबान पर हैं.

