Last Updated:
भारतीय सिनेमा के इतिहास में 10 जून की तारीख बेहद खास और बॉक्स ऑफिस के लिहाज से काफी उथल-पुथल वाली रही है. अलग-अलग सालों में इस तारीख पर ऐसी फिल्में रिलीज हुईं, जिन्होंने बॉक्स ऑफिस की सोई हुई किस्मत को चमकाया. चाहे वह शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के क्लासिक उपन्यास पर बनी सैफ अली खान की ‘परिणीता’ हो, या फिर साउथ सिनेमा की तरफ से आया वह ‘महा-उद्धार’ जिसने एक इंसान और कुत्ते के रिश्ते से दर्शकों को रोने पर मजबूर कर दिया. इस रिपोर्ट में हम 10 जून को अलग-अलग सालों में रिलीज हुईं चार प्रमुख फिल्मों के बारे में…

नई दिल्ली. फिल्मी दुनिया में कुछ तारीखें सिर्फ रिलीज डेट नहीं होतीं, बल्कि इतिहास का हिस्सा बन जाती हैं. ऐसी ही एक तारीख है 10 जून, जिसने अलग-अलग सालों में भारतीय सिनेमा को चार अलग-अलग रंग दिए. 10 जून का दिन बॉक्स ऑफिस के लिए किसी उथल-पुथल से कम नहीं रहा. जहां कुछ फिल्मों को दर्शकों की उम्मीदों पर खरा उतरने में मुश्किल हुई, वहीं इन दो अलग-अलग इंडस्ट्री की फिल्मों ने अपनी मजबूत कहानी, यादगार संगीत और दमदार अभिनय के दम पर दोबारा दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच लिया. इस बदलाव ने न सिर्फ कलेक्शन में हलचल पैदा की, बल्कि यह भी दिखाया कि अच्छी फिल्में समय के साथ भी अपनी पकड़ बनाए रखती हैं. 10 जून का यह दिन बॉक्स ऑफिस के ट्रेंड्स को बदलने वाला साबित हुआ, जहां पुरानी फिल्मों ने एक बार फिर अपनी ताकत साबित कर दी.

परिणीता: आज से ठीक 21 साल पहले 10 जून 2005 को प्रदीप सरकार के निर्देशन में बनी फिल्म ‘परिणीता’ रिलीज हुई थी. विदु विनोद चोपड़ा द्वारा निर्मित यह फिल्म सैफ अली खान के करियर का टर्निंग पॉइंट मानी जाती है. इसी फिल्म से विद्या बालन ने बॉलीवुड में अपना शानदार डेब्यू किया था

‘परिणीता’ फिल्म शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के 1914 के बंगाली उपन्यास ‘परिणीता’ पर आधारित थी. 1960 के दशक के कोलकाता (तब कलकत्ता) की पृष्ठभूमि पर बनी यह कहानी बचपन के दोस्तों शेखर (सैफ अली खान) और ललिता (विद्या बालन) के इर्द-गिर्द घूमती है. उनके बीच का मूक और गहरा प्यार तब बिखरने लगता है जब गलतफहमियां, पारिवारिक अहंकार और बिजनेसमैन गिरीश (संजय दत्त) की एंट्री होती है. सैफ अली खान ने ईर्ष्या और प्यार में डूबे शेखर के किरदार को इतनी शिद्दत से निभाया कि लोग उनके अभिनय के कायल हो गए.
Add News18 as
Preferred Source on Google

30 से 32 करोड़ रुपये के बजट में बनी’परिणीता’ ने घरेलू और ओवरसीज मार्केट को मिलाकर शानदार बिजनेस किया था और इसे बॉक्स ऑफिस पर ‘सुपरहिट’ घोषित किया गया था. इस फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी इसका संगीत था, जिसे शांतनु मोइत्रा ने तैयार किया था. श्रेया घोषाल और सोनू निगम की आवाज में ‘पियू बोले’ आज भी लोगों की प्लेलिस्ट का हिस्सा हैं.

शैतान: आज ही के दिन साल 2011 में डार्क-सस्पेंस थ्रिलर का धमाका हुआ. बिजॉय नांबियार इस फिल्म के साथ बॉक्स ऑफिस पर धमाका करना चाहते थे. फिल्म अनुराग कश्यप ने प्रोड्यूस किया था. ‘शैतान’ के बजट की बात करें तो 12 करोड़ में तैयार हुई ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बजट भी नहीं निकाल पाई थी और फ्लॉप साबित हुई.

‘शैतान’ की कहानी मुंबई के पांच अमीर, बिगड़ैल और नशेड़ी दोस्तों की है, जो अपनी मस्ती में एक एक्सीडेंट कर बैठते हैं. उस हिट एंड रन केस से बचने के लिए वे पुलिस को रिश्वत देने की योजना बनाते हैं और पैसों के लिए खुद की ही दोस्त के किडनैपिंग का नाटक रचते हैं. इसके बाद कहानी जिस तरह से क्राइम, लालच और पागलपन के दलदल में धंसती है, वह दर्शकों के रोंगटे खड़े कर देती है. फिल्म में राजीव खंडेलवाल, कल्कि कोचलिन, गुलशन देवैया, राजकुमार राव और कीर्ति कुल्हारी जैसे दमदार कलाकार हैं.

दो लफ्जों की कहानी: 10 जून 2016 को रणदीप हुड्डा और काजल अग्रवाल स्टारर ‘दो लफ्जों की कहानी’ सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. दीपक तिजोरी द्वारा निर्देशित यह फिल्म कोरियन फिल्म ‘ऑलवेज’ की ऑफिशियल रीमेक थी. फिल्म की कहानी कुआलालंपुर (मलेशिया) में सेट है, जहां सूरज (रणदीप हुड्डा) एक पूर्व मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) फाइटर है, जो अपने अतीत के काले साए से भाग रहा है. उसकी मुलाकात जेनी (काजल अग्रवाल) से होती है, जो एक दृष्टिबाधित यानी अंधी लड़की है, लेकिन जिंदगी को जिंदादिली से जीती है. दोनों में प्यार हो जाता है, लेकिन जल्द ही सूरज को पता चलता है कि जेनी की आंखों की रोशनी जाने की वजह उसका ही अतीत था. जेनी के इलाज के लिए सूरज दोबारा मौत के खेल (फाइटिंग) में उतरता है.

‘दो लफ्जों की कहानी’ को मेकर्स ने 11 करोड़ के बजट में तैयार हुई थी. फिल्म को धीरज शेट्टी और अविनाश वी. राय ने प्रोड्यूस किया था. बॉक्स ऑफिस इंडिया की मानें चो फिल्म दुनिया भर से सिर्फ 3,89,20,000 रुपये ही कमा सकी. फिल्म पर डिजास्टर का ठप्पा लगा.

777 चार्ली: अब आखिर में बात उस फिल्म की, जहां हीरो नहीं बल्कि एक डॉगी ने कमाल किया. 10 जून 2022 को कन्नड़ सिनेमा की तरफ से एक ऐसी फिल्म आई, जिसने बॉक्स ऑफिस के सारे समीकरण बदल दिए. रक्षित शेट्टी स्टारर ‘777 चार्ली’ एक ऐसी मास्टरपीस फिल्म है, जो हर सिनेमाप्रेमी के दिल के बेहद करीब है.

‘777 चार्ली’ की कहानी ‘धर्मा’ (रक्षित शेट्टी) की, जो बेहद अकेला, निराश और जिंदगी से हारा हुआ इंसान है. उसकी जिंदगी में न कोई मकसद है और न ही कोई खुशी. लेकिन उसकी बेरंग दुनिया में तब अचानक बदलाव आता है, जब उसकी जिंदगी में ‘चार्ली’ नाम की एक फीमेल लेब्राडोर डॉग की एंट्री होती है. एक इंसान और जानवर के बीच का निस्वार्थ प्यार, वफादारी और उनके सफर की यह दास्तां दर्शकों के दिल को छू गई. फिल्म का क्लाइमेक्स इतना इमोशनल है कि थिएटर्स में शायद ही कोई ऐसा शख्स था जिसकी आंखें नम न हुई हों.

फिल्म ‘777 चार्ली’ महज 15 करोड़ के बजट में तैयार हुई. इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सुनामी ला दी थी. फिल्म ने दुनिया भर से 108 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार किया. इस फिल्म ने न केवल बॉक्स ऑफिस का ‘उद्धार’ किया बल्कि कन्नड़ सिनेमा को वैश्विक पटल पर एक नई पहचान दी. फिल्म के हिंदी वर्जन को सुपरहिट रहा और साउथ भाषा में इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया.

