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मनोज बाजपेयी की ‘गवर्नर’ को CUT के बाद सेंसर बोर्ड से मिली हरी झंडी, रिलीज से 3 दिन पहले मिली मंजूरी

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मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘गवर्नर’ के ट्रेलर रिलीज के बाद इसको लेकर चर्चाएं तेज हैं. फिल्म सेंसर बोर्ड से पारित नहीं हुई थी. CBFC ने फिल्म में बदलाव सुझाए थे जिसके बाद अब आखिरकार ‘गवर्नर’ को हरी झंडी मिल गई है. ये मच अवेटेड फिल्म 12 जून को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है.

मनोज बाजपेयी की 'गवर्नर' को CUT के बाद सेंसर बोर्ड से मिली हरी झंडीZoom

मनोज बाजपेयी की ‘गवर्नर’ 12 जून को रिलीज होने वाली है.

नई दिल्ली.  मनोज बाजपेयी की अपकमिंग फिल्म ‘गवर्नर’ 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है. रिलीज से कुछ दिन पहले फिल्म को सेंट्रल बोर्ड फॉर फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से हरी झंडी मिल गई है. बोर्ड ने इस राजनीतिक और आर्थिक पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म को यूए 13+ सर्टिफिकेट दिया है. हालांकि, कम उम्र के दर्शकों के लिए पेरेंट्स की निगरानी की सलाह भी दी गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोर्ड द्वारा सुझाए गए कुछ बदलाव और संशोधन लागू किए जा चुके हैं.

सच्ची घटनाओं से प्रेरित ‘गवर्नर’ भारत के इतिहास के उस दौर को बड़े पर्दे पर लाती है, जब देश गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा था. कहानी 1990 के दशक की पृष्ठभूमि में बुनी गई है, जब आर्थिक अस्थिरता और कठिन परिस्थितियों के बीच देश को कई बड़े फैसलों की जरूरत थी. फिल्म में मनोज बाजपेयी एक ऐसे गवर्नर की भूमिका निभा रहे हैं, जिनके कंधों पर देश को संकट से उबारने की जिम्मेदारी है. उनका किरदार साहस, जिम्मेदारी और दूरदर्शिता का प्रतीक बनकर सामने आता है.

यहां देखें गवर्नर का ट्रेलर

सिर्फ राजनीतिक फिल्म नहीं है ‘गवर्नर’

फिल्म का ट्रेलर पहले ही दर्शकों का ध्यान खींच चुका है. इसमें उस दौर की बेचैनी, जनता की नाराजगी और आर्थिक मोर्चे पर देश को संभालने के लिए लिए गए कठिन फैसलों की झलक दिखाई गई है. ट्रेलर यह भी संकेत देता है कि फिल्म केवल राजनीतिक घटनाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन हालातों को भी सामने लाएगी, जिनसे आम लोग प्रभावित हुए थे.

फिल्म की एक खास बात यह भी है कि निर्माता दर्शकों को 1990 के दशक का अनुभव देने के लिए उस समय के टिकट दामों की भावना को फिर से जीवित करने की कोशिश कर रहे हैं. इससे फिल्म की थीम और दौर के साथ जुड़ाव और मजबूत होता है. ‘गवर्नर’ का निर्देशन अभिनेता और फिल्ममेकर चिन्मय मांडलेकर ने किया है, जबकि इसके निर्माता विपुल अमृतलाल शाह हैं. आशीष ए. शाह सह-निर्माता के रूप में जुड़े हैं. फिल्म की कहानी और पटकथा सुवेंदु भट्टाचार्य, सौरभ भारत, रवि असरानी और विपुल शाह ने मिलकर तैयार की है. इसके गीत जावेद अख्तर ने लिखे हैं, जबकि संगीत अमित त्रिवेदी ने दिया है.

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Pranjul SinghSub-Editor

From the precision of chemistry labs to the vibrant chaos of a newsroom, my journey has been about finding the perfect formula for a great story. A graduate in Chemistry Honours from the historic Scottish Churc…और पढ़ें

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