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‘सेंशुअल और वल्गर में फर्क है’, जाह्नवी कपूर ‘पेद्दी’ विवाद पर कंगना रनौत की दो टूक, इंडस्ट्री की खोली पोल

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जाह्नवी कपूर और राम चरण की फिल्म पेद्दी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. फिल्ममेकर्स पर एक्ट्रेस को ऑब्जेक्टिफाई करने का आरोप है. बुची बाबू सना की फिल्म में जाह्नवी कपूर के किरदार पर सवाल खड़े हो रहे और अब कई दिग्गजों ने इसपर अपनी राय रखी है. करीना कपूर, जया बच्चन के बाद अब कंगना रनौत ने जाह्नवी कपूर के ऑब्जेक्टिफिकेशन पर सवाल खड़े करते हुए अपनी दो टूक राय रखी.

kangana Ranaut Marriag

नई दिल्ली. कंगना रनौत हाल ही में अपनी फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ के प्रमोशन के लिए इवेंट में पहुंची थीं जहां उन्होंने जाह्नवी कपूर विवाद पर अपनी राय रखी. वो कहती हैं कि इंडस्ट्री में हमेशा से एक्ट्रेस को हाइपर सेक्शुअलाइज करने की कोशिश की जाती है. उन्होंने कई आइटम सॉन्ग का उदाहरण भी दिया.

kangana Ranaut Fashion

इंडिया टुडे से बात करते हुए कंगना रनौत ने जाह्नवी कपूर के विवाद पर चर्चा की. बातचीत में कंगना ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री पर अक्सर महिलाओं को जिस तरह से दिखाया जाता है, उसके लिए आलोचना होती रही है, लेकिन ऑब्जेक्टिफिकेशन की समस्या सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं है. उन्होंने कहा कि महिलाएं रोजमर्रा की जिंदगी में भी ऑब्जेक्टिफिकेशन का सामना करती हैं.

kangana Ranaut Fashion

कंगना ने माना कि हिंदी सिनेमा ने कई बार महिलाओं को गलत नजरिए से दिखाया है. कंगना से पूछा गया कि मेनस्ट्रीम सिनेमा में आज भी महिलाओं के किरदारों को हाइपरसेक्सुअलाइज क्यों किया जाता है, जबकि मजबूत महिला किरदारों की मांग बढ़ रही है. ‘क्वीन’ एक्ट्रेस ने कहा कि ऑब्जेक्टिफिकेशन सिर्फ सिनेमा तक सीमित नहीं है.

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वो इस बारे में आगे कहती हैं, ‘महिलाओं का ऑब्जेक्टिफिकेशन लोकल ट्रेन में भी होता है. तो ये कहना कि सिर्फ फिल्मों में ऐसा होता है, गलत है. अगर आप लोकल ट्रेन में जाएं, तो धक्का-मुक्की, मारपीट, लोकल बस में भी यही होता है. सड़क पर भी होता है. तो इसका फिल्मों से कोई लेना-देना नहीं है’.

साथ ही वो मानती हैं कि फिल्मों में एक्ट्रेसेस को गलत तरीके से दिखाया जाता है. उन्होंने आगे कहा, ‘फिल्मों का नजरिया महिलाओं के लिए बहुत कठोर रही है. चाहे वो ‘सेक्सी-सेक्सी मुझे लोग बोले’ जैसे आइटम सॉन्ग हों या ‘सरकाइयो खटिया’, ऐसी कई चीजें. कई बार लालच और अश्लीलता की वजह से महिलाओं के साथ अन्याय होता है’.

एक्ट्रेस ने यह भी कहा कि रिप्रेजेंटेशन पर होने वाली बातचीत में संतुलन जरूरी है. कंगना ने ऑनलाइन ट्रोलिंग के बढ़ते चलन पर चिंता जताई और कहा कि दर्शक बिना कहानी समझे सिर्फ एक सीन देखकर प्रतिक्रिया देने लगते हैं.

वर्क फ्रंट पर बात करें तो कंगना रनौत की फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ 12 जून को रिलीज होने वाली है. फिल्म 26-11 को मुंबई में हुए हमले पर बेस्ड है. इसमें नर्सेस के रोल के महत्व को दिखाया गया है.

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