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बॉलीवुड के इतिहास में कुछ तारीखें ऐसी हैं, जिन्हें फिल्म मेकर्स भूलना पसंद करते हैं. ऐसी ही एक तारीख है- 8 जून. साल 2001 से 2012 के बीच यह तारीख बॉक्स ऑफिस के लिए ‘बुरा साया’ साबित हुई. इस दौरान 8 जून को रिलीज हुई सभी छोटी-बड़ी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रहीं. इस लिस्ट में मिथुन चक्रवर्ती, मनोज बाजपेयी, इमरान हाशमी और अभय देओल जैसे दिग्गज एक्टर्स की फिल्में शामिल थीं, लेकिन ‘8 जून’ का श्राप ऐसा था कि किसी का स्टारडम काम नहीं आया और मेकर्स को सिर्फ तबाही का स्वाद चखना पड़ा.

नई दिल्ली. अंधविश्वास और तारीखों का खेल फिल्म इंडस्ट्री में बहुत पुराना रिवाज है. कोई अपनी फिल्में दिवाली पर रिलीज करना चाहता है, तो कोई ईद या क्रिसमस पर स्क्रीन बुक करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करता है. लेकिन, क्या आपने कभी सुना है कि कैलेंडर का कोई खास दिन पूरी इंडस्ट्री के लिए ‘ग्रहण’ बन गया हो? जी हां, 8 जून बॉलीवुड के इतिहास में ऐसी ही एक तारीख रही है. 2001 से 2012 तक, 11 साल तक इस तारीख को रिलीज हुई हर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप और डिजास्टर रही. इस दौरान न तो मिथुन चक्रवर्ती का एक्शन चला, न इमरान हाशमी का मधुर संगीत और न ही मनोज बाजपेयी की सीरियस परफॉर्मेंस. तो आइए, जानते हैं 8 जून को अब तक रिलीज हुईं उन 8 फ्लॉप डिजास्टर बॉलीवुड फिल्मों के बारे में.

पागलपन (8 जून, 2001): बॉलीवुड को इस फिल्म से बहुत उम्मीदें थीं. इसने नए चेहरों (करण नाथ और आरती अग्रवाल) को लॉन्च किया. उस समय फिल्म का म्यूजिक बहुत पसंद किया गया था, लेकिन जैसे ही यह 8 जून को थिएटर में आई, दर्शकों ने इसे पूरी तरह से रिजेक्ट कर दिया. कमजोर स्क्रीनप्ले और खराब डायरेक्शन की वजह से फिल्म अपना बजट नहीं निकाल पाई और एक बड़ी फ्लॉप साबित हुई.

बंगाल टाइगर (8 जून, 2001): उसी शुक्रवार को बॉलीवुड के ‘डिस्को डांसर’ मिथुन चक्रवर्ती की एक्शन-ड्रामा ‘बंगाल टाइगर’ रिलीज हुई थी. मिथुन चक्रवर्ती 90 के दशक में बहुत हिट रहे, खासकर सिंगल-स्क्रीन थिएटर में. लेकिन, 8 जून का जादू इतना उल्टा पड़ा कि मिथुन चक्रवर्ती का पुराना रूप भी फिल्म को नहीं बचा सका. खराब विजुअल्स और पुरानी कहानी की वजह से बॉक्स-ऑफिस पर बुरी तरह डिजास्टर हो गई.
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द ट्रेन (8 जून, 2007): उस समय, इमरान हाशमी को बॉक्स ऑफिस पर सफलता की गारंटी माना जाता था. उनके गाने चार्टबस्टर होते थे और फिल्में आसानी से अपना बजट वसूल कर लेती थीं. ‘द ट्रेन’ के गाने आज भी पॉपुलर हैं. हालांकि इमरान हाशमी, गीता बसरा और सायली भगत स्टारर यह सस्पेंस थ्रिलर दर्शकों को थिएटर तक खींचने में नाकाम रही. फिल्म की स्क्रिप्ट इतनी उलझी हुई थी कि दर्शकों के सिर के ऊपर से निकल गई और इमरान के करियर पर एक बड़ा धब्बा बन गई.

रेड स्वस्तिक (8 जून, 2007): यह शर्लिन चोपड़ा स्टारिंग एक इरोटिक थ्रिलर थी. मेकर्स ने बोल्ड कंटेंट से ऑडियंस को अट्रैक्ट करने की कोशिश की, लेकिन कमजोर कहानी और खराब एग्जिक्यूशन की वजह से इसे पूरी तरह रिजेक्ट कर दिया गया. कहा जाता है कि इस फिल्म को रिलीज के साथ ही थिएटर से कुछ शो के बाद ही हटा दिया गया था.

MP3- मेरा पहला पहला प्यार (8 जून, 2007): यह एक टीनएज लव स्टोरी थी. रुस्लान मुमताज और हेजल क्राउनी स्टारिंग इस फिल्म का टाइटल ट्रैक आज भी एक पॉपुलर हिट है. मेकर्स को इस फिल्म से बहुत उम्मीदें थीं, जो यूथ को ध्यान में रखकर बनाई गई थी, लेकिन ‘8 जून’ के साथ बॉक्स ऑफिस क्लैश ने इस प्यारी लव स्टोरी पर पानी फेर दिया.

स्वामी (8 जून, 2007): मनोज बाजपेयी को बॉलीवुड के सबसे अच्छे एक्टर्स में से एक माना जाता है. इस फिल्म में उन्होंने जूही चावला जैसी मंझी हुई एक्ट्रेस के साथ काम किया था. ‘स्वामी’ एक बहुत इमोशनल और सीरियस फिल्म थी जिसे क्रिटिक्स ने सराहा, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर कोई कमर्शियल सक्सेस नहीं मिली. 8 जून को रिलीज हुई यह फिल्म थिएटर्स में ऑडियंस को अट्रैक्ट नहीं कर पाई और इसे एक डिजास्टर घोषित कर दिया गया.

शंघाई (8 जून, 2012): 5 साल की चुप्पी के बाद, 2012 में जाने-माने डायरेक्टर दिबाकर बनर्जी ने 8 जून की तारीख को चैलेंज करने का फैसला किया. यह फिल्म ‘शंघाई’ थी, जिसमें इमरान हाशमी, अभय देओल, कल्कि कोचलिन और प्रोसेनजीत चटर्जी जैसे पावरहाउस परफॉर्मर थे. इस फिल्म ने कल्ट सिनेमा लवर्स के बीच काफी चर्चा बटोरी. इमरान हाशमी ने फिल्म के लिए अपना लुक भी बदला और उनके परफॉर्मेंस की काफी तारीफ हुई. हालांकि, आम लोगों को यह डार्क पॉलिटिकल ड्रामा पसंद नहीं आया. मल्टीप्लेक्स में इसे कम ऑडियंस मिली, लेकिन सिंगल स्क्रीन पर यह पूरी तरह फ्लॉप रही. बड़े बजट और स्टार कास्ट के बावजूद, ‘शंघाई’ अपनी लागत वसूल नहीं कर पाई और इस तरह 8 जून के इतिहास में यह एक और फ्लॉप फिल्म बन गई.

