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वेब सीरीज ‘पंचायत’ में अपनी सादगी और शानदार एक्टिंग से दर्शकों को लुभाने वाले मशहूर एक्टर रघुबीर यादव आजकल अपनी आने वाली फिल्म ‘द नर्मदा स्टोरी’ को लेकर चर्चा में हैं. इस दौरान, उन्होंने News18 Hindi से एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में अपनी फिल्मी यात्रा और अपने स्टेज के दिनों के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने फैन्स के पसंदीदा सवाल ‘पंचायत सीजन 5’ के आने के बारे में एक बड़ा और जरूरी अपडेट भी शेयर किया.
वेब सीरीज ‘पंचायत’ फेम रघुबीर यादव से खास बातचीत.
नई दिल्ली. वेब सीरीज ‘पंचायत’ से अपनी पहचान बनाने वाले दिग्गज अभिनेता रघुबीर यादव जल्द ही एक नई फिल्म में नजर आएंगे. वह इन दिनों अपनी मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘द नर्मदा स्टोरी’ के प्रमोशन में बिजी हैं. वह फिल्म के प्रमोशन में जोर-शोर से लगे हुए हैं. इसी सिलसिले में उन्होंने News18 Hindi से खास बातचीत की. उन्होंने अपनी आने वाली फिल्म ‘द नर्मदा स्टोरी’ में अपने रोल के बारे में बात की. उन्होंने यह भी बताया कि ‘पंचायत’ का अगला सीजन यानी सीजन 5 कब रिलीज होगा.
अगर ‘पंचायत’ 20 साल पहले आई होती, तो आज हम प्रधान जी को कहां देख रहे होते?
प्रधान जी को प्रधान जी में ही देखते. 20 साल पहले क्यों? क्या पता अभी से ही 20 साल आगे शुरू हो जाए. प्रधान जी आगे भी 20 साल चलते रहे… ये भी तो हो सकता है. ‘पंचायच’ के बाद मेरे अंदर कोई बदलाव नहीं आया है. मै तो हमेशा हर काम को नए सिरे से शुरू करता हूं या ये कह लें कि जीरो से शुरू करता हूं, जो भी नया मिलता है तो मुझे लगता है कि मैंने शुरुआत अभी ही की है. कोई भी नया रोल मिलता है तो मैं वहीं से शुरू करता हूं. यही मेरी फितरत है.
फिल्म ‘द नर्मदा स्टोरी’ में आप किस तरह की भूमिका में हैं?
दरअसल, मुझे किसी भी तरह की भूमिका मिले तो मैं सबसे पहले देखता हूं कि इसमें जहीनी खुराफात क्या कहता है, जहन क्या-क्या कहता है तो बस इसमें मुझे लगा कि इसमें मुझे बहुत जद्दोजहद करनी पड़ेगी, जहीनी तौर पर.. तो वो था इश किरदार के अंदर.
’पंचायत’ के बाद, लोग आपको प्राधन जी से ज्यादा जानने लगे हैं या रधुबीर यादव के नाम से?
मेरे तो अड़ोस-पड़ोस के लोग भी प्रधान जी के नाम से ही बुलाते हैं. वे लोग तो मेरा असली नाम ही भूल गए हैं. कभी-कभी तो ऐसा लगता है कि मैं ही अपना नाम भूल चुका हूं. मुझे देखना पड़ता है कि मेरा नाम क्या है. एक बात बताऊं कि मैंने 1967 से थिएटर शुरू किया था और तब से मैं थिएटर कर रहा हूं. मैं तो गांव-गांव जाकर थिएटर किया हूं तो जिस दिन आपके अंदर ये आ गया कि आपको एक्टिंग करना है तो फिर वो मजा आता नहीं है और पंचायत मैंने वहीं किया जो थिएटर में करता आया हूं.
थिएटर करते वक्त कभी ऐसा हुआ कि आप डायलॉग भूल गए?
हम लोगों को संभालना बहुत आसानी से आता है. हमें तो कहानी बता दिया जाता था और हम लगो पूरा नाटक कर लिया करते थे. हम लोग गांव में जाते थे नाटक करने के लिए तो वहां मह लोगों को घुसने नहीं देते थे, लेकिन जब वहां रहकर नाटक करने लगते थे तो फिर वहां के लोग हमें गांव से निकलने नहीं देते थे.
अगर आप सच में किसी गांव के प्रधान होते तो कौन सी समस्या आप सबसे पहले हल करना चहाते?
सबसे पहले मैं एजुकेशन पर काम करता और बड़े जमीनी वाला एजुकेशन, जिससे बच्चे आगे बढ़ें. मैं अभी थिएटर जाता रहता हूं और बच्चों को एक्टिंग सिखाता हूं, क्योंकि मेरा कनेक्शन थिएटर से है तो मैं एक्टिंग ही सिखा सकता हूं बच्चों को फिलहाल. सबके अंदर कुछ न कुछ हुनर है तो मैं कभी कभी स्कूलों में चला जाता हूं और बच्चों गाइड करने की पूरी कोशिश भी करता हूं और जहां तक नबरों का चक्कर है तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, इससे बच्चे और बरगला जाते हैं. बच्चों में ये होना चाहिए कि वे इमानदारी से अपने एजुकेशन को पूरा करें, ताकी उस इमानदारी एजुकेशन की वजह से आप अपनी जिंदगी में कुछ कर पाए.
’पंचायत’ का नया सीजन कब आ रहा है?
इस बारे में सच कहूं तो मुझे कुछ नहीं पता. अभी सजन 5 आधा शूट हो चुका है और आधा अभी बाकी है. अभी नया सीजन आने वक्त लगेगा. हो सकता है कि साल 2026 का अंत में आ जाए, लेकिन अभी कंफर्म कर पाना थोड़ा मुश्किल है.
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पिछले 15 सालों से डिजिटल मीडिया की दुनिया में एक्टिव, प्रतीक शेखर अभी News18 में एंटरटेनमेंट हेड के तौर पर काम कर रहे हैं. एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की गहरी समझ के साथ, प्रतीक ने खुद को एक …और पढ़ें

